12 अगस्त 2026
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बिहार में वज्रपात से 9 की मौत: बांका, लखीसराय, पटना में कहर; सीएम चौधरी ने दिए ₹4-4 लाख मुआवज़े के आदेश

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बिहार में वज्रपात से 9 की मौत: बांका, लखीसराय, पटना में कहर; सीएम चौधरी ने दिए ₹4-4 लाख मुआवज़े के आदेश

सारांश

बिहार के तीन जिलों में एक ही दिन वज्रपात से 9 लोगों की जान गई — सबसे ज़्यादा 5 बांका में। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया और जनता से मौसम चेतावनियों का पालन करने की अपील की।

मुख्य बातें

11 अगस्त 2026 को बिहार के बांका (5), लखीसराय (3) और पटना (1) में वज्रपात से कुल 9 लोगों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया।
सरकार ने अधिकारियों को राहत राशि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों तक पहुँचाने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने और आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
बिहार में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएँ हर वर्ष गंभीर जनहानि का कारण बनती हैं।

बिहार के तीन जिलों — बांका, लखीसराय और पटना — में 11 अगस्त 2026 को आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से कुल 9 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 5 मौतें बांका में, 3 लखीसराय में और 1 पटना में दर्ज की गई हैं। हादसों के बाद प्रभावित इलाकों में शोक का माहौल है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवज़े का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि 'आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।' उन्होंने सभी 9 मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी सहायता राशि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द पहुँचाई जाए, ताकि उन्हें किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

मौसम और सावधानी की अपील

चौधरी ने आम जनता से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम बिगड़ने पर लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान थोड़ी सी सावधानी भी जान-माल के नुकसान को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।' प्रशासन की ओर से लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

बिहार में वज्रपात की बढ़ती चिंता

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून का मौसम चरम पर है। राज्य में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि बिहार उन राज्यों में शामिल है जहाँ हर वर्ष मानसून सीज़न में वज्रपात से सर्वाधिक जनहानि होती है।

मौसम विभाग की ओर से समय-समय पर जारी की जाने वाली चेतावनियों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। आने वाले दिनों में राज्य सरकार से प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ग्रामीण इलाकों में अर्ली-वार्निंग सिस्टम और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम कितने प्रभावी हैं। मुख्यमंत्री की 'सावधानी बरतें' की अपील तब तक अधूरी है जब तक खेतों में काम करने वाले मज़दूरों तक मौसम चेतावनियाँ वास्तविक समय में नहीं पहुँचतीं। बिहार सरकार को मुआवज़े से आगे बढ़कर रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 11 अगस्त को वज्रपात से कितने लोगों की मौत हुई?
11 अगस्त 2026 को बिहार के तीन जिलों — बांका, लखीसराय और पटना — में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 9 लोगों की मौत हुई। बांका में 5, लखीसराय में 3 और पटना में 1 व्यक्ति की जान गई।
मृतकों के परिजनों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी 9 मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह राशि जल्द से जल्द पहुँचाने के आदेश दिए गए हैं।
वज्रपात से बचने के लिए बिहार सरकार ने क्या सलाह दी है?
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। साथ ही खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न जाने और आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बिहार में मानसून के दौरान वज्रपात की स्थिति कैसी है?
बिहार उन राज्यों में है जहाँ मानसून सीज़न में वज्रपात से हर वर्ष गंभीर जनहानि होती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
इस घटना में सबसे ज़्यादा नुकसान किस जिले में हुआ?
बांका जिले में सबसे अधिक 5 लोगों की मौत वज्रपात से हुई। लखीसराय में 3 और पटना में 1 व्यक्ति की जान गई।
राष्ट्र प्रेस
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