क्या पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त आज जारी होगी?

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क्या पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त आज जारी होगी?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी आज वाराणसी से पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त जारी करेंगे। 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपए का आर्थिक सहयोग मिलेगा। यह योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है। जानें, इस योजना के बारे में और कैसे यह किसानों की मदद कर रही है।

मुख्य बातें

पीएम-किसान योजना छोटे किसानों के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण स्रोत है।
यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है, जिससे किसानों को आसानी से लाभ मिल रहा है।
किसान ई-मित्रा और एग्री स्टैक जैसी पहलें इस योजना को और भी प्रभावी बनाती हैं।

वाराणसी, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पीएम मोदी शनिवार को वाराणसी के बनौली गांव से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (पीएम किसान) योजना की 20वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में लगभग 20,500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे फरवरी 2019 में आरंभ किया गया था। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक समर्थन प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

योजना की शुरुआत से अब तक (2019 से लेकर 19वीं किस्त तक), 3.69 लाख करोड़ रुपए देशभर के किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। शनिवार को जारी की जा रही 20वीं किस्त से किसानों को और अधिक आर्थिक मजबूती मिलेगी।

इससे पहले 19वीं किस्त पीएम मोदी ने 24 फरवरी 2025 को भागलपुर, बिहार से जारी की थी। उस समय भी 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी।

भारत के लगभग 85 प्रतिशत किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। ऐसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम-किसान योजना एक जीवन रेखा की तरह कार्य करती है। यह राशि किसानों को बोवाई या कटाई के समय उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना एक प्रकार का सुरक्षा कवच है, जो संकट के समय किसानों को राहत देती है।

पीएम-किसान योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूरी तरह डिजिटल होना है। जनधन अकाउंट, आधार, और मोबाइल फोन की मदद से यह योजना देश के कोने-कोने में तेज और पारदर्शी तरीके से संचालित होती है। इस योजना के लिए किसान स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से वेरिफाई किया जाता है और राशि सीधे खाते में जमा होती है।

पीएम-किसान योजना से प्रेरित होकर सरकार ने कुछ नई डिजिटल पहलों का भी शुभारंभ किया है। किसान ई-मित्रा एक वॉइस-बेस्ड चैटबॉट है, जो किसानों को उनकी भाषा में जानकारी प्रदान करता है। वहीं, एग्री स्टैक किसानों को व्यक्तिगत और समय पर सलाह देने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-किसान योजना कब शुरू हुई?
यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है।
किसानों को कितनी राशि मिलती है?
किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए की सहायता मिलती है।
क्या यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है?
हाँ, यह योजना जनधन अकाउंट, आधार और मोबाइल फोन के माध्यम से संचालित होती है।
किसान ई-मित्रा क्या है?
किसान ई-मित्रा एक वॉइस-बेस्ड चैटबॉट है जो किसानों को उनकी भाषा में जानकारी प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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