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पीएम-किसान की नई किस्त: 9.44 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ

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पीएम-किसान की नई किस्त: 9.44 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ

सारांश

पीएम-किसान योजना की नवीनतम किस्त में 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि पहुँची। BJP किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने हुगली से मोदी सरकार की कृषि नीतियों की सराहना करते हुए कृषि बजट, एफपीओ और नैनो यूरिया जैसी पहलों को किसान सशक्तिकरण का आधार बताया।

मुख्य बातें

9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को पीएम-किसान की नवीनतम किस्त के तहत ₹18,880 करोड़ से अधिक का DBT प्राप्त हुआ।
BJP किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने 20 जून 2026 को हुगली, पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
कृषि बजट यूपीए काल के लगभग ₹27,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में लगभग ₹1.25 लाख करोड़ हो गया है — चाहर के बयान के अनुसार।
22 करोड़ से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित; देशभर में 8,000 से अधिक FPO स्थापित।
नैनो यूरिया और नीम-कोटेड यूरिया पहलों को इनपुट लागत घटाने का श्रेय दिया गया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की नवीनतम किस्त के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

किस्त का विवरण और लाभार्थी

इस बार की किस्त में 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में भेजी गई। चाहर ने कहा कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर, सक्षम और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक निरंतर प्रयास है।

कृषि बजट में वृद्धि और सरकारी दावे

चाहर के अनुसार, मोदी सरकार के कार्यकाल में कृषि बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनके बयान के अनुसार, यह बजट यूपीए शासन के दौरान लगभग ₹27,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में लगभग ₹1.25 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार की नीतियाँ कृषि उत्पादकता बढ़ाने, इनपुट लागत घटाने और किसानों की ऋण व बाज़ारों तक पहुँच सुधारने पर केंद्रित रही हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और एफपीओ

चाहर ने 22 करोड़ से अधिक किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) वितरित किए जाने का उल्लेख किया, जिससे किसानों को फसल पोषण और उर्वरक उपयोग के बारे में सटीक निर्णय लेने में सहायता मिली है। इसके अलावा, उन्होंने देश में 8,000 से अधिक किसान-उत्पादक संगठनों (FPO) की स्थापना की जानकारी दी, जो किसानों को सामूहिक विपणन और बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक हैं। किसान क्रेडिट कार्ड नेटवर्क के विस्तार को भी उन्होंने किसानों की ऋण सुलभता में सुधार का प्रमुख कारक बताया।

नैनो यूरिया और नीम-कोटेड यूरिया की भूमिका

BJP किसान मोर्चा के प्रमुख ने नैनो यूरिया और नीम-कोटेड यूरिया जैसी पहलों को पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाने और किसानों की इनपुट लागत कम करने में सहायक बताया। उनके अनुसार, ये पहलें किसानों की उत्पादन लागत को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

विपक्ष पर आरोप और आगे की राह

चाहर ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए किसान समुदाय को गुमराह करने का प्रयास किया, जबकि सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए ठोस कदम उठाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कल्याणकारी और सुधारवादी उपायों के ज़रिए किसानों से किए गए वादों को पूरा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब कृषि क्षेत्र में आय असमानता और बाज़ार पहुँच को लेकर बहस अभी भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP किसान मोर्चा का इसे 'प्रतिबद्धता का प्रमाण' बताना स्पष्ट रूप से राजनीतिक संदेश है — विशेषकर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से, जो चुनावी दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। कृषि बजट में वृद्धि के दावे सत्यापन योग्य हैं, परंतु बजट आवंटन और किसानों की वास्तविक आय में वृद्धि के बीच की खाई पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चुप रहती है। नेशनल सैंपल सर्वे और कृषि जनगणना के आँकड़े बताते हैं कि छोटे और सीमांत किसानों की आय में वृद्धि की रफ्तार बजट वृद्धि की तुलना में कहीं धीमी रही है। FPO और नैनो यूरिया जैसी पहलें दिशा में सही हैं, लेकिन 8,000 FPO में से कितने वित्तीय रूप से टिकाऊ हैं — यह सवाल अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-किसान सम्मान निधि की नवीनतम किस्त में कितनी राशि जारी हुई?
नवीनतम किस्त के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।
BJP किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने क्या कहा?
BJP किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कृषि बजट वृद्धि, FPO, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और नैनो यूरिया जैसी पहलों को किसान सशक्तिकरण का आधार बताया।
मोदी सरकार में कृषि बजट कितना बढ़ा है?
चाहर के बयान के अनुसार, कृषि बजट यूपीए काल के लगभग ₹27,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में लगभग ₹1.25 लाख करोड़ हो गया है। यह वृद्धि पिछले 12 वर्षों में हुई बताई गई है।
देश में कितने किसान-उत्पादक संगठन (FPO) स्थापित किए गए हैं?
BJP किसान मोर्चा के अनुसार, देशभर में 8,000 से अधिक FPO स्थापित किए गए हैं। ये संगठन किसानों को सामूहिक विपणन, बेहतर सौदेबाजी और उचित मूल्य दिलाने में सहायक हैं।
नैनो यूरिया और नीम-कोटेड यूरिया से किसानों को क्या फायदा है?
इन पहलों से पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और किसानों की इनपुट लागत घटती है। BJP किसान मोर्चा के अनुसार, ये उपाय किसानों की उत्पादन लागत को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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