10 अगस्त 2026
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बिहार: CM सम्राट चौधरी ने 3.96 लाख प्रभावित किसानों को ₹200 करोड़ की कृषि अनुदान राशि जारी की

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बिहार: CM सम्राट चौधरी ने 3.96 लाख प्रभावित किसानों को ₹200 करोड़ की कृषि अनुदान राशि जारी की

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मार्च 2026 की आंधी-ओलावृष्टि से तबाह हुए 3.96 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹200 करोड़ सीधे DBT से भेजे। कुल राहत प्रावधान ₹260.71 करोड़ है, जो 13 जिलों में 33% से अधिक फसल क्षति झेलने वाले किसानों को कवर करता है।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी ने 22 जून 2026 को 3.96 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹200 करोड़ से अधिक की राशि DBT से हस्तांतरित की।
मार्च 2026 में आई आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से 13 जिलों में 33% से अधिक फसल क्षति दर्ज हुई।
आपदा प्रबंधन विभाग ने ₹200 करोड़ और कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त ₹60.71 करोड़ की स्वीकृति दी — कुल प्रावधान ₹260.71 करोड़ ।
प्रभावित जिलों में सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर सहित 13 जिले शामिल हैं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी , कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा उपस्थित रहे।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 जून 2026 को रबी सीजन में मार्च 2026 के दौरान आई आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से फसल गँवाने वाले किसानों को बड़ी राहत दी। कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत 3.96 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए ₹200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि ऑनलाइन माध्यम से हस्तांतरित की गई। यह बिहार सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा पीड़ित किसानों के लिए उठाया गया अब तक का एकल सबसे बड़ा त्वरित राहत कदम बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मार्च 2026 में आई प्राकृतिक आपदा ने राज्य के 13 जिलोंसहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर — में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति दर्ज कराई। इन जिलों में रबी फसलों को सर्वाधिक नुकसान पहुँचा, जिसकी पुष्टि राज्य के कृषि एवं आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्टों से हुई।

कुल राहत राशि का प्रावधान

आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित किसानों की तत्काल सहायता के लिए ₹200 करोड़ उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, कृषि विभाग के अनुरोध पर ₹60.71 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई, जिससे कुल राहत प्रावधान ₹260.71 करोड़ हो गया। गौरतलब है कि DBT माध्यम से राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई।

सरकार की प्रतिक्रिया और दृष्टिकोण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है और राज्य सरकार उनके साथ मज़बूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, 'कृषि इनपुट अनुदान योजना केवल आर्थिक मदद का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास और स्थिरता बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।' मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए किसानों से इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस राहत वितरण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के किसान लगातार दूसरे वर्ष रबी सीजन में मौसमी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

आम जनता और किसानों पर असर

₹260.71 करोड़ की यह संयुक्त राहत राशि प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने और आर्थिक रूप से उबरने में सहायक होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, DBT के ज़रिए सीधे खाते में राशि आने से किसानों को अगली फसल की बुआई के लिए बीज और खाद की खरीद में तत्काल मदद मिलेगी। आगे चलकर सरकार की यह पहल किसानों की फसल-सुरक्षा नीति को और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 3.96 लाख किसानों में प्रति किसान औसत अनुदान मात्र ₹5,000-6,000 के आसपास बनता है — जो 33% से अधिक फसल क्षति की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता। DBT का उपयोग पारदर्शिता की दृष्टि से सराहनीय है, परंतु बिहार में हर वर्ष बाढ़, ओलावृष्टि और सूखे की मार झेलने वाले किसानों के लिए यह तात्कालिक राहत है, दीर्घकालिक समाधान नहीं। जब तक फसल बीमा का दायरा और दावा-निपटान प्रक्रिया नहीं सुधरती, ऐसी एकमुश्त राहत योजनाएँ हर सीजन की स्थायी ज़रूरत बनती रहेंगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार ने किसानों को कितनी राहत राशि जारी की है?
बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 3.96 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹200 करोड़ से अधिक की राशि DBT के माध्यम से जारी की है। कुल राहत प्रावधान ₹260.71 करोड़ है, जिसमें कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त ₹60.71 करोड़ भी शामिल हैं।
किन जिलों के किसानों को यह राहत मिली है?
मार्च 2026 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 13 जिलों — सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर — के किसानों को यह सहायता राशि मिली है। इन जिलों में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति दर्ज की गई थी।
कृषि इनपुट अनुदान योजना क्या है?
कृषि इनपुट अनुदान योजना बिहार सरकार की एक राहत योजना है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से अनुदान दिया जाता है। यह योजना किसानों को दोबारा खेती शुरू करने के लिए आर्थिक सहारा देती है।
मार्च 2026 की आपदा से बिहार के किसानों को कितना नुकसान हुआ था?
मार्च 2026 में आई आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से बिहार के 13 जिलों में रबी फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ था। इस आपदा से 3.96 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए।
क्या किसानों को अन्य केंद्रीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है?
हाँ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी सीधे मिल रहा है। उन्होंने किसानों से अधिकाधिक संख्या में इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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