तेजस प्रोजेक्ट के अनुभवी रवि के बने HAL के 22वें चेयरमैन, AI और स्वदेशी तकनीक पर रहेगा जोर
सारांश
Key Takeaways
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 1 मई 2026 को नया नेतृत्व मिला, जब रवि के ने कंपनी के 22वें अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने यह जिम्मेदारी डॉ. डी. के. सुनील से ली, जो 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। रवि के वह अनुभवी अधिकारी हैं जिन्होंने स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस के निर्माण कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है।
रवि के का अनुभव और पृष्ठभूमि
रवि के के पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें रक्षा, विमानन, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र शामिल हैं। वे पहले HAL में LCA तेजस डिवीजन के जनरल मैनेजर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके बाद वे कंपनी में निदेशक (ऑपरेशन्स) के पद पर कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने HAL की रणनीतिक दिशा को मजबूती दी। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है — उन्होंने कर्नाटक के माल्नाड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली और IIM अहमदाबाद तथा फ्रांस के टूलूज से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वे मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट लिमिटेड के बोर्ड में भी सदस्य हैं।
तेजस और प्रचंड के बड़े रक्षा अनुबंध
रवि के के नेतृत्व काल में HAL ने कई ऐतिहासिक रक्षा सौदे किए। इनमें भारतीय वायुसेना के लिए 180 तेजस लड़ाकू विमानों की आपूर्ति का अनुबंध और भारतीय सेना व वायुसेना के लिए 156 प्रचंड हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का करार शामिल है। तेजस विमानों को वायुसेना में सफलतापूर्वक शामिल कराने में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही है। गौरतलब है कि अब तेजस MK-1A के निर्माण में तेजी लाई जा रही है और इसके लिए अमेरिका से GE-404 इंजन भी मिल रहे हैं।
महारत्न दर्जा और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा
रवि के के प्रयासों से HAL को 'महारत्न' का दर्जा मिला, जो किसी भी सरकारी कंपनी के लिए सर्वोच्च श्रेणी की उपलब्धि मानी जाती है। उन्होंने नासिक में तेजस की उत्पादन क्षमता को मजबूत किया और विमान के बड़े हिस्सों के निर्माण में निजी कंपनियों को शामिल कर एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क तैयार किया। इससे स्वदेशी हिस्सेदारी बढ़ी और 'मेक इन इंडिया' को ठोस आधार मिला।
परिचालन सुधार और नए राजस्व स्रोत
रवि के ने वायुसेना के ठिकानों के साथ तेज और सुचारु डेटा कनेक्शन स्थापित कराया और एक केंद्रीकृत संपर्क प्रणाली बनाई, जिससे विमानों की उपलब्धता (सर्विसेबिलिटी) में उल्लेखनीय सुधार हुआ। HAL के अनुसार उनके प्रयासों से कंपनी ने नागरिक उड्डयन (सिविल एविएशन) और मरम्मत-रखरखाव (MRO) के क्षेत्र में भी कदम रखा, जिससे राजस्व के नए रास्ते खुले हैं।
नए CMD का विजन
रवि के का कहना है कि उनका लक्ष्य HAL को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी बनाना है। इसके लिए वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीक, बेहतर परिचालन और कर्मचारियों की क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देंगे। रवि के के नेतृत्व में HAL के अधिक आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सशक्त बनने की उम्मीद जताई जा रही है।