चीनी प्रतिनिधि ने आतंकवाद के खिलाफ चुनिंदा दृष्टिकोण और दोहरे मापदंडों का विरोध किया
सारांश
Key Takeaways
- चुनिंदा दृष्टिकोण और दोहरे मापदंडों का विरोध आवश्यक है।
- आतंकवाद के मूल कारणों को खत्म करने के लिए संघर्ष और ग़रीबी को कम करने की आवश्यकता है।
- संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति महत्वपूर्ण है।
- अफ्रीका के सहयोग को बढ़ाना जरूरी है।
बीजिंग, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 4 मार्च को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति के कार्यान्वयन पर आयोजित एक ब्रीफिंग में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के मुद्दे पर चुनिंदा दृष्टिकोण और दोहरे मापदंडों का सख्त विरोध करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि आतंकवाद की मूल जड़ों को खत्म करने के लिए संघर्ष और ग़रीबी को कम करने के साथ-साथ विभिन्न सभ्यताओं के बीच विविधता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना आवश्यक है।
फू थ्सोंग ने कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले अपनाई गई संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति ने आतंकवाद को रोकने और इससे निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में केंद्रीय समन्वय भूमिका को बनाए रखने का समर्थन करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में आतंकवाद कई जटिल कारकों से प्रभावित हो रहा है, जैसे कि सशस्त्र संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, सामाजिक असमानता, और उभरती प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति की नौवीं समीक्षा को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखना चाहिए।
उन्होंने अफ्रीकी देशों और अफ्रीकी संघ जैसे क्षेत्रीय संगठनों के साथ सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि अफ्रीका को आतंकवाद विरोधी क्षमता को मजबूत करने में प्रभावी सहायता मिल सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)