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एक दिन में 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित, होर्मुज नाकाबंदी के बावजूद आपूर्ति सामान्य

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एक दिन में 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित, होर्मुज नाकाबंदी के बावजूद आपूर्ति सामान्य

सारांश

पश्चिम एशिया में युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बावजूद भारत ने एक ही दिन में 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए — 99% बुकिंग पूर्ति के साथ। सरकार ने 1,900 से अधिक छापे मारे और PNG विस्तार तेज़ किया, जो दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की ओर एक सुनियोजित कदम है।

मुख्य बातें

शनिवार, 3 मई 2026 को देशभर में लगभग 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए, जो 47.4 लाख बुकिंग का लगभग शत-प्रतिशत है।
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 99 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई; वितरकों में किसी कमी की सूचना नहीं।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में 1,900 से अधिक छापे मारे गए।
मार्च 2026 से अब तक 6.04 लाख PNG कनेक्शन गैसीफाइड; कुल कनेक्शन 8.72 लाख हुए।
3 अप्रैल 2026 से 10,100 से अधिक जागरूकता शिविरों में 1.75 लाख 5 किलोग्राम FTL सिलेंडर बेचे गए।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार, 3 मई 2026 को बताया कि देशभर में लगभग 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए — यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बावजूद भारत की घरेलू गैस आपूर्ति श्रृंखला में कोई उल्लेखनीय व्यवधान नहीं आया है। मंत्रालय के अनुसार, उस दिन ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 99 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके तहत लगभग 47.4 लाख सिलेंडरों की बुकिंग हुई।

मुख्य घटनाक्रम

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एलपीजी वितरकों के स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। 47.4 लाख बुकिंग के मुकाबले 47 लाख सिलेंडरों का वितरण लगभग शत-प्रतिशत पूर्ति का संकेत देता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रवर्तन कार्रवाई

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, 3 मई 2026 तक देशभर में 1,900 से अधिक छापे मारे जा चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

पीएनजी कनेक्शन और जागरूकता शिविर

मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.04 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों को गैसीफाइड किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 2.68 लाख नए कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार किया गया है, जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 8.72 लाख हो गई है। गौरतलब है कि PNG का विस्तार दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से एलपीजी पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 3 अप्रैल 2026 से अब तक 10,100 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें लगभग 1.75 लाख 5 किलोग्राम FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर बेचे गए हैं। 3 मई तक 130 से अधिक शिविरों के ज़रिए 3,700 से अधिक 5 किलोग्राम FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।

सरकार का आश्वासन

केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों के बीच ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और वहाँ मौजूद भारतीय नागरिकों को सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास और उपाय किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों पर भी सक्रिय रूप से काम हो रहा है।

आगे क्या

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति यदि लंबी खिंचती है, तो भारत की आयातित एलपीजी पर निर्भरता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। सरकार का PNG विस्तार अभियान और FTL सिलेंडरों की बिक्री इसी दिशा में एक दीर्घकालिक बफर तैयार करने की कोशिश मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में प्रवर्तन कार्रवाई और आपूर्ति निगरानी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब होर्मुज संकट लंबा खिंचेगा — भारत अपनी एलपीजी ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। सरकार की PNG विस्तार रणनीति और FTL सिलेंडर अभियान सही दिशा में हैं, परंतु 8.72 लाख नए कनेक्शन उस विशाल आबादी के मुकाबले सीमित हैं जो अभी भी पारंपरिक एलपीजी पर निर्भर है। 1,900 छापों की संख्या प्रवर्तन की सक्रियता दर्शाती है, लेकिन यह भी संकेत देती है कि संकट की आशंका के बीच जमाखोरी का दबाव बाज़ार में मौजूद है। बिना वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों के ठोस खुलासे के, ये आँकड़े तात्कालिक राहत तो देते हैं, दीर्घकालिक आश्वासन नहीं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एक दिन में 47 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरण का क्या महत्व है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, शनिवार 3 मई 2026 को 47.4 लाख बुकिंग के मुकाबले 47 लाख सिलेंडर वितरित हुए, जो लगभग 99% पूर्ति दर है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बावजूद घरेलू एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला फिलहाल सामान्य है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से भारत की एलपीजी आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत अपनी एलपीजी ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जिनका अधिकांश समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुज़रता है। यदि नाकाबंदी लंबे समय तक जारी रही, तो आयात लागत और आपूर्ति में व्यवधान का जोखिम बढ़ सकता है।
एलपीजी जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 3 मई 2026 तक देशभर में 1,900 से अधिक छापे मारे जा चुके हैं। यह अभियान एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए चलाया जा रहा है ताकि आम उपभोक्ताओं को सामान्य दर पर सिलेंडर मिलते रहें।
PNG कनेक्शन विस्तार का एलपीजी संकट से क्या संबंध है?
मार्च 2026 से अब तक 6.04 लाख PNG कनेक्शन गैसीफाइड किए गए हैं और 2.68 लाख के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल 8.72 लाख कनेक्शन हो गए हैं। PNG का विस्तार एलपीजी आयात पर निर्भरता घटाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
5 किलोग्राम FTL सिलेंडर क्या हैं और इनका वितरण क्यों बढ़ाया जा रहा है?
5 किलोग्राम FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर छोटे और सुलभ विकल्प हैं जो बाज़ार में खुलकर बेचे जा सकते हैं। 3 अप्रैल 2026 से 10,100 से अधिक जागरूकता शिविरों के ज़रिए 1.75 लाख ऐसे सिलेंडर बेचे गए हैं, जिससे छोटे परिवारों और ज़रूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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