राम कपूर का 'लॉक अप' में खुलासा: 13 साल की उम्र में स्कूल में हुआ था यौन शोषण
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता राम कपूर ने स्ट्रीमिंग रियलिटी शो 'लॉक अप' के हालिया एपिसोड में अपनी ज़िंदगी का सबसे दर्दनाक राज़ पहली बार सार्वजनिक रूप से साझा किया — 13 साल की उम्र में स्कूल के दौरान हुए यौन शोषण का। 12 जुलाई को प्रसारित इस एपिसोड में उनका यह भावुक खुलासा दर्शकों के लिए अप्रत्याशित था, क्योंकि इससे पहले यह बात केवल उनकी पत्नी गौतमी को ही पता थी।
शो में क्यों साझा किया यह राज़
शो के नियमों के अनुसार, 'एट रिस्क' श्रेणी में आए प्रतियोगियों को शो में बने रहने के लिए अपनी ज़िंदगी का एक गहरा और अनकहा राज़ सबके सामने रखना था। इसी 'लाइफलाइन' के तहत राम कपूर ने यह खुलासा किया। उन्होंने कहा, "मैं 13 साल का था जब स्कूल में मेरा यौन शोषण हुआ था। आज तक, सिर्फ मेरी पत्नी गौतमी को ही इसके बारे में पता है। मैंने कभी भी इस बारे में सबके सामने बात नहीं की है।"
घटना का मानसिक प्रभाव
अभिनेता ने बताया कि इस अनुभव ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और दीर्घकालिक असर डाला, भले ही उन्होंने इसे सालों तक अपने भीतर दबाए रखा। उन्होंने स्वीकार किया कि उस घटना को याद करना कभी आसान नहीं रहा। राम कपूर के अनुसार, उन्हें लगा कि अब इसे खुलकर स्वीकार करना ज़रूरी है — खासकर इसलिए क्योंकि इससे बचपन के ट्रॉमा और सर्वाइवर्स के मन पर पड़ने वाले भावनात्मक घावों पर ज़रूरी बातचीत को बढ़ावा मिल सकता है।
जिसने गलत किया, उसी ने उबरने में भी की मदद
राम कपूर ने यह भी बताया कि जिस व्यक्ति ने उनके साथ यह कृत्य किया था, वह भी उस समय किशोरावस्था में ही था। उनके अनुसार, बाद में उस व्यक्ति ने उनसे माफी माँगी और उन्हें उस मानसिक आघात से उबरने में मदद भी की — यह पहलू इस पूरे खुलासे का सबसे जटिल और मार्मिक हिस्सा रहा।
परिवार को लेकर भावुक हुए राम कपूर
अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता वे अपने बच्चों से क्या कहेंगे जब वे पूछेंगे कि उन्होंने यह बात पूरे देश के सामने तो बताई, लेकिन उन्हें नहीं बताई। यह टिप्पणी उनकी भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाती है।
शो पर असर
राम कपूर के इस खुलासे के बाद उन्हें शो में 'सुरक्षित' घोषित कर दिया गया। इस एपिसोड में रियाज़ शो से बाहर हो गए, जबकि श्रेया को अगले हफ्ते के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब भारत में बचपन के यौन शोषण और पुरुष सर्वाइवर्स की चुप्पी पर सार्वजनिक संवाद की माँग लगातार बढ़ रही है।