अयोध्या दीपोत्सव 2026: 10वें महोत्सव में 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये, उपराष्ट्रपति समेत कई VIP मेहमान
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं — सरयू नदी के तट पर 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुधवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस महाआयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष के दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का आगमन प्रस्तावित है। इसके साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। विशिष्ट अतिथियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मज़बूत किया गया है।
कमिश्नर और डीआईजी लगातार निरीक्षण दौरों पर हैं और जिला प्रशासन की पूरी टीम उनके साथ मिलकर व्यवस्थाओं का जायज़ा ले रही है। पूरी रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है — सरयू तट से लेकर राम कथा पार्क तक आकर्षक रोशनी और सजावट की गई है।
भव्य मंच और रोड शो
राम की पैड़ी पर करीब 250 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊँचा विशाल मंच तैयार किया गया है, जो इस वर्ष के दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। डीएम त्रिपाठी के अनुसार इस बार का रोड शो भी बेहद भव्य होगा और राम की पैड़ी पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
गौरतलब है कि यह महोत्सव हर वर्ष अपने पिछले आयोजन को पीछे छोड़ता रहा है — और 10वाँ संस्करण इस परंपरा को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन
इस वर्ष दीपोत्सव में पहली बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन होगा। जिलाधिकारी त्रिपाठी ने बताया कि अब तक तीन देशों की रामलीला की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। संस्कृति विभाग के स्तर पर एक-दो अन्य देशों से भी वार्ता जारी है, और उम्मीद जताई गई है कि चार से पाँच देशों की रामलीला अयोध्या में देखने को मिलेगी।
इसके अलावा सात से आठ भारतीय राज्यों की रामलीला का भी मंचन होगा, जिससे आयोजन में सांस्कृतिक विविधता और भव्यता और बढ़ जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
आम जनता पर असर
दीपोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की उम्मीद है। सभी धार्मिक स्थलों और राम कथा पार्क में तैयारियाँ पूर्ण बताई गई हैं। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा प्रबंधन विशेष योजना के तहत किया गया है।
क्या होगा आगे
दीपोत्सव के दिन 56 घाटों पर एक साथ 30 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित करने का प्रयास किया जाएगा, जो संभावित रूप से एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय रामलीला के साथ यह महोत्सव अयोध्या की वैश्विक सांस्कृतिक पहचान को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।