प्रयागराज: सीवर खुदाई में दबकर 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद की मौत, NDRF-SDRF ने निकाला शव

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प्रयागराज: सीवर खुदाई में दबकर 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद की मौत, NDRF-SDRF ने निकाला शव

सारांश

प्रयागराज के काकराहा घाट में गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना की सीवर खुदाई के दौरान ढीली मिट्टी धंसने से 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद की दबकर मौत हो गई। NDRF, SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद शव बरामद किया। घटना ने खुदाई स्थलों पर सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए।

Key Takeaways

प्रयागराज के काकराहा घाट में 3 मई, रविवार को सीवर खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद की मौत हो गई। घटना गंगा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एक सरकारी परियोजना के दौरान सुबह लगभग 11 बजे हुई। NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया। घटनास्थल पर मौजूद दूसरा मजदूर सुरक्षित बताया गया है। एसीपी निकिता श्रीवास्तव ने घटना की पुष्टि की; आगे की जाँच जारी है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के काकराहा घाट में रविवार, 3 मई को गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के तहत चल रही सीवर लाइन की खुदाई के दौरान ढीली मिट्टी का ढेर धंस जाने से 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद की दबकर मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना सुबह लगभग 11 बजे हुई और कई घंटों के बचाव अभियान के बाद शव बरामद किया गया।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

पुलिस के अनुसार, गया प्रसाद और एक अन्य मजदूर काकराहा घाट क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने के लिए खुदाई कर रहे थे। मिट्टी ढीली होने के कारण अचानक मिट्टी का ढेर धंस गया और गया प्रसाद उसके नीचे दब गए। घटनास्थल पर मौजूद दूसरा मजदूर सुरक्षित बताया गया है।

सूचना मिलते ही करेली पुलिस स्टेशन को तत्काल सूचित किया गया और आपातकालीन दल रवाना किए गए। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) निकिता श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।

बचाव अभियान: NDRF, SDRF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं। एसीपी निकिता श्रीवास्तव के अनुसार, दो जेसीबी मशीनों की सहायता से बचाव अभियान चलाया गया, जो कई घंटों तक जारी रहा। अंततः मिट्टी के ढेर के नीचे दबे मजदूर का शव बरामद कर लिया गया।

घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौके पर जमा हो गए, जिससे बचाव कार्य के दौरान खुदाई वाले क्षेत्र के निकट भीड़ उमड़ पड़ी।

गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना से जुड़ा मामला

गौरतलब है कि यह दुर्घटना गंगा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एक चल रही सरकारी परियोजना के दौरान हुई। यह परियोजना गंगा नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सीवर नेटवर्क को उन्नत करने के उद्देश्य से संचालित है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में निर्माण और खुदाई स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल

इस घटना ने निर्माण और खुदाई स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ मिट्टी की प्रकृति ढीली होती है। अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के कारणों की समीक्षा की जाएगी और यह आकलन किया जाएगा कि खुदाई से पूर्व पर्याप्त सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं। आगे की जाँच जारी है।

Point of View

बल्कि खुदाई स्थलों पर बार-बार दोहराई जाने वाली लापरवाही का परिणाम लगता है — ढीली मिट्टी में बिना उचित शोरिंग (trench support) के खुदाई एक स्थापित जोखिम है। गंगा सफाई जैसी हाई-प्रोफाइल परियोजनाओं में करोड़ों का निवेश होता है, लेकिन जमीन पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए बुनियादी ढाँचा अक्सर नदारद रहता है। यह पहली ऐसी घटना नहीं है और जब तक ठेकेदारों की जवाबदेही तय नहीं होती, यह आखिरी भी नहीं होगी।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

प्रयागराज सीवर खुदाई हादसे में क्या हुआ?
3 मई को प्रयागराज के काकराहा घाट में गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना की सीवर खुदाई के दौरान ढीली मिट्टी का ढेर धंस गया, जिससे 45 वर्षीय मजदूर गया प्रसाद उसके नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई। NDRF व SDRF की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद शव बरामद किया।
मृत मजदूर की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान गया प्रसाद के रूप में हुई है, जो 45 वर्ष के थे और घटना के समय सीवर लाइन बिछाने की खुदाई में लगे हुए थे।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी टीमें शामिल थीं?
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और करेली पुलिस स्टेशन की टीमें बचाव अभियान में शामिल थीं। दो जेसीबी मशीनों की मदद से मिट्टी हटाकर शव निकाला गया।
क्या घटनास्थल पर अन्य मजदूर भी थे?
हाँ, घटनास्थल पर एक अन्य मजदूर भी मौजूद था जो सुरक्षित बताया गया है। दुर्घटना के समय दोनों मजदूर एक साथ खुदाई कर रहे थे।
इस घटना के बाद आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की समीक्षा की जाएगी और यह आकलन किया जाएगा कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं। आगे की जाँच जारी है।
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