लाडा-सारली हाईवे मुआवजा घोटाला: ईडी ने न्याकपो यांगफो की ₹2.69 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरुणाचल प्रदेश की लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में 14 अगस्त 2026 को बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए आरोपी न्याकपो यांगफो की ₹2.69 करोड़ मूल्य की दो अचल संपत्तियों को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी के ईटानगर सब-जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई परियोजना के पैकेज-4 और पैकेज-5 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आकलन और वितरण में कथित अनियमितताओं के आधार पर की है।
कुर्क संपत्तियों का विवरण
ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में पपुम पारे जिले के बालिजन सर्किल स्थित तारासो गांव में 7,950 वर्ग मीटर भूमि शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.59 करोड़ आंकी गई है। इसके अलावा चेस्सा गांव में 3,440 वर्ग मीटर भूमि और दो मछली तालाब भी कुर्क किए गए हैं, जिनका मूल्य लगभग ₹1.10 करोड़ बताया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि और जांच का आधार
ईडी ने यह जांच अरुणाचल प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, ईटानगर द्वारा दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर शुरू की थी। उस एफआईआर में कई सरकारी अधिकारियों और निजी लाभार्थियों पर भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आकलन, स्वीकृति और भुगतान में व्यापक अनियमितता तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि न्याकपो यांगफो परियोजना के लाभार्थियों में शामिल था और उसे पैकेज-IV तथा पैकेज-V के तहत कुल ₹3.36 करोड़ का मुआवजा प्राप्त हुआ था। तथ्य खोज समिति और पुनः सत्यापन प्रक्रिया के दौरान तैयार लाभार्थी-वार तुलनात्मक रिपोर्ट में पाया गया कि उसे लगभग ₹3.25 करोड़ का अतिरिक्त अथवा अपात्र मुआवजा दिया गया। यह अतिरिक्त भुगतान बांस, अन्य सामान्य पेड़ों तथा एसपीटी भवन के नाम पर किया गया था, जो भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर मौजूद नहीं पाए गए।
मुआवजे और संपत्ति खरीद का सीधा संबंध
ईडी की जांच में एक महत्वपूर्ण वित्तीय कड़ी सामने आई है। 5 जून 2025 को न्याकपो यांगफो को ₹1.89 करोड़ का मुआवजा मिला और ठीक अगले दिन 6 जून 2025 को उसने ₹1.59 करोड़ खर्च कर तारासो गांव में 7,950 वर्ग मीटर जमीन खरीद ली। इसी प्रकार 22 जुलाई 2025 को ₹1.46 करोड़ का अतिरिक्त मुआवजा प्राप्त होने के अगले ही दिन 23 जुलाई 2025 को उसने ₹1.10 करोड़ में चेस्सा गांव में जमीन और दो मछली तालाब खरीदे।
ईडी ने दावा किया है कि कथित अपराध से अर्जित धन और इन संपत्तियों की खरीद के बीच सीधा और स्पष्ट वित्तीय संबंध स्थापित होता है। इसी आधार पर पीएमएलए के तहत कुल ₹2.69 करोड़ मूल्य की इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
आगे की जांच का दायरा
ईडी के अनुसार मामले में शामिल अन्य लाभार्थियों की भूमिका की जांच भी जारी है, जिन्हें परियोजना के तहत कथित रूप से अतिरिक्त या अपात्र मुआवजा मिला था। जांच के दायरे में संबंधित सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि यह मामला उत्तर-पूर्व भारत की एक रणनीतिक सीमावर्ती सड़क परियोजना से जुड़ा है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। आने वाले हफ्तों में ईडी की जांच के और भी नतीजे सामने आने की संभावना है।