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बिहार में आंधी-तूफान और दीवार गिरने से 5 की मौत, CM सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया

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बिहार में आंधी-तूफान और दीवार गिरने से 5 की मौत, CM सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया

सारांश

बिहार में आंधी-तूफान और दीवार गिरने से एक दिन में पाँच जानें गईं — मुजफ्फरपुर, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण और मुंगेर में। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हर मृतक परिवार को ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान किया और लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

बिहार में 27 मई 2026 को आंधी-तूफान, दीवार गिरने और पेड़ उखड़ने से 5 लोगों की मौत हुई।
मौतें मुजफ्फरपुर (2), पश्चिम चम्पारण (1), पूर्वी चम्पारण (1) और मुंगेर (1) में हुईं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक परिवार को ₹4 लाख अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की।
पटना मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस गिरावट का पूर्वानुमान जारी किया।
आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम में घरों में रहने और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

बिहार के कई जिलों में 27 मई 2026 को आंधी-तूफान, तेज बारिश, दीवार गिरने और पेड़ उखड़ने की घटनाओं में पाँच लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है।

मृत्यु की घटनाएँ कहाँ-कहाँ हुईं

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पाँच जिलों में ये हादसे हुए। मुजफ्फरपुर में दो व्यक्तियों की मौत हुई, जबकि पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण और मुंगेर में एक-एक व्यक्ति की जान गई। ये मौतें आंधी-तूफान, दीवार गिरने, तेज बारिश और पेड़ गिरने के कारण हुईं।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस आपदा पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और कहा कि वे इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

चौधरी ने आम नागरिकों से अपील की कि खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें, घरों में रहें और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

पटना मौसम विभाग के अनुसार, विगत 24 घंटों में उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व एवं दक्षिण-पूर्व भागों के अधिकांश स्थानों पर, उत्तर-पश्चिम के अनेक स्थानों पर तथा दक्षिण-मध्य एवं दक्षिण-पश्चिम के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने आगाह किया है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। न्यूनतम तापमान में अगले 5 दिनों तक कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं होने का अनुमान है।

आम जनता पर असर और सावधानियाँ

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पूर्व की गतिविधियाँ बिहार में तेज हो रही हैं और राज्य के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से कच्चे मकानों, जर्जर दीवारों और पेड़ों के नजदीक रहने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार राहत और बचाव दल प्रभावित जिलों में तैनात हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कच्चे निर्माण और जर्जर दीवारों की समस्या जस की तस बनी है। ₹4 लाख का अनुग्रह अनुदान तात्कालिक राहत तो देता है, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि दीर्घकालिक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे पर राज्य सरकार की रणनीति क्या है। जब तक कच्चे मकानों के सुदृढ़ीकरण और मौसम-पूर्व चेतावनी तंत्र को ज़मीनी स्तर पर मजबूत नहीं किया जाता, मुआवजे की घोषणाएँ एक चक्र बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में आंधी-तूफान से कितने लोगों की मौत हुई और कहाँ?
27 मई 2026 को बिहार में आंधी-तूफान, दीवार गिरने और पेड़ उखड़ने से कुल पाँच लोगों की मौत हुई। ये मौतें मुजफ्फरपुर (2), पश्चिम चम्पारण (1), पूर्वी चम्पारण (1) और मुंगेर (1) में हुईं।
मृतकों के परिजनों को कितना मुआवजा मिलेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है। यह राशि आपदा राहत कोष से दी जाएगी।
बिहार में आगे मौसम कैसा रहेगा?
पटना मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। न्यूनतम तापमान में अगले 5 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है।
खराब मौसम में बिहार सरकार की क्या सलाह है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम में घरों में रहें और आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें। जर्जर दीवारों और पेड़ों के नजदीक रहने से बचने की विशेष सलाह दी गई है।
बिहार में मानसून पूर्व की आपदाओं में राहत कैसे मिलती है?
बिहार में आपदा राहत आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से दी जाती है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिला प्रशासन मृतकों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान वितरित करता है और राहत-बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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