22 सितंबर 2026
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जमुई छेड़छाड़ मामला: BJP ने कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, SIT गठित; तेजस्वी राहुल ने साधा निशाना

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जमुई छेड़छाड़ मामला: BJP ने कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, SIT गठित; तेजस्वी राहुल ने साधा निशाना

सारांश

बिहार के जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। BJP ने SIT गठन और कड़ी सजा का भरोसा दिलाया, तो तेजस्वी और राहुल गांधी ने सम्राट चौधरी सरकार को घेरा। मुख्य आरोपी अभी फरार है, तीन गिरफ्तार।

मुख्य बातें

जमुई में नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ की घटना पर 22 सितंबर 2026 को बिहार में राजनीतिक विवाद तेज हुआ।
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की; तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फरार।
मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित; आरोपियों पर POCSO अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री रामकृपाल यादव ने राहुल गांधी पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने सम्राट चौधरी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।

बिहार के जमुई में एक नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ की घटना ने 22 सितंबर 2026 को राज्य की राजनीति को गर्मा दिया। घटना सामने आते ही पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की, तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। बिहार भाजपा (BJP) ने जहाँ पुलिस की त्वरित कार्रवाई का बचाव किया, वहीं विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी सरकार को घेरना जारी रखा।

मुख्य घटनाक्रम

जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ की सूचना मिलते ही पुलिस ने खुद एफआईआर दर्ज की — यह एक असामान्य कदम था जो मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है। तीन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और मुख्य आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन भी किया गया है। आरोपियों पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई है।

भाजपा की प्रतिक्रिया

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने घटना को 'सभ्य समाज में पूरी तरह अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि इसकी कितनी भी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहा, "मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ही इस तरह की हरकत कर सकता है। पुलिस ने जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी और मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

सरावगी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण मिलता था और हर तरह की आपराधिक घटनाएँ होती थीं। उन्होंने आगाह किया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं को 'अपना चेहरा छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी।'

सरकार की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस घटना को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यादव ने कहा कि POCSO अधिनियम के तहत गिरफ्तार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

विपक्ष का हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार पर सवाल उठाए। दोनों ने सोशल मीडिया पर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की।

इस पर मंत्री रामकृपाल यादव ने राहुल गांधी पर पलटवार किया और कहा कि उन्हें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी अपने उन राज्यों को देखें जहाँ उनकी सरकारें हैं और वहाँ की कानून व्यवस्था की समीक्षा करें।"

क्या होगा आगे

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जाँच की तत्काल प्राथमिकता है। SIT की जाँच रिपोर्ट के बाद आरोपियों के खिलाफ POCSO के तहत औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे धीरे शुरू हो रही हैं और राज्य की कानून व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। गौरतलब है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस तरह की घटनाएँ बिहार में बार बार राजनीतिक विवाद का विषय बनती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक जवाबदेही का ढाँचा कभी नहीं बन पाया। SIT का गठन और POCSO का हवाला प्रशासनिक सक्रियता का संकेत देते हैं, पर असली परीक्षा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और अदालत में दोषसिद्धि से होगी। राजनीतिक दलों का ध्यान एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में है, जबकि पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय और पुनर्वास की बात पृष्ठभूमि में चली जाती है — यही मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमुई छेड़छाड़ मामला क्या है?
बिहार के जमुई में एक नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्वतः एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश में छापेमारी जारी है।
जमुई मामले में SIT का गठन क्यों किया गया?
घटना की गंभीरता और राजनीतिक दबाव को देखते हुए बिहार पुलिस ने विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया है। SIT POCSO अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ जाँच करेगी और आरोप पत्र तैयार करेगी।
भाजपा ने जमुई मामले पर क्या कहा?
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि ऐसी घटनाएँ समाज में बिल्कुल अस्वीकार्य हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री रामकृपाल यादव ने POCSO के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने इस मामले पर क्या रुख अपनाया?
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। दोनों ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
POCSO अधिनियम के तहत इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?
POCSO अधिनियम नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है। बिहार सरकार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर इसी अधिनियम के तहत मामला दर्ज होगा और उन्हें कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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