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लॉर्ड्स में 270 रनों की जीत ने बदला महिला टेस्ट क्रिकेट का नजरिया: निरंजना नागराजन

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लॉर्ड्स में 270 रनों की जीत ने बदला महिला टेस्ट क्रिकेट का नजरिया: निरंजना नागराजन

सारांश

लॉर्ड्स में 270 रनों की जीत सिर्फ एक स्कोरबोर्ड नहीं — यह महिला टेस्ट क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत है। पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन का कहना है कि यास्तिका का शतक, क्रांति के पाँच विकेट और पूरी टीम की एकजुटता ने साबित किया कि भारतीय महिलाएँ अब लाल गेंद क्रिकेट में विश्व नेता बनने की राह पर हैं।

मुख्य बातें

भारतीय महिला टीम ने 13 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रनों से हराया — महिला टेस्ट में रनों के अंतर से भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत ।
यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक जमाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं, 113 रन की पारी खेली।
क्रांति गौड़ ने 5 विकेट लेकर ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराया; स्नेह राणा ने दूसरी पारी में 4 विकेट लिए।
पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने कहा कि यह जीत घरेलू महिला क्रिकेट सर्किट की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करेगी।
निरंजना ने अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में तीन या पाँच मैचों की महिला टेस्ट सीरीज शामिल करने की वकालत की।

भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने कहा है कि लॉर्ड्स में 13 जुलाई 2026 को इंग्लैंड पर मिली 270 रनों की ऐतिहासिक जीत महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ साबित होगी। उनके अनुसार, यह जीत दुनिया भर में महिलाओं के लाल गेंद क्रिकेट को देखने का नजरिया हमेशा के लिए बदल देगी।

ऐतिहासिक जीत का घटनाक्रम

कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 186 रनों पर समेट कर यादगार जीत दर्ज की। विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक जमाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं और उन्होंने 113 रनों की शानदार पारी खेली। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पाँच विकेट लेकर मशहूर ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया, जबकि ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की। यह महिला टेस्ट क्रिकेट में भारत की रनों के अंतर से दूसरी सबसे बड़ी जीत और कुल मिलाकर चौथी सबसे बड़ी जीत रही।

निरंजना की नजर में जीत का महत्व

भारत के लिए दो टेस्ट, 22 वनडे और 14 टी20 इंटरनेशनल खेल चुकीं निरंजना ने कहा, 'यह भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे बेहतरीन पलों में से एक माना जाएगा। हाँ, हमने वर्ल्ड कप जीता है और वह सबसे ऊपर रहेगा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट ही क्रिकेट का असली रूप है।' उन्होंने यह भी कहा कि क्रांति गौड़ का डेब्यू पर पाँच विकेट और हरमनप्रीत का उन पर भरोसा जताना विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। गौरतलब है कि यास्तिका भाटिया चोट से उबरकर इस मैच में उतरी थीं, जबकि उनका पिछला वर्ल्ड कप अभियान अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा था।

घरेलू क्रिकेट पर असर

निरंजना ने माना कि इस जीत का असर भारतीय महिला घरेलू क्रिकेट सर्किट पर तुरंत दिखेगा। उनके अनुसार, 'घरेलू क्रिकेट की क्वालिटी और प्रदर्शन बेहतर होगा, क्योंकि भारत ने एक टेस्ट मैच जीता है और इसके बाद उनके लिए और भी टेस्ट मैच होंगे — सिलेक्शन का तरीका भी प्रतिस्पर्धी होगा।' उनका कहना है कि घरेलू सर्किट की लड़कियाँ प्रेरणा के लिए राष्ट्रीय टीम की ओर देखती हैं और यह जीत उनके लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगी।

महिला टेस्ट सीरीज की माँग

निरंजना ने जोर देकर कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में तीन या पाँच मैचों की महिला टेस्ट सीरीज शामिल करने का सही समय आ गया है। उन्होंने तर्क दिया कि 'असली टेस्ट और असली हुनर तो लाल गेंद के फॉर्मेट में ही परखा जाता है' और लॉर्ड्स में टीम के प्रदर्शन ने साबित किया है कि महिला टीमें अब चार-चार दिन तक उच्च स्तर का क्रिकेट खेलने में सक्षम हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट के लिए वैश्विक स्तर पर ज्यादा संसाधन और मैच-अवसर देने की माँग तेज हो रही है।

पहचान और आगे का सफर

निरंजना ने इस बात पर संतोष जताया कि महिला क्रिकेटरों को अब जो पहचान मिल रही है, वह उनके प्रदर्शन की बदौलत है। उनके शब्दों में, 'उन्हें जो पहचान मिल रही है, वे उसकी हकदार हैं। उन्होंने खुद को साबित किया है कि वे वर्ल्ड स्टेज पर खेलने के काबिल हैं।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टी20 फॉर्मेट में टीम को अभी थोड़ा और काम करना होगा, हालाँकि टेस्ट और वनडे में भारत अब दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। मैच के बाद क्रिकेट के दिग्गजों ने भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी — यह सम्मान भविष्य के टेस्ट अभियानों के लिए टीम को और प्रेरित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे खिलाड़ियों की तैयारी और दर्शकों की रुचि दोनों सीमित रहती हैं। निरंजना की माँग — तीन या पाँच मैचों की सीरीज — तार्किक है, लेकिन इसके लिए प्रसारण अनुबंध, मैदान की उपलब्धता और बोर्डों की इच्छाशक्ति तीनों एक साथ चाहिए। जब तक शेड्यूल में यह बदलाव नहीं होता, लॉर्ड्स जैसी जीतें इतिहास में दर्ज तो होंगी, पर महिला टेस्ट क्रिकेट की नियमित संस्कृति नहीं बन पाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने कितने रनों से जीत हासिल की?
भारतीय महिला टीम ने 13 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रनों से हराया। इंग्लैंड को दूसरी पारी में 186 रनों पर ऑलआउट किया गया और यह महिला टेस्ट में रनों के अंतर से भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत रही।
यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में क्या उपलब्धि हासिल की?
यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक जमाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं और उन्होंने 113 रनों की पारी खेली। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वे चोट से उबरकर टीम में वापसी कर रही थीं।
क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स टेस्ट में कैसा प्रदर्शन किया?
क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पाँच विकेट लेकर लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
निरंजना नागराजन ने महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर क्या कहा?
पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में तीन या पाँच मैचों की महिला टेस्ट सीरीज शामिल करने का सही समय आ गया है। उनके अनुसार लॉर्ड्स के स्तर के प्रदर्शन ने साबित किया है कि महिला टीमें चार-चार दिन तक उच्च स्तर का क्रिकेट खेलने में सक्षम हैं।
इस जीत का भारतीय घरेलू महिला क्रिकेट पर क्या असर पड़ेगा?
निरंजना नागराजन के अनुसार, लॉर्ड्स की जीत से घरेलू महिला क्रिकेट सर्किट की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा का स्तर सीधे बेहतर होगा। घरेलू खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम से प्रेरणा लेंगी और लंबे फॉर्मेट के इंटर-जोनल मैचों में भी सुधार दिखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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