14वां चीन-ब्रिटेन राजनीतिक पार्टी संवाद यांगचो में संपन्न, रणनीतिक साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के च्यांगसू प्रांत के यांगचो शहर में 27 मई 2025 को 14वें चीन-ब्रिटेन राजनीतिक पार्टी संवाद का आयोजन किया गया। इस संवाद का केंद्रीय विषय था — 'चीन और ब्रिटेन के बीच दीर्घकालिक, स्थिर और व्यापक रणनीतिक साझेदारी के निर्माण में राजनीतिक पार्टियों की भूमिका।' कार्यक्रम में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के निदेशक ल्यू हाईशिंग ने मुख्य भाषण दिया।
संवाद में कौन-कौन शामिल हुए
इस संवाद में 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें चीन के संबंधित मंत्रालयों, स्थानीय सरकारों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल थे। ब्रिटेन की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री और ग्रेट ब्रिटेन-चाइना सेंटर के अध्यक्ष डेविड लिडिंगटन, लेबर पार्टी और कंजर्वेटिव पार्टी के प्रतिनिधि, चीन में ब्रिटिश दूतावास एवं वाणिज्य दूतावास के अधिकारी तथा दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
ल्यू हाईशिंग का संबोधन: बड़ी शक्तियों की जिम्मेदारी
ल्यू हाईशिंग ने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में चीन और ब्रिटेन को बड़ी शक्तियों की जिम्मेदारियाँ निभानी चाहिए। उन्होंने वास्तविक बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने, संवेदनशील मुद्दों के राजनीतिक समाधान को प्रोत्साहित करने और अधिक न्यायपूर्ण एवं तर्कसंगत वैश्विक शासन व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
ल्यू ने यह भी रेखांकित किया कि समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व तथा समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देना आज के समय की माँग है। उन्होंने कहा कि सीपीसी, ब्रिटेन की राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर आपसी सहमति बढ़ाने, रचनात्मक संवाद को मजबूत करने और व्यावहारिक सहयोग को नई गति देने के लिए तत्पर है। नीतिगत एजेंडा, विकास योजनाओं, शासन अनुभवों और वैश्विक मुद्दों पर संवाद को और गहरा करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
ब्रिटिश प्रतिनिधियों का पक्ष
डेविड लिडिंगटन समेत ब्रिटिश प्रतिनिधियों ने कहा कि ब्रिटेन और चीन महत्वपूर्ण साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक, स्थिर एवं व्यापक रणनीतिक साझेदारी दोनों पक्षों के हित में है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल और अनेक अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच दोनों देशों को उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखना चाहिए और मतभेदों का रचनात्मक समाधान करना चाहिए।
ब्रिटिश प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक, आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को और गहरा करने के साथ-साथ तकनीकी नवाचार और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएँ तलाशने पर भी बल दिया।
आगे की राह
यह संवाद ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। दोनों पक्षों के बीच इस तरह के नियमित संवाद चीन-ब्रिटेन संबंधों को स्थिरता देने में सहायक माने जाते हैं। अगले संवाद की तिथि और स्थान की घोषणा आने वाले समय में अपेक्षित है।