ताइवान का चीन पर बड़ा आरोप: वियतनाम के रास्ते 'ओरिजिन वॉशिंग' से आयात प्रतिबंध तोड़ रहा बीजिंग
सारांश
Key Takeaways
ताइवान सरकार ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजिंग कथित तौर पर वियतनाम के रास्ते नापा पत्तागोभी और शीटाके मशरूम जैसी सब्जियाँ भेजकर ताइवान के आयात प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहा है। ताइपे ने इस प्रक्रिया को "ओरिजिन वॉशिंग" — यानी उत्पाद का असली मूल स्रोत छिपाने की साजिश — करार दिया है और इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है।
क्या है 'ओरिजिन वॉशिंग' का तरीका
अधिकारियों के अनुसार, चीन इन प्रतिबंधित कृषि उत्पादों को पहले वियतनाम भेजता है, जहाँ उन्हें दोबारा पैक कर वियतनामी मूल का बताकर ताइवान निर्यात कर दिया जाता है। ताइवान ने चीन के 1,000 से अधिक कृषि और मत्स्य उत्पादों के आयात पर रोक लगा रखी है। यह तरीका न केवल व्यापार नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ताइवानी उपभोक्ताओं को भी भ्रमित करता है।
संसद में कृषि मंत्री का बयान
ताइवान के कृषि मंत्री चेन जुनने-जिह ने संसद में कहा कि उनका मंत्रालय इस "मूल स्रोत की धांधली" को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है और नियम तोड़ने वालों पर सख्त दंड लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय वियतनाम में हवाई सर्वेक्षण कराएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन इलाकों से वास्तव में कितनी उपज संभव है। यदि ताइवान को निर्यात की मात्रा उस क्षमता से अधिक पाई गई, तो कार्रवाई के लिए तंत्र बनाया जाएगा।
फर्जी प्रमाणपत्र और मुनाफे का खेल
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) की सांसद चिउ यी-यिंग ने आरोप लगाया कि मात्र 13,000 न्यू ताइवानी डॉलर (लगभग 410 अमेरिकी डॉलर) में फर्जी वियतनामी मूल प्रमाणपत्र खरीदा जा सकता है। इस तरीके से आयातक एक कंटेनर पर 2 लाख से 5 लाख न्यू ताइवानी डॉलर तक मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने सरकार से तीसरे पक्ष द्वारा आइसोटोप टेस्टिंग कराने की माँग की, ताकि उत्पाद की असली उत्पत्ति का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।
ताइवान-चीन व्यापार तनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और "पुनर्एकीकरण" के लिए बल प्रयोग से भी इनकार नहीं करता। पिछले कुछ वर्षों में बीजिंग ने ताइवान पर सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ाया है। 2021 में चीन ने कीट नियंत्रण संबंधी चिंताओं का हवाला देकर ताइवानी अनानास के आयात पर रोक लगाई थी, जिसे ताइवान ने राजनीतिक कदम बताया था। 2024 में ताइवान ने चीन पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जब बीजिंग ने कई ताइवानी फल, सब्जियों और समुद्री उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाए थे।
आगे क्या होगा
ताइवान ने इन प्रतिबंधों को "आर्थिक दबाव" करार देते हुए कहा था कि इससे ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर के किसानों के हित प्रभावित होते हैं। दूसरी ओर, चीन ने ताइवान पर 2010 के मुक्त व्यापार समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था। अब हवाई सर्वेक्षण और आइसोटोप परीक्षण जैसे तकनीकी उपायों से ताइवान इस व्यापार धांधली को साबित करने और रोकने की कोशिश करेगा।