बलोच कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान की 'दोहरी मानसिकता' उजागर की, जामिया विरोध पर पाक टिप्पणी को बताया साजिश
सारांश
Key Takeaways
बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने 1 मई 2026 को पाकिस्तान की तथाकथित 'दोहरी मानसिकता' और 'झूठे प्रचार' को उजागर करने का दावा करते हुए कहा कि नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हालिया विरोध प्रदर्शन पर पाकिस्तान की टिप्पणी महज एक बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जो देश खुद बलोचिस्तान में छात्रों और किताबों को हिरासत में लेता है, उसे किसी लोकतांत्रिक देश को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान की टिप्पणी और मीर यार बलोच की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मीर यार बलोच ने कहा कि भारत में छात्रों को शिक्षा संस्थानों तक पहुँच, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुली बहस का अधिकार प्राप्त है, जबकि पाकिस्तान बलोचिस्तान में छात्रों और किताबों दोनों को हिरासत में लेता है।
सोशल मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप
मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,