मुजफ्फरपुर सड़क हादसा: 4 युवकों की मौत, CM सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में 4 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।
हादसा कैसे हुआ
पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर रतनपुर के पास एक ट्रक ट्रेलर लाइन होटल के सामने फोरलेन की मुख्य लेन में खड़ा था। इसी दौरान मुजफ्फरपुर शहर की दिशा से तेज़ रफ़्तार में आ रही एक कार के सामने एक बाइक सवार ने सड़क पार करनी शुरू की। बाइक सवार को बचाने की कोशिश में कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे खड़े ट्रक ट्रेलर से जा भिड़ी।
इस भीषण टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए। कार में आगे और पीछे की सीटों पर कुल 4 युवक सवार थे, जिन सभी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरपुर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सभी चारों शवों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 3 मई को इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे शोकाकुल परिवारों को इस कठिन घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के आश्रितों को ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।
आम जनता और यातायात पर असर
यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर हुआ, जो बिहार के प्रमुख व्यस्त मार्गों में से एक है। घटनास्थल पर भीड़ जमा होने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, हालाँकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आवागमन जल्द सामान्य कर दिया गया। गौरतलब है कि बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों पर खड़े भारी वाहनों से टकराने की घटनाएँ लगातार सामने आती रही हैं, जो सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर सवाल उठाती हैं।