बिहार में तूफान और बिजली का कहर: 24 घंटों में 20 से अधिक मौतें, पूर्वी चंपारण-गया सबसे ज्यादा प्रभावित

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बिहार में तूफान और बिजली का कहर: 24 घंटों में 20 से अधिक मौतें, पूर्वी चंपारण-गया सबसे ज्यादा प्रभावित

सारांश

बिहार में एक ही दिन में तूफान और बिजली के कहर ने 20 से अधिक जिंदगियाँ लील लीं — पूर्वी चंपारण से लेकर रोहतास तक। IMD अलर्ट के बावजूद बुनियादी ढाँचे की खामियाँ उजागर हुईं, और सीतामढ़ी में खंभा गिरने की घटना ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए।

मुख्य बातें

5 मई 2026 को बिहार में तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई।
सबसे अधिक प्रभावित जिले: पूर्वी चंपारण (5 मौतें) , गया (3) , औरंगाबाद (3) , पटना (2) , सीतामढ़ी (2) ।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
सीतामढ़ी में बिजली का खंभा गिरने से रकीबा खातून और निकहत परवीन की मौत; गुलाम हुसैन गंभीर रूप से घायल।
कटिहार के आजमनगर स्टेशन पर ट्रेन 55708 करीब एक घंटे रुकी रही।
IMD ने पहले ही राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया था; आने वाले दिनों में भी सतर्कता की सलाह।

बिहार में 5 मई 2026 को तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पूर्वी चंपारण, गया और औरंगाबाद सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन की शुरुआत में ही पूरे राज्य के लिए तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया था।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार देर दोपहर तक कई जिलों में घने बादल छा गए और शाम होते-होते तेज तूफान ने राज्य के बड़े हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। यह मौसम का अचानक बदलाव एक दिन की भीषण गर्मी और उमस के बाद आया।

पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में पेड़ गिरने और दीवारें ढहने से 2 लोगों की मौत हुई। पूर्वी चंपारण में 5, गया में 3, और औरंगाबाद में बिजली गिरने से 3 लोगों की जान गई। इसके अलावा वैशाली में 1, सीतामढ़ी में 2 और भोजपुर में 1 व्यक्ति की मौत की खबर है।

सीतामढ़ी में बिजली के खंभे से हादसा

सीतामढ़ी में तूफान के दौरान बिजली का खंभा गिरने से दो महिलाओं — रकीबा खातून और निकहत परवीन — की मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति गुलाम हुसैन गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग पर बुनियादी ढाँचे की उचित देखभाल न करने का आरोप लगाते हुए तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।

रोहतास और कटिहार में भी नुकसान

रोहतास में 25 वर्षीय बलवंत पासवान की कार्यस्थल पर बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि चार अन्य व्यक्ति घायल हो गए। कटिहार रेलवे मंडल के आजमनगर स्टेशन पर एक पेड़ की भारी डाल 25,000 वोल्ट के हाई-टेंशन ओवरहेड तार पर गिरने से आग लग गई और प्लेटफॉर्म पर धुआँ फैल गया। ट्रेन संख्या 55708 (कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर) लगभग एक घंटे तक रुकी रही, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रित कर परिचालन बहाल किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सचिवालय ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है, क्योंकि खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।

आम जनता पर असर

गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों ने कई सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून-पूर्व तूफानी मौसम हर वर्ष जान-माल का भारी नुकसान करता है। IMD ने आने वाले दिनों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बुनियादी ढाँचे की तैयारी उसी पुराने ढर्रे पर दिखती है। सीतामढ़ी में जर्जर बिजली के खंभे का गिरना यह सवाल उठाता है कि IMD अलर्ट जारी होने के बावजूद एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए गए। ₹4 लाख की अनुग्रह राशि राहत देती है, लेकिन यह उस संरचनात्मक विफलता का जवाब नहीं है जो बार-बार इन मौतों की वजह बनती है। जब तक बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन तंत्र में जवाबदेही तय नहीं होती, ये आँकड़े हर साल दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 5 मई 2026 को कितने लोगों की मौत हुई?
5 मई 2026 को बिहार में तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने से 24 घंटों में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई। पूर्वी चंपारण, गया, औरंगाबाद, पटना और सीतामढ़ी सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे।
मृतकों के परिवारों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
मुख्यमंत्री सचिवालय ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह राशि राज्य आपदा राहत कोष के तहत दी जाती है।
सीतामढ़ी में बिजली के खंभे से हादसा कैसे हुआ?
सीतामढ़ी में तूफान के दौरान एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे रकीबा खातून और निकहत परवीन नामक दो महिलाओं की मौत हो गई। गुलाम हुसैन गंभीर रूप से घायल हुए और उनका उपचार जारी है; स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है।
कटिहार के आजमनगर स्टेशन पर क्या हुआ?
आजमनगर स्टेशन पर एक पेड़ की डाल 25,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार पर गिरने से आग लग गई और धुआँ फैल गया। ट्रेन संख्या 55708 (कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर) करीब एक घंटे रुकी रही, जिसके बाद परिचालन बहाल किया गया।
क्या बिहार में आगे भी खराब मौसम की आशंका है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही राज्यव्यापी तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया था। अधिकारियों ने निवासियों से आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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