20 अक्टूबर 2026
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गाजियाबाद: हाईटेंशन तार की चपेट में दो महिलाओं की मौत, 18 वर्षीय देवश्री गंभीर

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गाजियाबाद: हाईटेंशन तार की चपेट में दो महिलाओं की मौत, 18 वर्षीय देवश्री गंभीर

सारांश

गाजियाबाद के भोवापुर गांव में मंगलवार सुबह खेत में टूटे पड़े हाईटेंशन तार ने दो महिलाओं की जान ले ली — 50 वर्षीय सत्यवती और 20 वर्षीय रूबी। 18 वर्षीय देवश्री अस्पताल में गंभीर हालत में है। यह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों के रखरखाव की गंभीर खामियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

गाजियाबाद के भोवापुर गांव में 20 अक्टूबर 2026 की सुबह हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हुई।
मृतकों की पहचान 50 वर्षीय सत्यवती और 20 वर्षीय रूबी के रूप में हुई है।
18 वर्षीय देवश्री गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में उपचार जारी।
तीनों महिलाएं सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत में मूली लेने गई थीं।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के अनुसार मामले में कानूनी कार्रवाई जारी, पूरे घटनाक्रम की जांच हो रही है।
टूटे हाईटेंशन तार की समय पर मरम्मत न होने पर बिजली विभाग के रखरखाव को लेकर सवाल उठे।

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के भोवापुर गांव में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की सुबह खेत में टूटकर गिरे हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक 18 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल है। तीनों महिलाएं सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत में मूली लेने गई थीं, जब यह दर्दनाक हादसा हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

परिजनों के अनुसार, भोवापुर गांव में यह परिवार ठेके पर ली गई जमीन पर खेती करता है। तीनों महिलाएं सामान्य दिनचर्या के तहत मूली लेने खेत में पहुंची थीं। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि खेत में जमीन पर एक हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर पड़ा हुआ है। जैसे ही वे उस तार के संपर्क में आईं, करंट की चपेट में तीनों बुरी तरह झुलस गईं।

घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई और ग्रामीणों ने आनन-फानन में तीनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान 50 वर्षीय सत्यवती और 20 वर्षीय रूबी की मौत हो गई। 18 वर्षीय देवश्री का अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही नंदग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतक महिलाओं के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है।

पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि तार कब से टूटा पड़ा था और संबंधित बिजली विभाग को इसकी सूचना क्यों नहीं मिली।

रखरखाव पर उठे सवाल

यह हादसा बिजली लाइनों के रखरखाव और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। गौरतलब है कि टूटे बिजली के तारों से ग्रामीण इलाकों में हादसे की यह कोई पहली घटना नहीं है। यदि तार पहले से ही खेत में गिरा पड़ा था, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी न होना और समय रहते मरम्मत न होना, व्यवस्थागत लापरवाही की ओर इशारा करता है।

खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बिजली के तारों की नियमित जांच और टूटे तारों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई अनिवार्य है।

परिवार में कोहराम

दोनों महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों के परिवार वाले रो-रोकर बेहाल हैं। यह परिवार ठेके की जमीन पर खेती करके जीवन यापन करता है — ऐसे में दो सदस्यों की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरे आघात में डाल दिया है।

आगे इस मामले में बिजली विभाग की जवाबदेही तय करने और घायल देवश्री की स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण बिजली अवसंरचना की उस पुरानी लापरवाही का नतीजा है जो बार-बार जानें लेती है। सवाल यह है कि खेत में हाईटेंशन तार कब से पड़ा था और बिजली विभाग को सूचना क्यों नहीं मिली — यह जवाबदेही का सीधा प्रश्न है, जिसे जांच में केंद्र में रखना होगा। ठेके पर खेती करने वाले सीमांत परिवारों के पास न तो राजनीतिक पहुंच है, न मुआवज़े की स्वत: गारंटी — इसलिए प्रशासन पर दबाव बनाए रखना ज़रूरी है। बिना संस्थागत जवाबदेही तय हुए यह एक और भुला दी जाने वाली खबर बन जाएगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद भोवापुर गांव में हाईटेंशन करंट हादसा कैसे हुआ?
20 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब साढ़े छह बजे तीन महिलाएं खेत में मूली लेने गई थीं, जहां हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा पड़ा था। तार के संपर्क में आते ही तीनों करंट की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से झुलस गईं।
हादसे में किनकी मौत हुई और कौन घायल है?
अस्पताल में उपचार के दौरान 50 वर्षीय सत्यवती और 20 वर्षीय रूबी की मौत हो गई। 18 वर्षीय देवश्री गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
नंदग्राम थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों मृतक महिलाओं के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच चल रही है।
इस हादसे के बाद बिजली विभाग पर क्या सवाल उठे हैं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाईटेंशन तार कब टूटा और कितनी देर से खेत में पड़ा था। यदि तार पहले से टूटा हुआ था तो विभाग को समय पर सूचना क्यों नहीं मिली और मरम्मत क्यों नहीं हुई — यह ग्रामीण बिजली अवसंरचना के रखरखाव पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मृतक परिवारों की पृष्ठभूमि क्या है?
परिजनों के मुताबिक, मृतक महिलाओं का परिवार ठेके पर जमीन लेकर खेती करता है। ये सीमांत किसान परिवार हैं जो दैनिक कृषि कार्यों पर निर्भर हैं। दो सदस्यों की असामयिक मौत से परिवार गहरे संकट में आ गया है।
राष्ट्र प्रेस
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