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पीसीएस मेन्स 2025 विवाद: मजीठिया ने नीट से जोड़ा, कांग्रेस-भाजपा से एकजुटता की अपील

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पीसीएस मेन्स 2025 विवाद: मजीठिया ने नीट से जोड़ा, कांग्रेस-भाजपा से एकजुटता की अपील

सारांश

पंजाब में PCS मेन्स 2025 के नतीजों पर बवाल — SAD नेता मजीठिया ने इसे राष्ट्रीय नीट विवाद से जोड़ा और सभी विपक्षी दलों से एकजुटता की माँग की। सीबीआई जाँच और हाई कोर्ट जाने की घोषणा के साथ यह मामला अब सियासी-कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमाने वाला है।

मुख्य बातें

SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने 6 नवंबर 2026 को PCS मेन्स 2025 में कथित अनियमितताओं को नीट 2026 विवाद से जोड़ा।
PPSC के मुख्य परीक्षा परिणाम 4 नवंबर को घोषित हुए, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
मजीठिया ने कांग्रेस, BJP और CJP से एकजुट होकर मुद्दा उठाने की अपील की।
आप सरकार के कार्यकाल में 9 से 10 भर्तियाँ कथित तौर पर विवादित रही हैं — कोर्ट रोक, विजिलेंस जाँच या रद्दीकरण।
मजीठिया ने सीबीआई जाँच की माँग दोहराई और जल्द हाई कोर्ट जाने की घोषणा की।
BJP ने भी CM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर 'पेपर लीक माफिया' चलाने का आरोप लगाया।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को पंजाब सिविल सर्विसेज (PCS) मेन्स 2025 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को नीट 2026 विवाद से जोड़ते हुए सभी विपक्षी दलों — कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) — से एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाने की अपील की। पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) के मुख्य परीक्षा परिणाम 4 नवंबर को घोषित हुए थे, जिसके तुरंत बाद अभ्यर्थियों ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

मजीठिया का बयान और नीट से तुलना

मजीठिया ने कहा, 'अगर जंतर-मंतर पर नीट एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, तो पंजाब में पीसीएस की यह भर्ती भी एक बड़ा मुद्दा बननी चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी अभ्यर्थियों पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजपत्रित अधिकारियों जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अयोग्य लोगों की नियुक्ति पंजाब के प्रशासनिक भविष्य को सीधे प्रभावित करती है।

संघर्षरत अभ्यर्थियों की पीड़ा

मजीठिया ने पीड़ित अभ्यर्थियों का दर्द उजागर करते हुए कहा, 'इनमें से कुछ गोल्ड मेडलिस्ट हैं, कुछ ऐसे भी हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं। उन्होंने कितना संघर्ष किया होगा, कितनी हिम्मत दिखाई होगी — और अब वे कह रहे हैं कि इस परीक्षा में कोई पारदर्शिता नहीं थी।' उनका यह बयान उन अभ्यर्थियों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है जो परिणाम को अनुचित मान रहे हैं।

आप सरकार पर निशाना

आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल की ओर परोक्ष इशारा करते हुए मजीठिया ने कहा कि 'दिल्ली में बैठे लोग पंजाब की भर्ती प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते, क्योंकि यह राज्य से जुड़ा मामला है।' उन्होंने दावा किया कि आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में नौ से दस भर्तियाँ ऐसी हुई हैं जिन पर न्यायालय ने रोक लगाई है, विजिलेंस जाँच चल रही है, या पेपर लीक और नकल के कारण उन्हें रद्द करना पड़ा है।

सीबीआई जाँच और हाई कोर्ट जाने की तैयारी

अभ्यर्थियों की सीबीआई जाँच की माँग का समर्थन करते हुए मजीठिया ने कहा: 'अगर राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती में भी गड़बड़ियाँ होती हैं, तो इसकी सीबीआई जाँच होनी चाहिए... हम जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष पहले से ही आप सरकार पर प्रशासनिक विफलताओं को लेकर हमलावर है।

भाजपा के आरोप और राजनीतिक दबाव

गुरुवार को BJP ने भी PPSC मुख्य परीक्षा में गड़बड़ियों का आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और केजरीवाल के इशारे पर 'पेपर लीक माफिया' संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि यह मामला पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बढ़ते सवालों की एक लंबी कड़ी में जुड़ता है। आने वाले दिनों में हाई कोर्ट में याचिका और संभावित सीबीआई जाँच इस विवाद को और तीखा बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इससे एक स्थानीय मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श में स्थान मिलता है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विपक्षी दलों की एकजुटता की अपील चुनावी नजरिये से परे जाकर पीड़ित अभ्यर्थियों को ठोस राहत दिला पाएगी। PPSC की संरचनात्मक स्वायत्तता और पारदर्शिता पर बिना गहरे सुधार के, परीक्षाओं पर बार-बार उठते सवाल राज्य की प्रशासनिक साख को कमजोर करते रहेंगे।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PCS मेन्स 2025 परीक्षा विवाद क्या है?
पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) के PCS मेन्स 2025 परीक्षा के परिणाम 4 नवंबर 2026 को घोषित हुए। इसके तुरंत बाद अभ्यर्थियों ने परिणामों में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सीबीआई जाँच की माँग उठाई।
बिक्रम मजीठिया ने PCS को नीट से क्यों जोड़ा?
SAD नेता मजीठिया ने तर्क दिया कि जिस तरह नीट 2026 की अनियमितताएं जंतर-मंतर पर बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनीं, उसी तरह पंजाब की PCS भर्ती को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य इस मुद्दे को स्थानीय सीमाओं से उठाकर राष्ट्रीय स्तर पर दृश्यता दिलाना था।
मजीठिया ने आगे क्या कदम उठाने की घोषणा की?
मजीठिया ने कहा कि वे जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती में गड़बड़ी की सीबीआई जाँच की माँग का समर्थन किया। उन्होंने कांग्रेस, BJP और CJP से इस मुद्दे पर एकजुट होने की भी अपील की।
आप सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मजीठिया ने दावा किया कि AAP के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में नौ से दस भर्तियाँ विवादित रही हैं जिन पर कोर्ट ने रोक लगाई, विजिलेंस जाँच हुई या पेपर लीक के कारण रद्द की गईं। BJP ने अलग से आरोप लगाया कि CM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के इशारे पर 'पेपर लीक माफिया' चलाया जा रहा है।
क्या सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर संदेह किया जा रहा है?
नहीं। मजीठिया ने स्पष्ट किया कि परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी अभ्यर्थियों को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी माँग केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने की है।
राष्ट्र प्रेस
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