समस्तीपुर छेड़छाड़ मामले पर बिहार में सियासी घमासान, मंत्री बोले — दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ गया है। जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के महज कुछ ही दिन बाद समस्तीपुर की यह घटना सामने आई है, जिसके बाद विपक्ष ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। सत्ता पक्ष के नेताओं ने घटनाओं की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विपक्ष का हमला: कानून-व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में लूट, हत्या, दुष्कर्म, मारपीट और दंगा-फसाद जैसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। उनके अनुसार, जमुई के बाद समस्तीपुर और फिर दरभंगा से युवतियों के साथ छेड़खानी की घटनाएँ उजागर होना बिहार में कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को दर्शाती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि कोई भी सरकार हर घटना को पूरी तरह नहीं रोक सकती, लेकिन ऐसी घटनाओं को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह बयान सत्ता पक्ष के लिए एक संतुलित, फिर भी तीखी आलोचना माना जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया: सख्त कार्रवाई का वादा
मंत्री संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बेटियों के खिलाफ इस तरह की हरकत करने वालों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह जमुई मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, उसी तरह समस्तीपुर के दोषियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री अशोक चौधरी ने इन घटनाओं को 'दुखद' करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमुई में कार्रवाई हो चुकी है और समस्तीपुर में भी पुलिस ने तत्परता से कदम उठाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा — चाहे वे किसी भी दल से जुड़े हों या उनका कितना भी प्रभाव हो।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की चिंता
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर दोनों घटनाओं को 'गंभीर चिंता का विषय' बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे बात की है। पासवान ने यह भी माँग की कि यदि अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बिहार में कानून का राज मजबूत हो और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें।
भाजपा विधायक की अपील: मानसिकता बदलने की जरूरत
भाजपा विधायक रंजन कुमार ने घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी हरकतें बेहद शर्मनाक हैं और समाज, विशेष रूप से युवाओं, को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाना भी गलत है — वीडियो बनाने के बजाय पीड़ित की मदद करना अधिक ज़रूरी है। गौरतलब है कि घटनाओं का वीडियो बनाना तेजी से एक सामाजिक चलन बनता जा रहा है, जो पीड़ितों की गरिमा के लिए अलग तरह की चुनौती पेश करता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा पहले से ही राजनीतिक विमर्श के केंद्र में है। जमुई, समस्तीपुर और दरभंगा — तीन अलग-अलग जिलों से एक के बाद एक ऐसी घटनाएँ सामने आना विपक्ष को सरकार घेरने का लगातार मौका दे रहा है। सरकार ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन असली परीक्षा इन मामलों में त्वरित न्याय और अपराधियों की दोषसिद्धि से होगी।