जमुई और दिल्ली गैंगरेप पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार का हमला: 'अपराधियों में कानून का खौफ नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने 22 सितंबर 2026 को बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ दुर्व्यवहार और दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप की घटनाओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों में कानून का पर्याप्त भय नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त, निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
मनोज कुमार की मुख्य प्रतिक्रिया
मनोज कुमार ने जमुई की घटना को 'मानवता को शर्मसार करने वाला' बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पीड़ित बच्ची किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज और देश की बच्ची है — और इसी नज़रिए से इन मामलों को देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नेता इस तरह की घटना को 'छोटी-मोटी' घटना बताता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसद ने कहा कि समाज और राजनीति में ज़िम्मेदारी का दावा करने वाले लोगों को ऐसी घटनाओं पर संवेदनशील भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, और राजनीतिक पद पर बैठे लोगों की यह नैतिक जवाबदेही है।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल
मनोज कुमार ने बिहार के शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है — मामले में निष्पक्ष जाँच और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि गिरफ्तार आरोपियों को बाद में जमानत मिल सकती है, और यदि ऐसे आरोपियों का सार्वजनिक रूप से स्वागत या राजनीतिक संरक्षण होता है, तो इससे अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का शासन तभी मज़बूत होगा जब अपराधियों को यह संदेश मिले कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अवश्य होगी।
दिल्ली गैंगरेप पर प्रशासन को घेरा
दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप की घटना पर भी मनोज कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में नाबालिगों के खिलाफ हो रही ऐसी घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय हैं और प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, वहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। यह राजनीतिक बयान विपक्षी पार्टी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें महिला सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।
आम जनता और बच्चियों की सुरक्षा पर ज़ोर
मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चियों के खिलाफ अपराधों पर राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से माँग की कि बच्चियों को सुरक्षित माहौल मिले और वे बिना भय के पढ़ाई कर सकें।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में बाल यौन अपराधों के मामलों को लेकर सामाजिक आक्रोश तेज़ है। गौरतलब है कि POCSO अधिनियम के तहत मामलों में त्वरित सुनवाई और फास्ट-ट्रैक अदालतों की माँग लंबे समय से उठती रही है। मनोज कुमार ने अंत में कहा कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई से ही जनता में सुरक्षा का भरोसा मज़बूत होगा।