पीएम किसान 23वीं किस्त जारी: 9.44 करोड़ किसानों को मिले ₹18,880 करोड़, कुल वितरण ₹4.28 लाख करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए देश भर के 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। इस किस्त के साथ योजना के तहत अब तक वितरित कुल धनराशि ₹4.28 लाख करोड़ के आँकड़े को पार कर गई है।
योजना की संरचना और पात्रता
पीएम-किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में प्रत्येक चार महीने के अंतराल पर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित होती है। सरकार इसे दुनिया की सबसे बड़ी DBT योजनाओं में से एक बताती है, जिसका मूल उद्देश्य कृषि परिवारों की आय को स्थिरता प्रदान करना है।
तारकेश्वर में घोषित विकास परियोजनाएँ
किस्त जारी करने के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें एक नया रेलवे मंडल, एक रेलवे अस्पताल, हावड़ा और राधामोहनपुर को जोड़ने वाला पुल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत ग्रामीण सड़कें, फ्रेजरगंज में फिशिंग हार्बर और बीरभूम में एक आधुनिक मछली बाज़ार शामिल हैं। ये परियोजनाएँ रेलवे, सड़क, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों को कवर करती हैं।
कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाएँ
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने तीन नई कृषि पहलों की भी शुरुआत की — डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना। इनका लक्ष्य कृषि में तकनीक का उपयोग बढ़ाना, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना और किसानों की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास में लगातार सक्रिय है।
भुगतान स्थिति कैसे जाँचें
23वीं किस्त जारी होने के बाद लाभार्थी किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध 'Know Your Status' विकल्प के ज़रिए अपनी भुगतान स्थिति सत्यापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान अपने बैंक खाते या पासबुक की प्रविष्टि देखकर भी यह पुष्टि कर सकते हैं कि ₹2,000 की राशि जमा हुई है या नहीं।
योजना का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ा रही है। गौरतलब है कि पीएम-किसान योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी और तब से यह देश के सबसे व्यापक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रमों में से एक बनी हुई है। नई कृषि योजनाओं का शुभारंभ इस बात का संकेत है कि सरकार आय सहायता के साथ-साथ उत्पादकता-आधारित हस्तक्षेप की ओर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।