तेलंगाना में सूखी बुवाई का संकट: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने रेवंत सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने गुरुवार, 16 जुलाई को हैदराबाद में राज्य की रेवंत रेड्डी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बारिश की कमी के चलते किसान गंभीर संकट में हैं, लेकिन सरकार इस ओर से आँखें मूँदे बैठी है। उन्होंने माँग की कि सरकार जलाशयों से सीधे खेतों तक पानी पहुँचाने के वैकल्पिक उपाय तत्काल तलाशे, अन्यथा बुवाई का मौसम बर्बाद हो सकता है।
किसान संकट: बुवाई पर मंडराता खतरा
राव ने कहा कि इस समय खरीफ बुवाई का अहम मौसम चल रहा है, लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने से कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, जहाँ भी जल स्रोत उपलब्ध हैं, वहाँ से किसानों तक पानी पहुँचाने की व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कदम न उठाए गए तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
राव ने यह भी कहा कि पानी की यह कमी केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी — आने वाले महीनों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस विषय पर राजनीति करने के बजाय ठोस और तत्काल राहत उपाय लागू करे।
भाजपा की मजबूती और विपक्ष पर निशाना
भाजपा की जमानत जब्त होने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एन. रामचंदर राव ने इसे 'राजनीतिक अहंकार' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार जनाधार बढ़ा रही है और करीमनगर नगर निगम में पार्टी की जीत इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्ष की भूमिका अब भाजपा निभा रही है।
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता के.टी. रामाराव (केटीआर) पर भी राव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केटीआर का अहंकारपूर्ण रवैया सत्ता में रहते हुए भी था और सत्ता से बाहर होने के बाद भी नहीं बदला है। उनके अनुसार, चुनावी नतीजे स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि जनता का रुझान बदल रहा है।
सर्वोच्च न्यायालय के 24x7 प्रस्ताव का स्वागत
सर्वोच्च न्यायालय के न्याय के द्वार 24 घंटे खुले रखने के प्रस्ताव पर राव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल न्याय की उपलब्धता बेहद ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि न्याय व्यवस्था 24x7 सक्रिय रहे, तो आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
राव ने कहा कि लोकतंत्र में न्याय तक सुगम पहुँच एक बुनियादी आवश्यकता है और सर्वोच्च न्यायालय का यह विचार देश की न्याय प्रणाली को और अधिक जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में खरीफ सीजन की बुवाई अपने चरम पर है और किसान वर्षा की प्रतीक्षा में हैं। राव की माँगें अब राज्य सरकार के सामने एक राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के रूप में खड़ी हैं — रेवंत रेड्डी सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में तय करेगी कि यह मुद्दा कितना तूल पकड़ता है।