बिहार तूफान: आंधी-बारिश-ओलावृष्टि से 13 लोगों की मौत, 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी

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बिहार तूफान: आंधी-बारिश-ओलावृष्टि से 13 लोगों की मौत, 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी

सारांश

भीषण गर्मी से राहत मिली, पर कीमत भारी रही। बुधवार रात से गुरुवार के बीच बिहार में आए तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने 13 लोगों की जान ले ली, दर्जन भर घायल हुए और आम-लीची की फसलें तबाह हो गईं। 33 जिलों में येलो अलर्ट अभी भी जारी है।

Key Takeaways

बिहार में बुधवार रात से गुरुवार के बीच आए भीषण तूफान और ओलावृष्टि से 13 लोगों की मौत , एक दर्जन से अधिक घायल। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, हाजीपुर, बेगूसराय सहित कई जिले सबसे अधिक प्रभावित। औरंगाबाद में बारात के दौरान 50 वर्षीय अक्षय राम की बिजली गिरने से मौत; हाजीपुर में 6 साल के बच्चे की पेड़ गिरने से जान गई। मौसम विभाग ने 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया, 40 किमी/घंटे तक हवाओं की चेतावनी। आम और लीची की फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से भारी नुकसान, किसानों की आजीविका पर संकट। मौसम का यह मिजाज 3 मई 2026 तक बने रहने का अनुमान।

बिहार के कई जिलों में बुधवार रात से गुरुवार के बीच आए भीषण तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, हाजीपुर, छपरा और बेगूसराय सहित कई जिलों में 13 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा में एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की भी खबर है। मौसम विभाग ने राज्य के 33 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम में बदलाव की वजह

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर के कारण बिहार के ऊपर मौसम में अस्थिरता पैदा हुई। यह बदलाव मानसून से पहले होने वाली मौसम की गतिविधियों के शुरू होने का संकेत है। इसके परिणामस्वरूप कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं दर्ज की गईं।

पिछले कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान झेल रहे बिहार को इस बदलाव से कुछ राहत ज़रूर मिली। कैमूर जिला सबसे गर्म क्षेत्र बना रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गया में 33.2 डिग्री सेल्सियस और राजगीर में 33.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम का यह मिजाज 3 मई तक बने रहने की उम्मीद है।

मुख्य घटनाक्रम: जिलेवार मौतें और नुकसान

बेगूसराय में एक नई बनी इमारत की दीवार गिरने से मलबे में दबकर एक युवक की मौत हो गई। हाजीपुर में पेड़ गिरने से छह साल के बच्चे की जान चली गई, जबकि मरहौरा में इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हुई।

औरंगाबाद में 50 वर्षीय अक्षय राम की बारात में शामिल होने के दौरान बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। मधुबनी में बिजली गिरने से छह लोग घायल हुए और अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। पश्चिम चंपारण में दो लोगों की जान गई — एक की पेड़ गिरने से और दूसरे की ई-रिक्शा पलटने से।

दरभंगा में 2, मुजफ्फरपुर में 2 और समस्तीपुर में 1 व्यक्ति की मौत पेड़ गिरने से हुई। सीतामढ़ी सहित कई जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने से भारी नुकसान की सूचना है। कई स्थानों पर बिजली गिरने से घरों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बुनियादी ढाँचे और कृषि पर असर

तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और तारें उखाड़ दिए, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई और पूरी रात शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे। गिरे हुए पेड़ों ने मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे घंटों तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। कई हिस्सों में रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

कृषि को भारी नुकसान पहुँचा, खासकर आम और लीची की फसलों को, जो ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। गौरतलब है कि बिहार में लीची और आम की फसल मई में ही पककर तैयार होती है, ऐसे में यह नुकसान किसानों के लिए विशेष रूप से गंभीर है।

अलर्ट और आगे का अनुमान

मौसम विभाग ने 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। राज्य की राजधानी पटना में आसमान बादलों से घिरा रहने और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति 3 मई 2026 तक बनी रह सकती है, जिसके बाद क्रमिक सुधार की उम्मीद है।

Point of View

लेकिन एक ही रात में 13 मौतें यह सवाल उठाती हैं कि आपदा प्रबंधन तंत्र कितना तैयार है। येलो अलर्ट जारी होने के बावजूद जनहानि का यह स्तर संकेत देता है कि चेतावनी प्रणाली और ज़मीनी स्तर पर उसकी पहुँच के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। किसानों के लिए आम और लीची की फसल की बर्बादी दोहरी मार है — पहले से ही महँगाई और कमज़ोर बाज़ार भाव की मार झेल रहे कृषि क्षेत्र के लिए यह नुकसान गहरा है। राज्य सरकार को मुआवज़े की घोषणा से आगे बढ़कर स्थायी आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में तूफान से कितने लोगों की मौत हुई और कौन-से जिले प्रभावित हैं?
बुधवार रात से गुरुवार के बीच आए भीषण तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से बिहार में 13 लोगों की मौत हुई। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, हाजीपुर, छपरा और बेगूसराय सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे।
बिहार में येलो अलर्ट कितने जिलों में जारी है और इसका मतलब क्या है?
मौसम विभाग ने बिहार के 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी दी गई है। येलो अलर्ट का अर्थ है कि स्थिति पर नज़र रखें और सावधान रहें।
बिहार में मौसम में अचानक बदलाव क्यों आया?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से बिहार के ऊपर मौसम में अस्थिरता पैदा हुई। यह मानसून से पहले होने वाली मौसम गतिविधियों की शुरुआत है।
बिहार में तूफान से फसलों को कितना नुकसान हुआ?
ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मई में पककर तैयार होने वाली इन फसलों की बर्बादी किसानों के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है।
बिहार में यह खराब मौसम कब तक रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-बारिश और बादलों का यह सिलसिला 3 मई 2026 तक जारी रह सकता है। इसके बाद क्रमिक सुधार की उम्मीद जताई गई है।
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