केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी का श्रमिक दिवस पर संदेश: 'कोयला श्रमिक राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़'
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 1 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कोयला क्षेत्र के श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रमिक हमारे कोयला उद्योग की नींव हैं और उनका अथक परिश्रम देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। नई दिल्ली से जारी एक पत्र में मंत्री ने कोयला श्रमिकों के योगदान को राष्ट्रीय प्रगति का आधार बताया।
मंत्री का संदेश: श्रम को नमन
अपने पत्र में जी. किशन रेड्डी ने लिखा कि कठिन परिस्थितियों में खदानों में किया गया श्रमिकों का अथक परिश्रम लाखों घरों को रोशन करता है, उद्योगों को चलाता है और देश को समृद्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य और कोयले के रिकॉर्ड उत्पादन में श्रमिकों का योगदान देश की प्रगति और स्वतंत्रता को सुदृढ़ करता है। मंत्री ने गर्व और आभार के साथ इस श्रम को नमन किया।
कोल इंडिया का कल्याणकारी ढाँचा
कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने श्रमिकों के लिए व्यापक कल्याण अवसंरचना विकसित की है। पत्र के अनुसार, प्रथम चरण में 23 मॉडल अस्पताल, 33 मॉडल कॉलोनियाँ, 32 मॉडल स्कूल और 30 मॉडल खेल परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाएंगे। परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वर्षभर विभिन्न खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं।
चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत देशभर में 523 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, ताकि सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को विशेष चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके अलावा, आसपास के समुदायों के 1,60,000 से अधिक लोगों और कोयला समुदाय के 50,000 से अधिक लोगों को कोयला कंपनियों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविरों से लाभ मिला है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
योगदान आधारित सेवानिवृत्ति चिकित्सा योजना के तहत 1,13,898 लाभार्थियों और उनके जीवनसाथियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भविष्य निधि और पेंशन लाभों का समय पर निपटान सुनिश्चित किया गया है, जिससे सेवानिवृत्त और सेवारत दोनों कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंताएं दूर हुई हैं।
नई श्रम संहिताएं और नई भर्तियाँ
मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा लागू की गई नई श्रम संहिताएं श्रमिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा और अधिक ठोस संरक्षण प्रदान कर रही हैं। ये संहिताएं संविदा श्रमिकों के योगदान को अधिक न्यायसंगत रूप से मान्यता देती हैं और कोयला क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए स्थिरता और गरिमा सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने इस वर्ष कोल इंडिया परिवार में शामिल हुए 5,600 नए कर्मचारियों का भी हार्दिक स्वागत किया।
आगे की राह
कोयला मंत्रालय ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली है और कोयला कंपनियों ने चरणबद्ध उपायों की योजना तैयार की है, जिन्हें आने वाले दिनों में डिस्पेंसरियों और अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए लागू किया जाएगा। मंत्री ने संकल्प व्यक्त किया कि एक ऐसे भारत का निर्माण किया जाएगा जो आत्मनिर्भर और ऊर्जा सुरक्षित हो, जहाँ श्रम की गरिमा का यथोचित सम्मान हो।