जमुई छेड़छाड़ कांड पर मंत्री श्रवण कुमार बोले — 'अपराधी की न जाति होती है, न धर्म', SIT गठित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की दर्दनाक घटना पर राज्य सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने 22 सितंबर 2026 को विपक्षी नेताओं — विशेषकर तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव — पर कड़ा पलटवार किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष की धरपकड़ के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है।
मंत्री श्रवण कुमार का बयान
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'अपराधी की न तो कोई जाति होती, न धर्म होता है। अपराधी, अपराधी होता है। बिहार की सरकार अपराधियों पर नकेल कसी हुई है। जमुई की घटना बहुत दर्दनाक और शर्मसार करने वाली है। इस घटना से बिहार के लोग आहत हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकारी कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस को स्कूटी मुहैया कराई गई है और समाज में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
तेजस्वी यादव पर निशाना
मंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पर प्रहार करते हुए कहा, 'तेजस्वी यादव केवल सवाल खड़ा करना चाहते हैं। इस घटना पर उन्हें संवेदना व्यक्त करनी चाहिए, न कि सरकार से सवाल पूछना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि शेष आरोपियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तेज प्रताप यादव पर टिप्पणी करते हुए श्रवण कुमार ने कहा, 'बिहार में शर्मसार कर देने वाली घटना घटी है। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार पूरी तरह एक्शन में है और इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
सांसद लवली आनंद की प्रतिक्रिया
शिवहर से सांसद लवली आनंद ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। इस घटना में जो भी शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोग नारी का अपमान कैसे कर सकते हैं — इस घटना में शामिल लोगों को सरकार भी माफ नहीं करेगी।'
जाँच और सरकारी कदम
प्रशासन के अनुसार, अब तक तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बचे हुए अपराधियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए SIT का गठन किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच तेज़ गति से जारी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले से ही महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस दिशा में कदम उठाने का दावा करती रही है।
आगे क्या
SIT की जाँच रिपोर्ट आने के बाद अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने की उम्मीद है। राजनीतिक दलों का दबाव देखते हुए पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी पर सभी की निगाहें टिकी हैं।