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यूपीआई लेनदेन अप्रैल में 25% उछला, 22.35 अरब पार; वैल्यू ₹29.03 लाख करोड़ पहुँची

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यूपीआई लेनदेन अप्रैल में 25% उछला, 22.35 अरब पार; वैल्यू ₹29.03 लाख करोड़ पहुँची

सारांश

अप्रैल 2026 में UPI ने 22.35 अरब लेनदेन और ₹29.03 लाख करोड़ की वैल्यू के साथ सालाना 25% की छलाँग लगाई। 2016 में मात्र 2 करोड़ लेनदेन से शुरू हुआ यह प्लेटफॉर्म अब 12,000 गुना बड़ा हो चुका है और आठ से अधिक देशों में सक्रिय है — भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का सबसे बड़ा प्रमाण।

मुख्य बातें

UPI लेनदेन अप्रैल 2026 में सालाना 25% बढ़कर 22.35 अरब पर पहुँचा।
कुल लेनदेन वैल्यू 21% की वृद्धि के साथ ₹29.03 लाख करोड़ हुई।
दैनिक औसत लेनदेन 74.5 करोड़ ; औसत दैनिक वैल्यू ₹96,766 करोड़ ।
IMPS पर अप्रैल में 36.2 करोड़ लेनदेन, वैल्यू ₹7.01 लाख करोड़ ; सालाना 13% वृद्धि।
UPI अब 8 से अधिक देशों में उपलब्ध; वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन।
2016 के पहले वर्ष से तुलना में वैल्यू में 4,000 गुना और लेनदेन संख्या में 12,000 गुना वृद्धि।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आँकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के ज़रिए अप्रैल 2026 में लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 22.35 अरब हो गई, जबकि इनकी कुल वैल्यू 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹29.03 लाख करोड़ तक पहुँच गई। यह जानकारी NPCI ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को जारी की। भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में यह वृद्धि लगातार गति पकड़ रही है।

मासिक और दैनिक लेनदेन का ब्यौरा

दैनिक औसत के आधार पर, अप्रैल में UPI पर प्रतिदिन 74.5 करोड़ लेनदेन हुए, जो मार्च के 73 करोड़ से अधिक है। औसत दैनिक लेनदेन की वैल्यू भी बढ़कर ₹96,766 करोड़ हो गई, जबकि मार्च में यह ₹95,243 करोड़ थी। गौरतलब है कि मार्च 2026 में UPI ने अपने लॉन्च के बाद से अब तक का सर्वाधिक मासिक लेनदेन — 22.64 अरब — दर्ज किया था।

IMPS का प्रदर्शन

इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) पर अप्रैल में मासिक लेनदेन की संख्या 36.2 करोड़ रही और इसके ज़रिए ₹7.01 लाख करोड़ का लेन-देन हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। दैनिक औसत लेनदेन की संख्या 1.2 करोड़ रही, जो इस प्लेटफॉर्म की मजबूत स्थिति को रेखांकित करती है।

UPI की वैश्विक पहुँच

UPI अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय विस्तार से प्रेषण में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।

एक दशक में ऐतिहासिक उछाल

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नियामक निगरानी में NPCI द्वारा 11 अप्रैल 2016 को लॉन्च किए गए UPI ने पिछले एक दशक में असाधारण वृद्धि दर्ज की है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2016-17 में मात्र 2 करोड़ लेनदेन से शुरू होकर, इस प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन प्रोसेस किए — यानी लगभग 12,000 गुना की वृद्धि। वैल्यू के मामले में भी यह प्लेटफॉर्म पहले वर्ष के ₹0.07 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹314 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया, जो 4,000 गुना से अधिक की छलाँग है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस विस्तार का लाभ किसे मिल रहा है — बड़े शहरों के स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को या ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत को भी? लेनदेन की संख्या में 12,000 गुना वृद्धि के बावजूद, वित्तीय समावेशन के गहरे संकेतक — जैसे छोटे व्यापारियों की आय में बदलाव या ग्रामीण डिजिटल साक्षरता — अभी भी पारदर्शी रूप से सामने नहीं आते। UPI की वैश्विक पहुँच की सराहना होनी चाहिए, पर आठ देशों में विस्तार और घरेलू प्रेषण में वास्तविक वृद्धि के बीच का अंतर अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2026 में UPI लेनदेन कितना बढ़ा?
NPCI के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में UPI लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 22.35 अरब हो गई। लेनदेन की कुल वैल्यू 21 प्रतिशत बढ़कर ₹29.03 लाख करोड़ पहुँची।
UPI का अब तक का सर्वाधिक मासिक लेनदेन कब हुआ?
मार्च 2026 में UPI ने अपने लॉन्च के बाद से सर्वाधिक मासिक लेनदेन 22.64 अरब दर्ज किया था। अप्रैल 2026 में यह संख्या 22.35 अरब रही।
UPI किन देशों में उपलब्ध है?
UPI अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है। इससे भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान में अग्रणी बन रहा है।
UPI को कब लॉन्च किया गया था और तब से कितनी वृद्धि हुई है?
UPI को RBI की निगरानी में NPCI ने 11 अप्रैल 2016 को लॉन्च किया था। वित्त वर्ष 2016-17 में मात्र 2 करोड़ लेनदेन से शुरू होकर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन हुए — लगभग 12,000 गुना वृद्धि।
IMPS का अप्रैल 2026 में प्रदर्शन कैसा रहा?
IMPS पर अप्रैल 2026 में 36.2 करोड़ लेनदेन हुए और ₹7.01 लाख करोड़ का लेन-देन दर्ज किया गया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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