बिहार में वज्रपात से 9 की मौत: बांका, लखीसराय, पटना में कहर; सीएम चौधरी ने दिए ₹4-4 लाख मुआवज़े के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के तीन जिलों — बांका, लखीसराय और पटना — में 11 अगस्त 2026 को आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से कुल 9 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 5 मौतें बांका में, 3 लखीसराय में और 1 पटना में दर्ज की गई हैं। हादसों के बाद प्रभावित इलाकों में शोक का माहौल है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवज़े का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि 'आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।' उन्होंने सभी 9 मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी सहायता राशि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द पहुँचाई जाए, ताकि उन्हें किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
मौसम और सावधानी की अपील
चौधरी ने आम जनता से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम बिगड़ने पर लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान थोड़ी सी सावधानी भी जान-माल के नुकसान को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।' प्रशासन की ओर से लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
बिहार में वज्रपात की बढ़ती चिंता
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून का मौसम चरम पर है। राज्य में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि बिहार उन राज्यों में शामिल है जहाँ हर वर्ष मानसून सीज़न में वज्रपात से सर्वाधिक जनहानि होती है।
मौसम विभाग की ओर से समय-समय पर जारी की जाने वाली चेतावनियों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। आने वाले दिनों में राज्य सरकार से प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।