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दिल्ली सरकार ने बाढ़-प्रभावित किसानों को ₹33.31 करोड़ की राहत मंजूर, DBT से होगा भुगतान

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दिल्ली सरकार ने बाढ़-प्रभावित किसानों को ₹33.31 करोड़ की राहत मंजूर, DBT से होगा भुगतान

सारांश

दिल्ली सरकार ने अगस्त-सितंबर 2025 की बाढ़ से तबाह हुई फसलों के लिए ₹33.31 करोड़ की राहत मंजूर की है। 4,442.41 हेक्टेयर प्रभावित भूमि के किसानों को ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की दर से DBT के जरिए सीधे भुगतान होगा — शहरी राज्य में किसानों के लिए एक उल्लेखनीय राहत कदम।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार ने ₹33.31 करोड़ से अधिक की किसान राहत राशि स्वीकृत की।
राहत ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की दर से, 4,442.41 हेक्टेयर प्रभावित कृषि भूमि के किसानों को मिलेगी।
राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से अगले महीने से सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सबसे अधिक राहत नजफगढ़ को ₹9.98 करोड़ और मुंडका (कंझावला) को ₹8.70 करोड़ मिलेगी।
कॉर्पोरेट भूमि, ग्राम सभा भूमि और फार्महाउस इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में 100 प्रतिशत फसल क्षति का आकलन किया जा चुका है।

दिल्ली सरकार ने 17 जुलाई 2026 को अगस्त-सितंबर 2025 की असाधारण बारिश और जलभराव से पूरी तरह बर्बाद हुई फसलों के लिए प्रभावित किसानों को ₹33.31 करोड़ से अधिक की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के तहत 4,442.41 हेक्टेयर प्रभावित कृषि भूमि के किसानों को ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

राहत योजना का ढाँचा

स्वीकृत राशि का वितरण प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से अगले महीने से शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग और संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया है कि बिना किसी विलंब के वितरण प्रक्रिया आरंभ की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में 100 प्रतिशत फसल क्षति का आकलन किया जा चुका है और सहायता पूरी पारदर्शिता के साथ दी जाएगी।

जिलेवार राहत राशि का विवरण

स्वीकृत राहत राशि दिल्ली के कई जिलों और उपमंडलों में वितरित होगी। अलीपुर (नरेला) में 364.74 हेक्टेयर के लिए ₹2.74 करोड़, बुराड़ी में 17.33 हेक्टेयर के लिए ₹13 लाख, पंजाबी बाग (मुंडका) में 51.50 हेक्टेयर के लिए ₹38.63 लाख और विकासपुरी में 26.55 हेक्टेयर के लिए ₹19.92 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।

कंझावला क्षेत्र के अंतर्गत मुंडका में ₹8.70 करोड़ और बावाना में ₹4.49 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है, जो कुल 1,758.76 हेक्टेयर भूमि को कवर करती है। इसके अतिरिक्त, रोहिणी (मुंडका) में 137.59 हेक्टेयर के लिए ₹1.03 करोड़, कपासहेरा (मटियाला) में 625.93 हेक्टेयर के लिए ₹4.69 करोड़, नजफगढ़ में ₹9.98 करोड़ और मटियाला में ₹96.74 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की गई है — ये दोनों मिलकर 1,459.97 हेक्टेयर को कवर करते हैं।

पात्रता की शर्तें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सहायता केवल उन किसानों को मिलेगी जो भूमि के पंजीकृत या दर्ज स्वामी हैं और जिनकी फसलें अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश व जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई थीं। कॉर्पोरेट स्वामित्व वाली भूमि, ग्राम सभा की भूमि पर की गई खेती और स्थायी चारदीवारी वाले फार्महाउसों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार सुख-दुख दोनों समय में अपने किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जोर दिया कि यह सहायता प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान से उबरने में किसानों की मदद का एक ठोस प्रयास है। गौरतलब है कि दिल्ली में कृषि भूमि सीमित होने के बावजूद यह शहरी राज्य के किसानों के लिए एक उल्लेखनीय राहत पैकेज है।

आगे की राह

DBT प्रक्रिया के तहत राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अगले महीने से स्थानांतरित होनी शुरू होगी। राजस्व विभाग को वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र किसान इस सहायता से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि वितरण समयसीमा के भीतर हो — दिल्ली में पिछली कई राहत योजनाओं में देरी का इतिहास रहा है। कॉर्पोरेट भूमि और फार्महाउसों को बाहर रखना सराहनीय है, पर स्वतंत्र सत्यापन तंत्र की अनुपस्थिति में यह सुनिश्चित करना कठिन होगा कि लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुँचे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार ने किसानों को कितनी राहत राशि दी है और किस कारण से?
दिल्ली सरकार ने अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश और जलभराव से पूरी तरह नष्ट हुई फसलों के लिए ₹33.31 करोड़ से अधिक की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। यह राशि 4,442.41 हेक्टेयर प्रभावित कृषि भूमि के पंजीकृत किसानों को ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की दर से दी जाएगी।
किसानों को राहत राशि कब और कैसे मिलेगी?
राहत राशि अगले महीने से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग और जिला मजिस्ट्रेटों को बिना देरी के वितरण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इस राहत योजना के लिए पात्रता की शर्तें क्या हैं?
केवल वे किसान पात्र हैं जो भूमि के पंजीकृत या दर्ज स्वामी हैं और जिनकी फसलें अगस्त-सितंबर 2025 में बारिश व जलभराव से क्षतिग्रस्त हुई थीं। कॉर्पोरेट स्वामित्व वाली भूमि, ग्राम सभा की भूमि और स्थायी चारदीवारी वाले फार्महाउस इस योजना से बाहर हैं।
किन क्षेत्रों को सबसे अधिक राहत राशि मिलेगी?
नजफगढ़ को सर्वाधिक ₹9.98 करोड़ और मुंडका (कंझावला क्षेत्र) को ₹8.70 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। कपासहेरा (मटियाला) को ₹4.69 करोड़ और बावाना को ₹4.49 करोड़ मिलेंगे।
दिल्ली में कितनी कृषि भूमि इस बाढ़ राहत योजना के अंतर्गत आई है?
दिल्ली के विभिन्न जिलों और उपमंडलों में कुल 4,442.41 हेक्टेयर प्रभावित कृषि भूमि को इस राहत योजना के अंतर्गत लाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 100 प्रतिशत फसल क्षति का सरकारी आकलन किया जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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