लॉर्ड्स टेस्ट में 270 रन की जीत युवाओं के लिए प्रेरणा: निकी प्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान निकी प्रसाद ने कहा है कि लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय महिला टीम की 270 रन की ऐतिहासिक टेस्ट जीत उन युवा क्रिकेटरों के लिए बड़ी प्रेरणा है जो राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। टी20 विश्व कप 2025 में अंडर-19 टीम को चैंपियन बनाने वाली निकी ने यह भी कहा कि यह जीत भारत में रेड-बॉल क्रिकेट के बढ़ते आधारभूत ढाँचे का प्रत्यक्ष परिणाम है।
जीत का महत्व और चुनौती
निकी प्रसाद ने कहा, 'मुझे लगता है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इतना अच्छा क्रिकेट खेलते और जीतते हुए देखना प्रेरणा देने वाला था। यह जीत इसलिए भी विशेष थी, क्योंकि टेस्ट मैच टी20 के ठीक बाद खेला गया। टी20 के बाद टेस्ट मैचों के हिसाब से ढलना काफी मुश्किल होता है। भारत में हम बहुत ज़्यादा रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेलते हैं।'
गौरतलब है कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट के बीच का अंतर सिर्फ प्रारूप का नहीं, बल्कि मानसिक और तकनीकी तैयारी का भी होता है। इस पृष्ठभूमि में लॉर्ड्स की जीत और भी उल्लेखनीय बन जाती है।
स्टार प्रदर्शन: गौड़ के 5 विकेट और यास्तिका का शतक
निकी ने विशेष रूप से दो प्रदर्शनों की सराहना की — गौड़ के 5 विकेट और यास्तिका के शतक को उन्होंने 'रोमांचक और प्रेरणादायी' बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टीम वहाँ गई और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, वह एक युवा क्रिकेटर के नज़रिये से देखना बेहद उत्साहजनक था। यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप को लेकर वैश्विक स्तर पर नई रुचि जागी है।
भारत में रेड-बॉल क्रिकेट का बढ़ता आधार
घरेलू स्तर पर रेड-बॉल क्रिकेट के अवसरों पर निकी ने कहा, 'भारत में हमें धीरे-धीरे बहुत सारे रेड-बॉल टूर्नामेंट मिलने लगे हैं। घरेलू क्रिकेट में सीनियर मल्टी-डे टूर्नामेंट भी जोड़ा गया है। जब सीओई में कैंप होते हैं, तब भी वे हमें रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के लिए सक्षम बनाते हैं। इसके परिणाम भी मिलने लगे हैं। लॉर्ड्स में जीत इसका ताज़ा उदाहरण है।'
उन्होंने आगे कहा कि अगले कुछ वर्षों में भारत सिर्फ एक नहीं, बल्कि सभी फॉर्मेट में बेहतर होता रहेगा — यह आत्मविश्वास इस जीत से और मज़बूत हुआ है।
आगे की तैयारी: सीओई कैंप और इंडिया ए
निकी प्रसाद ने बताया कि अगस्त में शुरू होने वाला सीओई में एक महीने का टारगेटेड कैंप और इंडिया ए का कैलेंडर उन्हें अगले छह महीनों तक व्यस्त रखेगा। उन्होंने कहा कि उस कैंप में टी20, वन-डे और टेस्ट — तीनों प्रारूपों में खेलने की आदत विकसित होगी, जो घरेलू क्रिकेट, महिला प्रीमियर लीग और इंडिया ए सीरीज के लिए एक ठोस तैयारी साबित होगी।
लॉर्ड्स की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है — और निकी जैसी उभरती खिलाड़ियों के लिए यह मील का पत्थर बनने की क्षमता रखती है।