अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व में नौसेना जहाज़ों को फिर से तैयार किया, ईरान पर हमले के विकल्प भी पेश
सारांश
Key Takeaways
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 1 मई 2025 को सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर पुष्टि की कि मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी नौसेना के जहाज़ों पर ईंधन, खाद्य सामग्री, हथियार और ज़रूरी आपूर्ति दोबारा लोड की जा रही है। यह तैयारी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर चर्चा जारी है।
नौसेना की तैयारी: क्या हो रहा है
CENTCOM द्वारा जारी तस्वीरों में गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस डेलबर्ट डी. ब्लैक पर आपूर्ति लोड होते दिखाई गई है। इन तस्वीरों में ईंधन, राशन, हथियार और अन्य सामग्री भरे जाने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दर्ज है। इस कदम का उद्देश्य, अधिकारियों के अनुसार, जहाज़ों को लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के ऑपरेशन जारी रखने में सक्षम बनाना है।
ट्रंप को पेश किए गए हमले के विकल्प
फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्प पेश किए। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि ट्रंप दोबारा सैन्य ऑपरेशन का आदेश देते हैं, तो एक 'छोटा लेकिन अत्यंत शक्तिशाली हमला' किया जा सकता है, जिसमें ईरान की शेष सैन्य क्षमता, उसके नेतृत्व और प्रमुख बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय कुछ उन्नत हथियारों के उपयोग पर भी विचार कर रहा है, जिनमें 'डार्क ईगल' हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है।
ईरान की गतिविधियाँ: सीजफायर की आड़ में हथियार निकालने का दावा
एनबीसी न्यूज़ की एक रिपोर्ट में कथित तौर पर एक अमेरिकी अधिकारी और दो अन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान सरकार ने उन मिसाइलों और हथियारों को निकालने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं जो अमेरिकी-इज़रायली हवाई हमलों के बाद ज़मीन के नीचे या मलबे में दबे हुए थे। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया है कि यदि ट्रंप सैन्य ऑपरेशन दोबारा शुरू कराने का फैसला करते हैं, तो ईरान बढ़ी हुई ड्रोन और मिसाइल क्षमता का उपयोग मध्य पूर्व के देशों पर हमले के लिए कर सकता है।
तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय
इस बीच, ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की खबरें आईं। ईरानी मीडिया 'तसनीम' और 'फार्स' के अनुसार, यह सिस्टम छोटे ड्रोन या टोही विमानों को निष्क्रिय करने के लिए चालू किया गया था। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह केवल सैन्य अभ्यास था या किसी वास्तविक खतरे की प्रतिक्रिया।
आगे क्या हो सकता है
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। नौसेना की पुनः तैयारी, हमले के विकल्पों की प्रस्तुति और ईरान में एयर डिफेंस की सक्रियता — ये तीनों संकेत मिलकर यह दर्शाते हैं कि मध्य पूर्व में सैन्य स्थिति किसी भी दिशा में जा सकती है। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय और ईरान की प्रतिक्रिया इस क्षेत्र की दिशा तय करेंगे।