आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में UPRTOU का 21वां दीक्षांत समारोह, 30,886 उपाधियाँ DigiLocker पर जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 18 जुलाई 2025 को प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) का 21वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें 30,886 उपाधियाँ और अंक प्रमाणपत्र DigiLocker के माध्यम से डिजिटल रूप से जारी किए गए। समारोह में 18 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 26 पदकों से सम्मानित किया गया, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता की पहचान के रूप में प्रदान किए गए।
राज्यपाल का संबोधन: शिक्षा एक दायित्व है
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल प्रमाणपत्र वितरण का अवसर नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्राप्त उपाधि को केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों के निर्वहन का संकल्प मानें।
उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय उनका सृजन करें और चुनौतियों का समाधान खोजते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा और कक्षा छह से कौशल आधारित शिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाना है।
डिजिटल व्यवस्था से ₹200 करोड़ की बचत
राज्यपाल ने समर्थ पोर्टल और DigiLocker जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में इनके प्रभावी उपयोग से अब तक लगभग ₹200 करोड़ की बचत हुई है। डिजिटल प्रमाणपत्र व्यवस्था से विद्यार्थी घर बैठे अपने दस्तावेज़ डाउनलोड कर सकते हैं, जिससे समय, धन और संसाधनों की बचत होती है।
आंगनबाड़ी किट और HPV टीकाकरण
समारोह के दौरान फतेहपुर और प्रतापगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 500 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं — फतेहपुर के लिए 300 और प्रतापगढ़ के लिए 200। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक 66,643 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इसके साथ ही दोनों जनपदों में 900 बेटियों का HPV टीकाकरण भी कराया गया, जिसे उन्होंने भविष्य में कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों को भी समान अवसर, समान संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए।
परिसर सुधार और यमुना कटाव पर चिंता
राज्यपाल ने परिसरों में स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और अध्ययन केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। यमुना परिसर में भूमि कटाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने आवश्यक सुरक्षा उपाय शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्मार्ट बोर्ड समेत आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया।
अतिथियों के विचार और समारोह की झलकियाँ
समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए प्रयागराज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि संस्कारित, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय समाज के उन वर्गों तक उच्च शिक्षा पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है जो नियमित शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँवों में संचालित विकास कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।