अयोध्या दीपोत्सव 2026: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राज्यपाल पटेल व CM योगी करेंगे श्रीरामलला की आरती
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में 7 नवंबर 2026 को आयोजित दीपोत्सव के अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ श्रीरामलला की आरती करेंगे। यह ऐतिहासिक आरती दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे के मध्य सम्पन्न होगी, जो इस धार्मिक आयोजन को एक विशेष संवैधानिक गरिमा प्रदान करती है।
आरती और स्वागत का कार्यक्रम
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का मंदिर परिसर में आगमन पर स्वागत करेंगे। न्यास की धार्मिक समिति के पाँच संत भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। आयोजन की व्यवस्थाओं के समन्वय की जिम्मेदारी न्यास के सचिव जगदीश आफले एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त) के कंधों पर है।
एक लाख दीपों से जगमगाएगा मंदिर परिसर
इस दीपोत्सव में श्रीराम मंदिर परिसर में लगभग एक लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। न्यास की व्यवस्थाओं से जुड़े लगभग 1,500 श्रद्धालु दीप प्रज्ज्वलन का कार्य करेंगे, जबकि आमंत्रित परिवारों सहित लगभग 1,500 अन्य श्रद्धालु भी उत्साहपूर्वक सहभागी होंगे। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 3,000 श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी और सहभागी बनेंगे।
सभी आमंत्रित श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में प्रवेश दोपहर 12 बजे तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश-पत्रों की व्यवस्था पहले ही पूर्ण कर ली गई है।
तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार, 6 नवंबर को यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में मुख्य कार्यपालक अधिकारी जितेन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। सभी क्षेत्र प्रभारियों ने पुष्टि की कि शनिवार के दीप प्रज्ज्वलन की समस्त तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
सुरक्षा और प्रशासनिक इंतज़ाम
बैठक में अपर जिलाधिकारी (कानून-व्यवस्था) इन्द्रकांत द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्र ने प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी जितेन्द्र मिश्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन निर्बाध और सुरक्षित रूप से सम्पन्न हो सके।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह आयोजन श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की प्रतिष्ठा के बाद से इस स्तर के संवैधानिक पदाधिकारियों की एक साथ उपस्थिति का विशेष अवसर है। 7 नवंबर 2026 का यह दीपोत्सव अयोध्या में धार्मिक और राजनीतिक महत्व दोनों की दृष्टि से उल्लेखनीय रहेगा, और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की नज़र इस आयोजन पर टिकी है।