10 अगस्त 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: यूएन महासचिव गुटेरेस बोले — वैश्विक अर्थव्यवस्था 'दम तोड़ रही है'

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होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: यूएन महासचिव गुटेरेस बोले — वैश्विक अर्थव्यवस्था 'दम तोड़ रही है'

सारांश

होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अब केवल मध्य-पूर्व की समस्या नहीं रहा — यूएन महासचिव गुटेरेस ने इसे वैश्विक आर्थिक आपातकाल करार दिया है। ऊर्जा, खाद्य और परिवहन श्रृंखलाएँ चरमराई हैं, और सिंगापुर से लेकर यूरोप तक नेताओं ने माना है कि हालात जल्द सुधरने वाले नहीं।

मुख्य बातें

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 1 मई 2026 को कहा कि होर्मुज संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था 'दम तोड़ रही है' ।
ऊर्जा, परिवहन, विनिर्माण और खाद्य बाज़ार सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
EU की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि इस संकट से रूस को फायदा हो रहा है।
सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग ने चेताया कि युद्ध के 'जल्द खत्म होने' की उम्मीद नहीं, और वैश्विक महंगाई बढ़ेगी।
वोंग ने कहा कि होर्मुज खुलने के बाद भी बंदरगाह, ऊर्जा अवसंरचना और शिपिंग लेन को सामान्य होने में समय लगेगा।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 1 मई 2026 को चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने भी इस संकट पर गहरी चिंता जताई है।

गुटेरेस की चेतावनी

एक सोशल मीडिया पोस्ट में गुटेरेस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण

संपादकीय दृष्टिकोण

पश्चिमी कूटनीति की सीमाओं को उजागर करता है। लॉरेंस वोंग की यह बात कि होर्मुज खुलने के बाद भी हालात तुरंत सामान्य नहीं होंगे, बताती है कि नुकसान संरचनात्मक है, न कि सिर्फ क्षणिक। भारत जैसे देश, जो खाड़ी से बड़े पैमाने पर ऊर्जा आयात करते हैं, इस संकट की आँच से अछूते नहीं रह सकते — और यही वह कोण है जिसे मुख्यधारा की कवरेज प्रायः नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण इस जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है, जिससे ऊर्जा, परिवहन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाएँ प्रभावित हो रही हैं।
यूएन महासचिव गुटेरेस ने होर्मुज संकट पर क्या कहा?
गुटेरेस ने 1 मई 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि होर्मुज में व्यवधान के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 'दम तोड़ रही है'। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की अपील की।
सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग ने क्या चेतावनी दी?
लॉरेंस वोंग ने मई दिवस के संबोधन में कहा कि ईरान पर युद्ध के कारण सिंगापुर की आर्थिक वृद्धि इस साल धीमी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज खुलने के बाद भी बंदरगाहों, ऊर्जा अवसंरचना और शिपिंग लेन को सामान्य होने में समय लगेगा।
EU ने होर्मुज संकट पर क्या रुख अपनाया है?
EU की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि होर्मुज में बढ़ा तनाव अभी कम होता नहीं दिख रहा और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस स्थिति से रूस को फायदा हो रहा है।
होर्मुज संकट का भारत और आम उपभोक्ता पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत समेत कई देश खाड़ी से ऊर्जा आयात करते हैं। इस बाधा के चलते तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई, परिवहन लागत और खाद्य कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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