14 जुलाई 2026
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बिहार में आकाशीय बिजली का कहर: गया, सारण, पटना में 4 की मौत; बारिश-आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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बिहार में आकाशीय बिजली का कहर: गया, सारण, पटना में 4 की मौत; बारिश-आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

सारांश

बिहार में एक ही दिन आकाशीय बिजली का कहर — गया में किसान और 17 वर्षीया किशोरी समेत चार लोगों की जान गई। खुले मैदान और पेड़ के नीचे शरण लेना जानलेवा साबित हुआ। मानसून-पूर्व मौसम की यह रौद्रता राज्य में हर साल दोहराती त्रासदी की याद दिलाती है।

मुख्य बातें

बिहार में 29 मई को आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई।
गया जिले के किशुनचक गाँव में किसान दिनेश यादव की भैंस चराते समय बिजली गिरने से मौत।
गया के गुलरवेद गाँव में 17 वर्षीया मनीषा कुमारी की मौत; माँ गौरी देवी गंभीर रूप से घायल — दोनों महुआ के पेड़ के नीचे शरण लेने गई थीं।
सारण में चंद्रमा चौधरी और पटना जिले में एक अन्य व्यक्ति की भी बिजली गिरने से मौत।
सीतामढ़ी समेत कई जिलों में आंधी-बारिश से पेड़, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त; बिजली आपूर्ति बाधित।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी।

बिहार के कई जिलों में शुक्रवार, 29 मई को मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। गया, सारण और पटना जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गईं। तेज बारिश और आंधी ने जहाँ एक ओर भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और आपूर्ति बाधित होने से सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा।

गया में दो मौतें, एक महिला गंभीर रूप से घायल

गया जिले के डुमरिया प्रखंड के भदवर थाना क्षेत्र स्थित किशुनचक गाँव में किसान दिनेश यादव की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, वे प्रतिदिन की भाँति सुबह भैंस चराने के लिए गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर हरितार क्षेत्र में गए थे, तभी मौसम अचानक बिगड़ा और तेज गरज-चमक के बीच उन पर बिजली आ गिरी।

घटना की सूचना पर पहुँचे परिजनों में मृतक की पत्नी बेसुध हो गईं। दिनेश यादव अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियाँ छोड़ गए हैं — जिनमें से एक बेटी का हाल ही में विवाह हुआ था। भदवर थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है और आपदा राहत योजना के तहत परिजनों को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।

गया के ही बाराचट्टी प्रखंड के गुलरवेद गाँव में 17 वर्षीया मनीषा कुमारी की भी आकाशीय बिजली से मौत हो गई। बताया गया कि बारिश शुरू होने पर मनीषा और उनकी माँ गौरी देवी घर से निकलकर एक महुआ के पेड़ के नीचे शरण लेने गई थीं। इसी दौरान पेड़ पर बिजली गिर गई। मनीषा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी माँ गौरी देवी गंभीर रूप से झुलस गईं और उनका उपचार जारी है।

सारण और पटना में भी बिजली गिरने से मौतें

सारण जिले में आकाशीय बिजली गिरने से चंद्रमा चौधरी की मृत्यु हो गई। इसके अलावा पटना जिले में भी बिजली गिरने की एक अलग घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। इस प्रकार राज्य में एक ही दिन में आकाशीय बिजली से मरने वालों की कुल संख्या चार हो गई।

आंधी-बारिश से बुनियादी ढाँचे को नुकसान

सीतामढ़ी सहित कई जिलों में दोपहर बाद मौसम अचानक पलटा। काले बादलों के साथ तेज आंधी और बारिश से लोगों को गर्मी-उमस से राहत तो मिली, परंतु तेज हवाओं के कारण अनेक स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। टिन शेड उड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं। प्रभावित इलाकों में बिजली विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुट गई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या ऊँचे स्थानों पर खड़े होने से बचें। गौरतलब है कि बिहार में हर मानसून-पूर्व काल में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतें एक गंभीर आपदा-प्रबंधन चुनौती बनी रहती हैं।

आम जनता पर असर

बारिश से कृषि कार्यों में लगे किसानों को सबसे अधिक खतरा है, जैसा कि दिनेश यादव की घटना से स्पष्ट होता है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के चलते लोग अक्सर खुले में या पेड़ के नीचे शरण लेते हैं, जो घातक साबित होता है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

माँ-बेटी पेड़ के नीचे — ये मौतें जागरूकता की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित चेतावनी प्रणाली की अनुपस्थिति की कहानी कहती हैं। राज्य सरकार आपदा राहत राशि देती है, परंतु प्रश्न यह है कि मौसम विभाग की चेतावनियाँ अंतिम छोर के किसान तक समय पर क्यों नहीं पहुँचतीं। जब तक स्थानीय स्तर पर रियल-टाइम अलर्ट और सामुदायिक जागरूकता अभियान नहीं चलाए जाते, ये आँकड़े हर साल बढ़ते ही रहेंगे।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 29 मई को आकाशीय बिजली से कितने लोगों की मौत हुई?
29 मई को बिहार के गया, सारण और पटना जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 4 लोगों की मौत हुई। गया में एक महिला गंभीर रूप से घायल भी हैं, जिनका उपचार जारी है।
गया में बिजली गिरने से कौन-कौन प्रभावित हुए?
गया के किशुनचक गाँव में किसान दिनेश यादव की भैंस चराते समय मौत हुई। बाराचट्टी प्रखंड के गुलरवेद गाँव में 17 वर्षीया मनीषा कुमारी की मौत हुई और उनकी माँ गौरी देवी महुआ के पेड़ के नीचे शरण लेने के दौरान गंभीर रूप से झुलस गईं।
बिहार में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या ऊँचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पक्के मकान या वाहन के अंदर शरण लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता मिलेगी?
हाँ, भदवर थाना प्रभारी सचिन कुमार के अनुसार आपदा राहत योजना के तहत मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए संबंधित अस्पतालों में भेज दिया गया है।
बिहार में आगे मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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