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खगड़िया में आकाशीय बिजली का कहर: 3 अलग घटनाओं में 5 की मौत, पिता-पुत्र भी शामिल

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खगड़िया में आकाशीय बिजली का कहर: 3 अलग घटनाओं में 5 की मौत, पिता-पुत्र भी शामिल

सारांश

बिहार के खगड़िया में एक ही दिन तीन स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरी — खेतों में काम करते किसान, फसल इकट्ठा करता युवक, ट्रैक्टर चालक। 5 मौतें, जिनमें एक 8 साल का बच्चा। मानसून से पहले बिहार में बिजली का यह कहर हर साल दोहराता है, लेकिन चेतावनी तंत्र अभी भी अधूरा है।

मुख्य बातें

खगड़िया जिले में 11 जून को आकाशीय बिजली की 3 अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हुई।
कनहौली गाँव में मृतकों में आशुतोष यादव , विद्यानंद यादव और आशुतोष यादव का 8 वर्षीय पुत्र शामिल हैं।
बेलदौर थाना क्षेत्र में कुश महतो (21 वर्ष) और अजनाश महतो की मौत; कुश सुबह 8:30 बजे खेत में थे।
इतमादी गाँव में 5 अन्य लोग झुलसे, इलाज जारी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की माँग की है।

बिहार के खगड़िया जिले में गुरुवार, 11 जून को आकाशीय बिजली गिरने की तीन अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य बुरी तरह झुलस गए। मृतकों में एक 8 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। घटनाओं के बाद प्रभावित गाँवों में शोक की लहर है और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की माँग की है।

कनहौली गाँव में तीन की मौत

गोगरी ब्लॉक की बलतारा पंचायत के कनहौली गाँव में खेत पर काम कर रहे मजदूर मौसम बिगड़ने पर शरण की तलाश में थे, तभी आकाशीय बिजली गिरी। ग्रामीण मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान आशुतोष यादव, विद्यानंद यादव और आशुतोष यादव के 8 वर्षीय पुत्र के रूप में हुई है — यानी इस परिवार ने एक ही झटके में पिता और बेटे दोनों को खो दिया। इस घटना में दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों खतरे से बाहर हैं।

बेलदौर में दो युवकों की जान गई

बेलदौर थाना क्षेत्र में दूसरी घटना में 21 वर्षीय कुश महतो और अजनाश महतो की मौत हुई। अधिकारियों के अनुसार, कुश महतो सुबह करीब 8:30 बजे नरदापुर गाँव के पास खेतों में फसल के अवशेष इकट्ठा कर रहे थे, तभी अचानक बारिश और गरज के साथ बिजली गिरी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पास में खड़े ट्रैक्टर चालक अजनाश महतो भी बुरी तरह झुलस गए। दोनों को बेलदौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ कुश महतो को मृत घोषित किया गया और इलाज के दौरान अजनाश महतो ने भी दम तोड़ दिया।

इतमादी गाँव में पाँच और झुलसे

इसी क्षेत्र के इतमादी गाँव से भी बिजली गिरने की एक और घटना सामने आई, जिसमें 5 अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उनकी स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

मुआवजे की माँग, प्रशासन सक्रिय

तीनों घटनाओं के बाद प्रभावित गाँवों के लोगों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की माँग की है। गौरतलब है कि बिहार में मानसून-पूर्व और मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ हर साल दर्जनों जानें लेती हैं, और खेतों में काम करने वाले किसान व मजदूर सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब राज्य में मानसून की दस्तक के साथ तूफानी मौसम की चेतावनियाँ जारी की जा रही हैं।

आगे क्या

जिला प्रशासन ने घटनाओं का संज्ञान लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया है। झुलसे हुए लोगों का उपचार जारी है। राज्य सरकार की आपदा राहत नीति के तहत मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी खेतों में काम करने वाले किसानों तक मौसम चेतावनी की पहुँच आज भी सीमित है। खगड़िया की यह घटना उस व्यापक विफलता को उजागर करती है जहाँ चेतावनी ऐप्स और एसएमएस अलर्ट की घोषणाएँ होती हैं, पर ज़मीनी स्तर पर जागरूकता का अभाव बना रहता है। मुआवजे की माँग हर बार उठती है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान — सामुदायिक शेल्टर, रियल-टाइम अलर्ट, और कृषि कैलेंडर से जुड़ी सुरक्षा योजना — अभी भी नीतिगत प्राथमिकता नहीं बन पाई है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खगड़िया में बिजली गिरने से कितने लोगों की मौत हुई?
11 जून को खगड़िया जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से कुल 5 लोगों की मौत हुई। इनमें एक 8 वर्षीय बच्चा और दो युवक शामिल हैं।
मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों में कनहौली गाँव के आशुतोष यादव, विद्यानंद यादव और आशुतोष यादव के 8 वर्षीय पुत्र शामिल हैं। बेलदौर थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय कुश महतो और ट्रैक्टर चालक अजनाश महतो की भी मौत हुई।
क्या कोई घायल भी हैं?
हाँ, कनहौली गाँव में दो अन्य ग्रामीण घायल हुए जो डॉक्टरों के अनुसार खतरे से बाहर हैं। इतमादी गाँव में 5 अन्य लोग बुरी तरह झुलसे हैं और उनका इलाज जारी है।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलेगा?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल मुआवजे की माँग की है। बिहार सरकार की आपदा राहत नीति के तहत बिजली गिरने से हुई मौत पर मुआवजे का प्रावधान है, और प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
बिहार में बिजली गिरने की घटनाएँ इतनी क्यों होती हैं?
बिहार में मानसून और पूर्व-मानसून मौसम के दौरान तीव्र तूफानी गतिविधि के कारण आकाशीय बिजली की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर खुले में होने के कारण सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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