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बोकारो: कथारा कोलियरी में कोयला ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत, चार घायल

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बोकारो: कथारा कोलियरी में कोयला ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत, चार घायल

सारांश

झारखंड के बोकारो में CCL की कथारा कोलियरी के स्टॉकयार्ड में गुरुवार तड़के कोयले का ढेर धंस गया। जलावन के लिए कोयला चुनने आई तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, चार अन्य गंभीर रूप से घायल। पुलिस और CCL प्रबंधन ने जाँच शुरू की।

मुख्य बातें

बोकारो जिले की कथारा कोलियरी के नंबर-5 स्टॉकयार्ड में 5 नवंबर 2026 को कोयले का ढेर धंस गया।
हादसे में तीन महिलाओं — पुष्पा देवी , कौशल्या देवी और हीरालाल की पत्नी — की मौके पर मौत हो गई।
चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है।
हादसे के वक्त सभी लोग जलावन के लिए रिजेक्ट कोयला चुनने स्टॉकयार्ड पहुँचे थे।
बेरमो एसडीपीओ रवींद्र सिंह ने हादसे की पुष्टि की; पुलिस और CCL प्रबंधन ने जाँच शुरू की।

झारखंड के बोकारो जिले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कथारा कोलियरी के नंबर-5 स्टॉकयार्ड में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की तड़के कोयले का विशाल ढेर अचानक धंस जाने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के समय सभी लोग घरेलू उपयोग और जलावन के लिए रिजेक्ट कोयला चुनने वहाँ पहुँचे थे और मृतक तथा घायल बांध बस्ती सहित आसपास के गाँवों के निवासी हैं।

हादसे का घटनाक्रम

यह दुर्घटना बेरमो अनुमंडल के कथारा ओपी क्षेत्र स्थित कथारा कोलियरी के नंबर-5 स्टॉकयार्ड में हुई। ग्रामीणों का एक समूह सुबह-सुबह वहाँ पहुँचा था। इसी दौरान कोयले का ऊँचा ढेर अचानक धंस गया, जिसकी चपेट में छह महिलाएँ और एक पुरुष आ गए और सभी भारी मलबे के नीचे दब गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और CCL प्रबंधन के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। बचाव अभियान चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया, परंतु तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान

मृतक महिलाओं की पहचान पुष्पा देवी (पत्नी गल्लू यादव), कौशल्या देवी (पत्नी विश्वनाथ) और हीरालाल की पत्नी के रूप में हुई है। तीनों महिलाएँ बांध बस्ती की निवासी बताई जा रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और कथारा व आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहरे शोक का माहौल है।

घायलों का उपचार

चार घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है। फिलहाल सभी घायलों की हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी जारी है।

प्रशासन और जाँच

बेरमो के एसडीपीओ रवींद्र सिंह ने हादसे की पुष्टि की है। पुलिस और CCL प्रबंधन की ओर से घटना की जाँच शुरू कर दी गई है। कोयले का ढेर किस कारण धंसा — यह अभी जाँच का विषय है। गौरतलब है कि स्टॉकयार्ड में ग्रामीणों का रिजेक्ट कोयला चुनने आना एक आम चलन रहा है, जो इस तरह के हादसों के प्रति संवेदनशील स्थिति पैदा करता है।

आगे क्या होगा

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब कोयला खदान क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं। CCL प्रबंधन और जिला प्रशासन की जाँच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि स्टॉकयार्ड में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं। पीड़ित परिवारों को मुआवज़े और पुनर्वास पर फ़ैसला अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी संरचनात्मक सुधार की रफ़्तार धीमी बनी हुई है। पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े और पुनर्वास की माँग अब केंद्रीय मुद्दा बनेगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोकारो कथारा कोलियरी हादसा क्या है?
5 नवंबर 2026 को झारखंड के बोकारो जिले में CCL की कथारा कोलियरी के नंबर-5 स्टॉकयार्ड में कोयले का ढेर अचानक धंस गया, जिससे तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के वक्त सभी लोग जलावन के लिए रिजेक्ट कोयला चुन रहे थे।
इस हादसे में मृतकों की पहचान क्या है?
तीनों मृतक महिलाओं की पहचान पुष्पा देवी (पत्नी गल्लू यादव), कौशल्या देवी (पत्नी विश्वनाथ) और हीरालाल की पत्नी के रूप में हुई है। तीनों बांध बस्ती की निवासी बताई जा रही हैं।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
चार घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है। फिलहाल सभी घायलों की चिकित्सकीय निगरानी जारी है।
इस हादसे की जाँच कौन कर रहा है?
बेरमो के एसडीपीओ रवींद्र सिंह ने हादसे की पुष्टि की है और पुलिस तथा CCL प्रबंधन दोनों की ओर से जाँच शुरू कर दी गई है। कोयले का ढेर किस कारण धंसा, यह अभी जाँच का विषय है।
क्या ग्रामीणों का स्टॉकयार्ड में कोयला चुनना अधिकृत था?
रिपोर्टों के अनुसार, ग्रामीण जलावन और घरेलू उपयोग के लिए रिजेक्ट कोयला चुनने स्टॉकयार्ड पहुँचे थे। यह प्रचलन कोयला पट्टी के गाँवों में आम है, लेकिन स्टॉकयार्ड में अनाधिकृत प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्तता अब जाँच के दायरे में है।
राष्ट्र प्रेस
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