पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 400 PKR पार: IMF की सहमति से शहबाज सरकार ने बढ़ाए दाम

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पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 400 PKR पार: IMF की सहमति से शहबाज सरकार ने बढ़ाए दाम

सारांश

IMF की शर्तों के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें 400 PKR प्रति लीटर पार कर गई हैं। शहबाज शरीफ सरकार ने एक ओर दाम बढ़ाए, दूसरी ओर बाइकर्स और ट्रांसपोर्टरों के लिए सब्सिडी बढ़ाकर राजनीतिक दबाव से बचने की कोशिश की — लेकिन आम पाकिस्तानी के लिए महँगाई की मार जारी है।

Key Takeaways

पेट्रोल की एक्स-डिपो कीमत 393.35 PKR से बढ़कर 399.86 PKR प्रति लीटर हुई — 1.65% की वृद्धि। हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 380.19 PKR से 399.58 PKR प्रति लीटर — लगभग 5% की बढ़ोतरी। डीलर मार्जिन जोड़ने के बाद खुदरा कीमतें 400 PKR प्रति लीटर से ऊपर निकल गईं। IMF की सहमति से यह बढ़ोतरी 8 मई को समाप्त हुए सप्ताह के लिए तत्काल प्रभाव से लागू हुई। टू-व्हीलर उपयोगकर्ताओं को 100 PKR प्रति लीटर सब्सिडी — तीन महीने तक 20 लीटर/माह की सीमा के साथ। 10 अप्रैल को पेट्रोलियम लेवी हटने के बाद डीजल 520.35 PKR के शिखर से नीचे आया था, लेकिन अब फिर से ऊपर चढ़ रहा है।

पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा कीमतें 400 पाकिस्तानी रुपए (PKR) प्रति लीटर के पार पहुँच गई हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सहमति से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने तत्काल प्रभाव से यह बढ़ोतरी लागू की, जो 8 मई को समाप्त हुए सप्ताह के लिए घोषित की गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल बाज़ार की अस्थिरता के बीच यह फैसला पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को और गहरा करता है।

कितनी बढ़ी कीमतें

पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, हाई-स्पीड डीजल (HSD) की एक्स-डिपो कीमत 380.19 PKR से बढ़कर 399.58 PKR प्रति लीटर हो गई — यानी 19.39 PKR या लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि। वहीं, पेट्रोल की एक्स-डिपो कीमत 393.35 PKR से बढ़कर 399.86 PKR प्रति लीटर तय की गई, जो 6.51 PKR यानी 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हालाँकि एक्स-डिपो कीमतें 400 PKR से थोड़ी कम हैं, लेकिन डीलर मार्जिन और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद पंपों पर वास्तविक खुदरा कीमतें 400 PKR का आँकड़ा पार कर चुकी हैं।

IMF की भूमिका और राजकोषीय दबाव

जानकार सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान सरकार और IMF दोनों पक्ष प्राइमरी बैलेंस टारगेट को हर कीमत पर बनाए रखने पर सहमत हुए हैं, चाहे इसके लिए पब्लिक सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (PSDP) में और कटौती क्यों न करनी पड़े। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को पेट्रोलियम लेवी हटाए जाने के बाद डीजल 520.35 PKR के शिखर से नीचे आया था, लेकिन तब से फिर से ऊपर चढ़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही IMF के साथ कठिन शर्तों वाले राहत कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है।

महँगाई पर असर और HSD की अहमियत

HSD को मुख्य रूप से माल ढुलाई में इस्तेमाल होने के कारण महँगाई का प्रमुख वाहक माना जाता है। पेट्रोल और HSD मिलकर हर महीने 7 से 8 लाख टन की कुल बिक्री दर्शाते हैं, जो इन्हें सरकार के राजस्व के बड़े स्रोत बनाता है। इसकी तुलना में केरोसिन की माँग मात्र लगभग 10,000 टन प्रति माह है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई लागत पर पड़ता है, जिससे आम उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ती है।

सब्सिडी का विस्तार: राहत की कोशिश

जनता की नाराज़गी को देखते हुए शहबाज शरीफ सरकार ने मोटरसाइकिल चालकों, सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई करने वालों के लिए फ्यूल सब्सिडी को एक महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य मौजूदा आर्थिक संकट में कमज़ोर तबकों को राहत देना है। इन सब्सिडी में टू-व्हीलर उपयोगकर्ताओं के लिए 100 PKR प्रति लीटर की छूट शामिल है, जो तीन महीने तक हर महीने 20 लीटर तक सीमित है। ये उपाय इस महीने की शुरुआत में बाइकर्स, किसानों और ट्रांसपोर्टरों के लिए घोषित लक्षित राहत पैकेज का हिस्सा हैं, जो ईरान संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों के असर को कम करने के लिए बनाए गए थे।

आगे की राह

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव यदि बरकरार रहा, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान के लिए, जो पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और उच्च मुद्रास्फीति से जूझ रहा है, ईंधन की बढ़ती कीमतें राजनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

Point of View

कमज़ोर मुद्रा और वैश्विक तेल की अस्थिरता मिलकर आम नागरिक को निचोड़ रही हैं। सरकार का सब्सिडी-विस्तार का दाँव राजनीतिक रूप से समझ में आता है, लेकिन यह मूल समस्या — राजकोषीय घाटे और ऊर्जा आयात निर्भरता — को नहीं सुलझाता। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को पेट्रोलियम लेवी हटाने के बाद भी कीमतें फिर चढ़ गईं, जो दर्शाता है कि अल्पकालिक राहत उपाय टिकाऊ नहीं हैं। जब तक पाकिस्तान अपनी ऊर्जा संरचना और विदेशी मुद्रा स्थिति को मज़बूत नहीं करता, यह चक्र जारी रहेगा।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमत अभी कितनी है?
पाकिस्तान में पेट्रोल की एक्स-डिपो कीमत 399.86 PKR और HSD की 399.58 PKR प्रति लीटर तय की गई है। डीलर मार्जिन और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद खुदरा पंपों पर कीमतें 400 PKR प्रति लीटर से ऊपर हैं।
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें क्यों बढ़ाई गईं?
IMF की सहमति से शहबाज शरीफ सरकार ने प्राइमरी बैलेंस टारगेट पूरा करने के लिए यह बढ़ोतरी की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल बाज़ार की अस्थिरता भी इसकी वजह बताई जा रही है।
क्या पाकिस्तान सरकार ने कोई राहत उपाय भी घोषित किए हैं?
हाँ, शहबाज शरीफ सरकार ने मोटरसाइकिल चालकों, सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई करने वालों के लिए फ्यूल सब्सिडी एक महीने के लिए बढ़ाई है। टू-व्हीलर उपयोगकर्ताओं को 100 PKR प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है, जो तीन महीने तक हर महीने 20 लीटर तक सीमित है।
HSD (हाई-स्पीड डीजल) की कीमत बढ़ने से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
HSD मुख्य रूप से माल ढुलाई में इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ेगी। इससे खुदरा बाज़ार में महँगाई और तेज़ होने की आशंका है।
पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की मासिक बिक्री कितनी है?
डॉन अखबार के अनुसार, पेट्रोल और HSD मिलकर हर महीने 7 से 8 लाख टन की बिक्री दर्ज करते हैं, जो इन्हें सरकार के राजस्व के प्रमुख स्रोत बनाता है। केरोसिन की माँग इसकी तुलना में बेहद कम, लगभग 10,000 टन प्रति माह है।
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