छिंदवाड़ा के जिलेहरी गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आया पूरा परिवार, युवती की मौत; 6 घायल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिलेहरी गांव में रविवार, 28 जून को खेत में काम कर रहे एक ही परिवार के सात सदस्य आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक युवती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। यह घटना मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में बिजली गिरने से होने वाली मौतों की श्रृंखला में एक और दुखद कड़ी बन गई है।
हादसे का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य दोपहर के समय खेत में कृषि कार्य में जुटे थे। तभी अचानक मौसम बदला — तेज हवाओं के साथ काले बादल घिर आए और बारिश शुरू हो गई। परिवार के लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में ही थे कि जोरदार गरज के साथ उन पर आकाशीय बिजली गिर पड़ी। खेत में अफरा-तफरी मच गई और आसपास काम कर रहे ग्रामीण चीख-पुकार सुनकर तत्काल मौके पर पहुंचे।
अस्पताल में उपचार और मौत
ग्रामीणों ने सभी सात घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया। हालांकि, गंभीर रूप से घायल युवती को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। शेष छह घायलों का उपचार जारी है और इनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। युवती की मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश में बिजली गिरने का खतरा
इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 18 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है। इन जिलों में राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, उज्जैन, धार, झाबुआ, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला शामिल हैं।
मौसम का ताज़ा हाल
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलीं। शिवपुरी में सबसे अधिक 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर और जबलपुर में 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 28 जून तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश हुई है — पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 67 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत रही। राज्य में मानसून की बेरुखी और साथ-साथ बिजली गिरने की घटनाओं का यह संयोग खेतों में काम करने वाले किसान परिवारों के लिए दोहरा संकट बन रहा है।