ऋतु फोगाट: कुश्ती की चैंपियन से एमएमए की धाकड़ लड़ाकू तक का सफर

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ऋतु फोगाट: कुश्ती की चैंपियन से एमएमए की धाकड़ लड़ाकू तक का सफर

सारांश

कुश्ती की चैंपियन से एमएमए की लड़ाकू बनने का ऋतु फोगाट का सफर भारतीय महिला खेल में एक नया अध्याय खोलता है। 2016 के कॉमनवेल्थ गोल्ड से 2019 के एमएमए डेब्यू तक, वह अपने परिवार की विरासत को नई दिशा दे रही हैं।

Key Takeaways

ऋतु फोगाट का जन्म 2 मई 1994 को बलाली, हरियाणा में हुआ; 8 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की। 2016 सिंगापुर कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक; 2017 पोलैंड विश्व चैंपियनशिप में रजत। 2016 प्रो रेसलिंग लीग में ₹36 लाख में जयपुर निंजा द्वारा खरीदी गईं। 2019 में कुश्ती से सेवानिवृत्त; सिंगापुर में एमएमए प्रशिक्षण ली। नवंबर 2019 वन चैंपियनशिप में एमएमए डेब्यू, 3 मिनट में दक्षिण कोरियाई किम को हराया।

नई दिल्ली, 1 मई। भारतीय महिला पहलवानी को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने में ऋतु फोगाट का नाम सर्वाधिक प्रभावशाली रहा है। 2 मई 1994 को बलाली, हरियाणा में पैदा हुई ऋतु ने महज़ 8 साल की उम्र में कुश्ती के दायरे में प्रवेश किया और अपने पिता महावीर सिंह फोगाट तथा बहनों गीता, बबिता और संगीता की विरासत को आगे बढ़ाया। कुश्ती की पोडियम से उतरकर वह अब मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) की दुनिया में अपनी ताकत दिखा रही हैं, जहाँ उन्होंने भारत के लिए एक नई पहचान बनाई है।

कुश्ती में शीर्ष सफलताएँ

ऋतु ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर पहलवानी को अपना जीवन समर्पित कर दिया। 2016 में सिंगापुर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जो उनके करियर का सबसे शिखर पल था। उसी वर्ष अक्तूबर में उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दोबारा विजय हासिल की। 2017 में पोलैंड में हुई विश्व अंडर-19 सीनियर चैंपियनशिप में उन्हें रजत पदक से सम्मानित किया गया।

प्रो रेसलिंग लीग में मुल्यांकन

2016 की प्रो रेसलिंग लीग नीलामी में ऋतु सबसे महँगी भारतीय महिला पहलवान बनीं। जयपुर निंजा फ्रेंचाइजी ने उन्हें ₹36 लाख में अनुबंधित किया, जो उस समय भारतीय महिला पहलवानी में एक मील का पत्थर था। यह उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति और बाज़ार मूल्य का प्रमाण था।

एमएमए की ओर कदम

2019 में कुश्ती से सेवानिवृत्त होने के बाद ऋतु ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में प्रवेश किया — एक साहसिक निर्णय जिसकी पुष्टि उनके पिता महावीर फोगाट ने की। उन्होंने सिंगापुर के इवॉल्व टीम में मुय-थाई और ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु की गहन प्रशिक्षण ली। उनका लक्ष्य भारत की ओर से पहली विश्व एमएमए चैंपियन बनना था।

एमएमए डेब्यू और विजय

ऋतु ने नवंबर 2019 में वन चैंपियनशिप: एज ऑफ ड्रैगन्स में अपना एमएमए डेब्यू किया। उन्होंने दक्षिण कोरियाई लड़ाकू किम के विरुद्ध एटमवेट डिवीजन में पहली लड़ाई लड़ी और मात्र तीन मिनट में विजयी हुईं। यह जीत उनके नए खेल में तत्काल प्रभाव दर्शाती है।

वर्तमान स्थिति और भविष्य

ऋतु वर्तमान में एमएमए में सक्रिय रूप से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। कुश्ती की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पोडियम से लेकर एमएमए के ऑक्टागन तक, उनका सफर भारतीय महिला खेल के विस्तार का प्रतीक है। परिवार के कुश्ती-केंद्रित पृष्ठभूमि से निकलकर वह एक बहु-विषयक एथलीट के रूप में उदीयमान हैं।

Point of View

लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है: क्या एक कुश्ती चैंपियन का एमएमए में सफल होना निश्चित है? कुश्ती और एमएमए अलग-अलग अनुशासन हैं — पहला ताकत और तकनीक पर आश्रित है, दूसरा मुक्केबाज़ी, पैर की लड़ाई और ग्राउंड वर्क का मिश्रण। ऋतु की तीन मिनट की पहली जीत प्रभावशाली है, लेकिन एक ही लड़ाई से करियर का आकलन नहीं किया जा सकता। फोगाट परिवार की विरासत उन पर दबाव भी डालती है — भाई-बहनों की सफलता के बाद अपनी पहचान बनाना अलग चुनौती है। असली परीक्षा तब आएगी जब वह शीर्ष एमएमए प्रतियोगियों का सामना करेंगी।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

ऋतु फोगाट कौन हैं और उन्होंने कुश्ती में क्या हासिल किया?
ऋतु फोगाट का जन्म 2 मई 1994 को हरियाणा के बलाली में हुआ। वह 8 साल की उम्र में कुश्ती शुरू करने वाली भारतीय पहलवान हैं। 2016 में उन्होंने सिंगापुर कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता और 2017 में पोलैंड की विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त किया।
ऋतु फोगाट ने कुश्ती से एमएमए में क्यों स्विच किया?
ऋतु ने 2019 में कुश्ती से सेवानिवृत्त होकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में हाथ आजमाने का निर्णय लिया। उनका लक्ष्य भारत की ओर से पहली विश्व एमएमए चैंपियन बनना था। उन्होंने सिंगापुर में इवॉल्व टीम के साथ मुय-थाई और ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु की प्रशिक्षा ली।
ऋतु फोगाट का एमएमए डेब्यू कैसा रहा?
ऋतु ने नवंबर 2019 में वन चैंपियनशिप: एज ऑफ ड्रैगन्स में अपना एमएमए डेब्यू किया। उन्होंने दक्षिण कोरियाई लड़ाकू किम के विरुद्ध एटमवेट डिवीजन में पहली लड़ाई लड़ी और मात्र तीन मिनट में विजयी हुईं।
ऋतु फोगाट का फोगाट परिवार में क्या रिश्ता है?
ऋतु फोगाट के पिता महावीर सिंह फोगाट एक पूर्व पहलवान और दिग्गज कोच हैं। उनकी तीन बहनें गीता, बबिता और संगीता भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान रही हैं। पूरा परिवार कुश्ती को समर्पित है।
2016 प्रो रेसलिंग लीग में ऋतु की कीमत क्या थी?
2016 की प्रो रेसलिंग लीग नीलामी में ऋतु फोगाट सबसे महँगी भारतीय महिला पहलवान बनीं। जयपुर निंजा फ्रेंचाइजी ने उन्हें ₹36 लाख में अनुबंधित किया, जो उस समय भारतीय महिला पहलवानी में एक मील का पत्थर था।
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