शिशु को 6 महीने बाद क्या खिलाएं? महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया सही ऊपरी आहार का तरीका
सारांश
Key Takeaways
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 1 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि शिशु के जन्म के 6 महीने बाद से उसे मां के दूध के साथ-साथ ठोस या अर्ध-ठोस पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए। इस उम्र में बच्चे के मस्तिष्क और शरीर का विकास तेज़ी से होता है, जिसके लिए अतिरिक्त ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो अकेले मां का दूध पूरी नहीं कर सकता।
पहले 6 महीने: मां का दूध ही संपूर्ण आहार
शिशु के जन्म के बाद पहले 6 महीने तक स्तनपान ही उसका एकमात्र और संपूर्ण आहार माना जाता है। इस अवधि में बच्चे को अलग से पानी या किसी अन्य खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि मां का दूध पोषण, जलयोजन और रोग प्रतिरोधक क्षमता — तीनों की पूर्ति करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान किसी भी बाहरी आहार की शुरुआत शिशु के पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकती है।
6 महीने के बाद पूरक आहार की शुरुआत कैसे करें
मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, 6 महीने की आयु के बाद बच्चे को दिन में 2 से 3 बार हल्का और नरम खाना देना शुरू किया जा सकता है। शुरुआत हमेशा आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों से होनी चाहिए, जैसे:
• दलिया और मूंग दाल का पानी
• पतली खिचड़ी
• उबली और मसली हुई सब्जियाँ जैसे आलू, गाजर या लौकी
• मसले हुए फल जैसे केला या सेब
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि खाना न तो बहुत पतला हो और न बहुत कठोर — यह थोड़ा गाढ़ा लेकिन निगलने में मुलायम होना चाहिए, ताकि शिशु धीरे-धीरे चबाने और निगलने की आदत विकसित कर सके।
नया खाना देते समय बरतें ये सावधानियाँ
शुरुआत में एक समय पर केवल एक नया खाद्य पदार्थ ही देना चाहिए और उसे कम से कम 3 से 4 दिन तक लगातार देना चाहिए। इससे यह जाँचा जा सकता है कि बच्चे को उस खाने से कोई एलर्जी या पाचन संबंधी परेशानी तो नहीं हो रही। गौरतलब है कि इस पूरी अवधि में स्तनपान पहले की तरह जारी रखना चाहिए — इसे बंद नहीं करना चाहिए।
9 से 24 महीने की उम्र में आहार का विस्तार
जैसे-जैसे बच्चा 9 से 12 महीने का होता है, उसके आहार में विविधता लाई जा सकती है। इस उम्र में बच्चा उंगलियों से खाना पकड़ने की कोशिश करता है, इसलिए उसे नरम फल, छोटे टुकड़ों में कटी सब्जियाँ और हल्का घर का खाना दिया जा सकता है। दिन में 3 बार मुख्य भोजन और 1 से 2 बार हल्का नाश्ता उचित रहता है।
12 से 24 महीने की आयु में बच्चा धीरे-धीरे परिवार के साथ बैठकर खाना खाने लगता है। इस उम्र में उसे दिन में 3 मुख्य भोजन और 2 हल्के स्नैक्स दिए जा सकते हैं, बस खाना नरम और छोटे टुकड़ों में होना चाहिए।
क्या खिलाएं और क्या न खिलाएं
मंत्रालय के अनुसार, बच्चे के दैनिक आहार में हर प्रमुख फूड ग्रुप शामिल होना चाहिए — अनाज, दालें, सब्जियाँ, फल, दूध और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ। इससे शारीरिक और मानसिक विकास संतुलित रूप से होता है।
वहीं, छोटे बच्चों को अधिक चीनी, नमक, जंक फूड, पैकेज्ड जूस और चॉकलेट जैसी चीज़ों से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण सलाह है जब बाज़ार में शिशुओं के लिए पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की भरमार है और माता-पिता अक्सर भ्रमित रहते हैं।