बलोच कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान की 'दोहरी मानसिकता' उजागर की, जामिया विरोध पर पाक टिप्पणी को बताया साजिश

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बलोच कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान की 'दोहरी मानसिकता' उजागर की, जामिया विरोध पर पाक टिप्पणी को बताया साजिश

सारांश

बलोच कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की जामिया मिल्लिया टिप्पणी को 'साजिश' बताया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान बलोचिस्तान में छात्रों को हिरासत में लेता है, किताबें जब्त करता है और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाता है — यहाँ तक कि अफगानिस्तान में भी।

Key Takeaways

मीर यार बलोच ने 1 मई 2026 को पाकिस्तान की 'दोहरी मानसिकता' उजागर करने का दावा किया। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। मीर यार बलोच ने आरोप लगाया कि बलोचिस्तान में छात्रों को किताबें पढ़ने की अनुमति नहीं और कैंपसों से गिरफ्तारियाँ होती हैं। 2019 में बलोचिस्तान विश्वविद्यालय में कथित तौर पर छात्राओं के वॉशरूम में गुप्त कैमरे लगाए जाने का भी जिक्र किया गया। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में सैयद जमालुद्दीन विश्वविद्यालय पर कथित पाकिस्तानी मिसाइल हमले में छात्र हताहत होने का आरोप लगाया।

बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने 1 मई 2026 को पाकिस्तान की तथाकथित 'दोहरी मानसिकता' और 'झूठे प्रचार' को उजागर करने का दावा करते हुए कहा कि नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हालिया विरोध प्रदर्शन पर पाकिस्तान की टिप्पणी महज एक बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जो देश खुद बलोचिस्तान में छात्रों और किताबों को हिरासत में लेता है, उसे किसी लोकतांत्रिक देश को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

पाकिस्तान की टिप्पणी और मीर यार बलोच की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मीर यार बलोच ने कहा कि भारत में छात्रों को शिक्षा संस्थानों तक पहुँच, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुली बहस का अधिकार प्राप्त है, जबकि पाकिस्तान बलोचिस्तान में छात्रों और किताबों दोनों को हिरासत में लेता है।

सोशल मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप

मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,

Point of View

लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है — यह ध्यान रखना ज़रूरी है। पाकिस्तान लंबे समय से बलोचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को खारिज करता आया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच इन आरोपों को बार-बार दस्तावेज़ीकृत करते रहे हैं। जामिया मिल्लिया विरोध प्रदर्शन पर पाकिस्तान की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-पाक संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं — ऐसे में इसे कूटनीतिक दाँव के रूप में भी पढ़ा जा सकता है। असली सवाल यह है कि बलोचिस्तान में शैक्षणिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय दबाव कब और कितना प्रभावी होगा।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

मीर यार बलोच कौन हैं और उन्होंने क्या आरोप लगाए हैं?
मीर यार बलोच एक बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं जिन्होंने 1 मई 2026 को पाकिस्तान पर बलोचिस्तान में छात्रों को हिरासत में लेने, किताबें जब्त करने और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में एक विश्वविद्यालय पर पाकिस्तानी मिसाइल हमले में छात्र हताहत हुए।
पाकिस्तान ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा था?
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में RSS से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। मीर यार बलोच ने इसे भारत को बदनाम करने की साजिश बताते हुए खारिज कर दिया।
बलोचिस्तान में छात्रों की स्थिति कैसी बताई जा रही है?
मीर यार बलोच के अनुसार, बलोचिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को किताबें पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती, कैंपसों से मनमाने ढंग से गिरफ्तारियाँ होती हैं और कथित तौर पर हजारों बलोच युवाओं को यातनाएँ दी गई हैं। ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।
2019 बलोचिस्तान विश्वविद्यालय मामला क्या था?
मीर यार बलोच ने 2019 में बलोचिस्तान विश्वविद्यालय में कथित तौर पर छात्राओं के वॉशरूम में गुप्त कैमरे लगाए जाने के मामले का जिक्र किया और इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया।
अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमले का आरोप क्या है?
मीर यार बलोच ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी मिसाइल हमलों में सैयद जमालुद्दीन विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया, जिसमें कई छात्र मारे गए और घायल हुए। यह दावा भी अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
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