कोलकाता स्ट्रांग रूम विवाद: टीएमसी का आरोप, डीईओ स्मिता पांडेय ने बताया निराधार

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कोलकाता स्ट्रांग रूम विवाद: टीएमसी का आरोप, डीईओ स्मिता पांडेय ने बताया निराधार

सारांश

कोलकाता में स्ट्रांग रूम को लेकर TMC और विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं — रात में बैलेट बॉक्स खोले जाने और कैमरा प्रतिबंध पर सवाल उठे हैं। DEO स्मिता पांडेय ने सभी आरोपों को निराधार बताया, लेकिन चुनाव आयोग की नई वीडियो निगरानी व्यवस्था ने विवाद को और गहरा कर दिया है।

Key Takeaways

TMC नेताओं ने कोलकाता के स्ट्रांग रूम में ईवीएम और पोस्टल बैलेट की सुरक्षा पर 1 मई को गंभीर सवाल उठाए। DEO स्मिता पांडेय ने TMC के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि ईवीएम व पोस्टल बैलेट अलग-अलग सील बंद स्ट्रांग रूम में रखे हैं। TMC नेता शशि पांजा ने आरोप लगाया कि कैमरा नंबर 17 पर अधिकारी पोस्टल बैलेट से जुड़ा काम करते दिखे और पार्टी को सूचित नहीं किया गया। चुनाव आयोग ने नई व्यवस्था लागू की जिसमें पार्टी के 10 नामित एजेंट शिफ्ट-वार वीडियो देख सकेंगे। SP नेता आशुतोष वर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 1 मई को कोलकाता के स्ट्रांग रूम को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें ईवीएम और पोस्टल बैलेट की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए। इन आरोपों के जवाब में ज़िला निर्वाचन अधिकारी (DEO) स्मिता पांडेय ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में TMC के दावों को पूरी तरह निराधार बताया।

डीईओ का स्पष्टीकरण

डीईओ स्मिता पांडेय ने कहा कि ईवीएम मशीन पूरी तरह सुरक्षित और सील बंद होती है तथा उसका कोई बाहरी कनेक्शन नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम और पोस्टल बैलेट के स्ट्रांग रूम अलग-अलग होते हैं और पोस्टल बैलेट को पूरी तरह सील करके अलग रखा जाता है। उन्होंने कहा कि TMC की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

टीएमसी नेता शशि पांजा की चिंताएँ

TMC नेता शशि पांजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैमरा नंबर 17 पर यह देखा गया कि कुछ अधिकारी अंदर मौजूद थे और पोस्टल बैलेट से जुड़ा काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की तरफ से अंदर कोई कैमरा सेटअप नहीं लगाया गया था और केवल बाहरी कैमरों से ही अंदर के दृश्य दिखाई दे रहे थे। शशि पांजा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को अंदर ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन उनकी पार्टी को इस बारे में सूचित नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि अब चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि पहले जो कैमरे में देखा जा सकता था, उस पर पाबंदी लगाई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत पार्टी की ओर से नामित 10 एजेंट शिफ्ट के अनुसार एक-एक कर वीडियो देख सकेंगे।

सौगत रॉय का बयान

TMC नेता सौगत रॉय ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा देखना हर उम्मीदवार का अधिकार और फ़र्ज़ है। उन्होंने बताया कि कुणाल घोष और शशि पांजा पार्टी के उम्मीदवार हैं और वे स्ट्रांग रूम की सुरक्षा देखने के लिए गए थे। सौगत रॉय ने कथित तौर पर कहा कि गुजरात से आए लोग स्ट्रांग रूम में अशांति पैदा कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) हार के डर से ड्रामा कर रही है।

समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

कोलकाता स्ट्रांग रूम के बाहर हुए हंगामे पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता आशुतोष वर्मा ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि रात में बैलेट बॉक्स खोले जाने की घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए, विशेषकर तब जब एक निर्वाचित मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संबंधित वीडियो साझा किया हो। आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जवाबदेही ज़रूरी है।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मतगणना की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और विपक्षी दल स्ट्रांग रूम की पारदर्शिता को लेकर सतर्क हैं। चुनाव आयोग की नई वीडियो निगरानी व्यवस्था से कुछ हद तक विवाद शांत होने की उम्मीद है, लेकिन विपक्ष की माँगें जारी रहने की संभावना है।

Point of View

लेकिन इस बार कैमरा प्रतिबंध और रात में बैलेट बॉक्स खोले जाने के आरोप अधिक ठोस सवाल खड़े करते हैं। चुनाव आयोग की नई वीडियो निगरानी व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में एक कदम है, लेकिन यह तथ्य कि यह बदलाव विवाद के बाद आया, आयोग की सक्रियता पर सवाल उठाता है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों की स्ट्रांग रूम पहुँच को लेकर चुनाव आयोग के दिशानिर्देश स्पष्ट हैं, फिर भी सूचना न देने का आरोप प्रक्रियागत चूक की ओर इशारा करता है। बिना स्वतंत्र जाँच के, यह विवाद मतगणना के बाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना रहेगा।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

कोलकाता स्ट्रांग रूम विवाद क्या है?
1 मई को TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि कोलकाता के स्ट्रांग रूम में रात के समय कुछ अधिकारी पोस्टल बैलेट से जुड़ा काम कर रहे थे और पार्टी को इसकी सूचना नहीं दी गई। DEO स्मिता पांडेय ने इन आरोपों को निराधार बताया।
DEO स्मिता पांडेय ने TMC के आरोपों पर क्या कहा?
DEO स्मिता पांडेय ने स्पष्ट किया कि ईवीएम और पोस्टल बैलेट अलग-अलग सील बंद स्ट्रांग रूम में रखे जाते हैं और ईवीएम का कोई बाहरी कनेक्शन नहीं होता। उन्होंने TMC के सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम निगरानी को लेकर क्या नई व्यवस्था की?
चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि अब पार्टी की ओर से नामित 10 एजेंट शिफ्ट के अनुसार एक-एक कर स्ट्रांग रूम का वीडियो देख सकेंगे। पहले जो कैमरे में सीधे देखा जा सकता था, उस पर पाबंदी लगाई गई है।
समाजवादी पार्टी ने इस विवाद पर क्या माँग की?
SP नेता आशुतोष वर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की और कहा कि रात में बैलेट बॉक्स खोले जाने की घटना की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को सवालों के घेरे में बताया।
TMC नेता सौगत रॉय ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
सौगत रॉय ने कथित तौर पर कहा कि गुजरात से आए लोग स्ट्रांग रूम में अशांति पैदा कर रहे हैं और BJP हार के डर से ड्रामा कर रही है। उन्होंने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा देखना हर उम्मीदवार का अधिकार बताया।
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