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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 10वें महोत्सव में 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये, उपराष्ट्रपति समेत कई VIP मेहमान

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 10वें महोत्सव में 56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये, उपराष्ट्रपति समेत कई VIP मेहमान

सारांश

अयोध्या का 10वाँ दीपोत्सव इस बार सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं — यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का मंच भी बन रहा है। 56 घाटों पर 30 लाख दीये, 250 फीट चौड़ा भव्य मंच और पाँच देशों की संभावित रामलीला — यह महोत्सव रामनगरी की वैश्विक पहचान को नई ऊँचाई देने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

अयोध्या में 10वाँ दीपोत्सव आयोजित होने जा रहा है; सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य।
राधाकृष्णन , राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की संभावना।
राम की पैड़ी पर 250 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊँचा भव्य मंच तैयार; विशेष रोड शो का भी आयोजन।
पहली बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला : 3 देशों की पुष्टि, 4–5 देशों की भागीदारी की उम्मीद।
7–8 भारतीय राज्यों की रामलीला का भी मंचन होगा।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार सभी तैयारियाँ अंतिम चरण में; कमिश्नर और डीआईजी निरंतर निरीक्षण में।

अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं — सरयू नदी के तट पर 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुधवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस महाआयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

इस वर्ष के दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का आगमन प्रस्तावित है। इसके साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। विशिष्ट अतिथियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मज़बूत किया गया है।

कमिश्नर और डीआईजी लगातार निरीक्षण दौरों पर हैं और जिला प्रशासन की पूरी टीम उनके साथ मिलकर व्यवस्थाओं का जायज़ा ले रही है। पूरी रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है — सरयू तट से लेकर राम कथा पार्क तक आकर्षक रोशनी और सजावट की गई है।

भव्य मंच और रोड शो

राम की पैड़ी पर करीब 250 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊँचा विशाल मंच तैयार किया गया है, जो इस वर्ष के दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। डीएम त्रिपाठी के अनुसार इस बार का रोड शो भी बेहद भव्य होगा और राम की पैड़ी पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।

गौरतलब है कि यह महोत्सव हर वर्ष अपने पिछले आयोजन को पीछे छोड़ता रहा है — और 10वाँ संस्करण इस परंपरा को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन

इस वर्ष दीपोत्सव में पहली बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन होगा। जिलाधिकारी त्रिपाठी ने बताया कि अब तक तीन देशों की रामलीला की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। संस्कृति विभाग के स्तर पर एक-दो अन्य देशों से भी वार्ता जारी है, और उम्मीद जताई गई है कि चार से पाँच देशों की रामलीला अयोध्या में देखने को मिलेगी।

इसके अलावा सात से आठ भारतीय राज्यों की रामलीला का भी मंचन होगा, जिससे आयोजन में सांस्कृतिक विविधता और भव्यता और बढ़ जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

आम जनता पर असर

दीपोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की उम्मीद है। सभी धार्मिक स्थलों और राम कथा पार्क में तैयारियाँ पूर्ण बताई गई हैं। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा प्रबंधन विशेष योजना के तहत किया गया है।

क्या होगा आगे

दीपोत्सव के दिन 56 घाटों पर एक साथ 30 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित करने का प्रयास किया जाएगा, जो संभावित रूप से एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय रामलीला के साथ यह महोत्सव अयोध्या की वैश्विक सांस्कृतिक पहचान को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर स्थापित करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है — और अंतरराष्ट्रीय रामलीला इसी की स्पष्ट अभिव्यक्ति है। राम मंदिर उद्घाटन के बाद से अयोध्या में पर्यटन और धार्मिक आयोजनों का पैमाना तेज़ी से बढ़ा है, जो राज्य सरकार की सॉफ्ट-पावर रणनीति से मेल खाता है। हालाँकि, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भीड़-प्रबंधन और सुरक्षा की जटिलता पर मीडिया का ध्यान आमतौर पर कम रहता है — यह वह पहलू है जिस पर प्रशासन की असली परीक्षा होगी। आयोजन की सफलता न केवल दीयों की संख्या से, बल्कि यातायात, स्वास्थ्य और आपातकालीन प्रबंधन की दक्षता से भी आँकी जाएगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में क्या खास है?
यह अयोध्या का 10वाँ दीपोत्सव है, जिसमें सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार पहली बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन भी होगा, जिसमें चार से पाँच देशों की भागीदारी संभावित है।
दीपोत्सव में कौन-कौन से VIP मेहमान आएंगे?
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का आगमन प्रस्तावित है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।
राम की पैड़ी पर मंच कितना बड़ा है?
राम की पैड़ी पर करीब 250 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊँचा विशाल मंच तैयार किया गया है। यह मंच दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा, जहाँ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
अंतरराष्ट्रीय रामलीला में कितने देश हिस्सा लेंगे?
अब तक तीन देशों की रामलीला की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। संस्कृति विभाग एक-दो अन्य देशों से भी बातचीत में है और उम्मीद है कि कुल चार से पाँच देश भाग लेंगे।
दीपोत्सव में कितने राज्यों की रामलीला होगी?
अंतरराष्ट्रीय रामलीला के साथ-साथ सात से आठ भारतीय राज्यों की रामलीला का भी मंचन होगा। इससे महोत्सव में सांस्कृतिक विविधता और भव्यता दोनों में वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
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