14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में वज्रपात का कहर: गया, औरंगाबाद समेत 4 जिलों में 7 की मौत, CM सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में वज्रपात का कहर: गया, औरंगाबाद समेत 4 जिलों में 7 की मौत, CM सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया

सारांश

बिहार के चार जिलों में 29 मई को वज्रपात ने 7 जिंदगियाँ लील लीं — सबसे ज़्यादा 3 मौतें गया में। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर शोक जताते हुए प्रत्येक परिवार को ₹4 लाख अनुग्रह अनुदान का तत्काल आदेश दिया और नागरिकों से खराब मौसम में घरों में रहने की अपील की।

मुख्य बातें

बिहार के गया (3), औरंगाबाद (2), सारण (1) और खगड़िया (1) जिलों में वज्रपात से कुल 7 लोगों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 मई 2025 को प्रत्येक मृतक परिवार को ₹4 लाख अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया।
चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया और आपदा प्रबंधन विभाग को तत्काल मुआवजा वितरण के आदेश दिए।
राज्य सरकार ने नागरिकों से खराब मौसम में घरों में रहने और विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
बिहार में प्री-मानसून काल में वज्रपात से जनहानि की घटनाएँ प्रतिवर्ष सामने आती हैं।

बिहार के गया, औरंगाबाद, सारण और खगड़िया जिलों में 29 मई 2025 को आकाशीय बिजली गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों को तत्काल ₹4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग को दिए हैं।

जिलेवार मृतकों का ब्योरा

राज्य में हुई वज्रपात की इन घटनाओं में सर्वाधिक 3 मौतें गया जिले में दर्ज की गईं। औरंगाबाद में 2, जबकि सारण और खगड़िया में 1-1 व्यक्ति की मौत की पुष्टि अधिकारियों ने की है। इस प्रकार चार जिलों में कुल 7 लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आए।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'राज्य में वज्रपात की घटना में औरंगाबाद में 2, गया में 3, सारण में 1 और खगड़िया में 1 व्यक्ति की असामयिक मृत्यु अत्यंत दुःखद है।' उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिजनों के साथ खड़ी है।

चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि सभी मृतकों के परिजनों को अविलंब ₹4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया जाए।

आम जनता से सतर्कता की अपील

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से खराब मौसम के दौरान पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए और खराब मौसम में यथासंभव घरों में रहा जाए।

बिहार में वज्रपात: एक गंभीर समस्या

गौरतलब है कि बिहार उन राज्यों में शामिल है जहाँ प्रतिवर्ष मानसून-पूर्व और मानसून काल में वज्रपात से सर्वाधिक जनहानि होती है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, भारत में वज्रपात प्राकृतिक आपदाओं में मृत्यु का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और मौसम विभाग ने कई जिलों में आँधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

क्या होगा आगे

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को मुआवजा राशि का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वज्रपात से बचाव के लिए विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या जलाशयों के पास खड़े रहने से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी राज्य में अर्ली-वार्निंग सिस्टम की पहुँच ग्रामीण स्तर तक सीमित बनी हुई है। मुआवजे की घोषणा ज़रूरी है, लेकिन यह प्रतिक्रियात्मक कदम है — रोकथाम नहीं। सवाल यह है कि क्या आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देश वास्तव में उन खेतिहर मज़दूरों और किसानों तक पहुँच रहे हैं जो खुले मैदान में काम करते हैं और सबसे अधिक जोखिम में हैं। जब तक जागरूकता अभियान और सामुदायिक स्तर पर अलर्ट तंत्र नहीं बनता, ₹4 लाख की राशि केवल क्षति की भरपाई है, त्रासदी की रोकथाम नहीं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 29 मई को वज्रपात से कितने लोगों की मौत हुई?
29 मई 2025 को बिहार के चार जिलों — गया (3), औरंगाबाद (2), सारण (1) और खगड़िया (1) — में वज्रपात से कुल 7 लोगों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के लिए क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि सभी 7 मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान किया जाए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
वज्रपात से बचाव के लिए बिहार सरकार ने क्या सलाह दी है?
मुख्यमंत्री चौधरी ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम में यथासंभव घरों में रहें और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या जलाशयों के पास खड़े रहने से बचना चाहिए।
बिहार में वज्रपात इतना घातक क्यों है?
बिहार में प्री-मानसून और मानसून काल में वज्रपात की घटनाएँ बड़े पैमाने पर होती हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, भारत में वज्रपात प्राकृतिक आपदाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतिहर मज़दूर और किसान खुले में काम करने के कारण सर्वाधिक जोखिम में रहते हैं।
मुआवजा राशि कब तक मिलेगी?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को अविलंब — यानी बिना देरी के — मुआवजा वितरण के निर्देश दिए हैं। हालाँकि सटीक तिथि का उल्लेख नहीं किया गया है, सरकार ने इसे तत्काल प्राथमिकता बताया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले