ट्रांस-अरुणाचल हाईवे मुआवजा घोटाला: ईडी ने ₹6.77 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कीं, कुल वसूली ₹16.90 करोड़ पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ईटानगर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 6 नवंबर 2026 को ट्रांस-अरुणाचल हाईवे (TAH) भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में ₹6.77 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया है। इस कार्रवाई के साथ इस मामले में अब तक ज़ब्त की गई कुल अपराध-अर्जित संपत्ति ₹16.90 करोड़ तक पहुँच गई है।
कौन-सी संपत्तियाँ जब्त हुईं
ताज़ा जब्ती में तीन अचल संपत्तियाँ शामिल हैं। पहली, पश्चिम सियांग जिले के आलो स्थित येग्गो गाँव में लगभग 2,250 वर्ग मीटर की एक आवासीय संपत्ति है, जो जीरो के तत्कालीन उपायुक्त स्वर्गीय केमो लोलेन के नाम पर है और जिसका मूल्य ₹2.40 करोड़ आँका गया है। दूसरी, पापुम पारे जिले के दोईमुख स्थित टिगडो गाँव में लगभग 10,720 वर्ग मीटर में फैला 'जेयूच हट्स रिसॉर्ट' है, जो तत्कालीन जूनियर इंजीनियर टोको ताजे के बेटे टोको थाट जोतम के नाम पर दर्ज है और जिसका मूल्य ₹2 करोड़ है। तीसरी, नाहरलगुन के ए-सेक्टर में एक आवासीय/व्यावसायिक संपत्ति है, जो तादार बाबिन के नाम पर है और जिसकी कीमत ₹2.37 करोड़ बताई गई है।
घोटाले का पूरा घटनाक्रम
ईडी ने यह जाँच ईटानगर के एसआईसी (सतर्कता) पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जाँच में सामने आया कि सरकारी कर्मचारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत करके और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करके टीएएच परियोजना (पोटिन-बोपी खंड) के तहत फर्ज़ी या अयोग्य लाभार्थियों को कथित तौर पर ₹44.98 करोड़ का भुगतान किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुँचा।
जाँच के अनुसार, एक अयोग्य व्यक्ति को धोखाधड़ी से लाभार्थी सूची में शामिल करने के बदले स्वर्गीय केमो लोलेन को कथित तौर पर ₹2 करोड़ दिए गए। इनमें से ₹40 लाख 'मेसर्स तेनजिन एंटरप्राइज़ेज़' के ज़रिए भेजे गए और बाद में उनके बेटे के माध्यम से उन्हें सौंपे गए।
इसके अलावा, ₹2 करोड़ टोको ताजे की पत्नी टोको योच के बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए, जिन्हें बाद में कई अलग-अलग खातों के ज़रिए लेयरिंग द्वारा छिपाने की कोशिश की गई। वहीं तादार बाबिन को कथित तौर पर लगभग ₹5.47 करोड़ का मुआवजा दिया गया, जबकि जाँच में पाया गया कि परियोजना क्षेत्र में उनके पास न कोई भूमि थी, न कोई ढाँचा, और न ही वे कानूनी रूप से मुआवजे के हकदार थे।
पहले की जाँच कार्रवाइयाँ
इस मामले में पूर्व की कार्रवाइयों में लगभग ₹5.14 करोड़ के बैंक बैलेंस और जमा को फ्रीज़ करना तथा 6 फरवरी 2026 को की गई तलाशी में ₹2.62 करोड़ नकद जब्त करना शामिल है। इस नकदी में लिखा माज से ₹2.40 करोड़ और तादार बाबिन से ₹22 लाख बरामद हुए थे। साथ ही तादार बाबिन और लिखा माज की ₹2.37 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियाँ भी पहले जब्त की जा चुकी हैं।
न्यायालय में कार्यवाही
ईडी ने इस मामले में 12 मार्च 2024 को अभियोजन शिकायत दर्ज की थी, जिसका संज्ञान विशेष न्यायालय (PMLA), युपिया ने 14 मार्च 2024 को लिया। इसके बाद 30 मार्च 2026 को एक पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई। ईडी की ओर से आगे की जाँच जारी बताई जा रही है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह मामला अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण मुआवजे की प्रक्रिया में कथित पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। ईडी की जाँच का दायरा अभी और विस्तृत होने की संभावना है, क्योंकि ₹44.98 करोड़ के कुल कथित भुगतान के सापेक्ष अब तक ₹16.90 करोड़ की ही वसूली हो पाई है।