तेलंगाना जल संकट: BJP प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव का आरोप — कांग्रेस और BRS मिलकर जनता को कर रहीं गुमराह
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना में किसानों के सामने गहराते जल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 जुलाई को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त है और दोनों विपक्षी दल — कांग्रेस व भारत राष्ट्र समिति (BRS) — मिलकर जनता को असली मुद्दों से भटका रहे हैं।
जल संकट की जड़ें: एल नीनो और कम बारिश
रामचंदर राव ने कहा कि कम बारिश और एल नीनो के प्रभाव के कारण राज्य में पानी की भारी कमी हो गई है, जिससे किसान गंभीर संकट में हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस संकट का व्यावहारिक हल निकालने के बजाय पिछली BRS सरकार के कार्यकाल में बने बांध और बैराज को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि BRS सरकार के दौरान बना यह बैराज भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया था और उसे उस पार्टी के लिए 'एटीएम' की तरह इस्तेमाल किया जाता था। अब एक पक्ष कहता है कि कांग्रेस सरकार पानी नहीं छोड़ रही, जबकि दूसरा पक्ष बैराज की खराब गुणवत्ता को इसकी वजह बताता है।
NDSA की रिपोर्ट और मरम्मत पर विवाद
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कह चुकी है कि बैराज की मरम्मत की जानी चाहिए। इसके बावजूद, उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार ने अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं किया है। रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि सरकार बैराज ठीक कराने के बजाय किसानों तक पानी पहुँचाने में भी बाधा डाल रही है।
BJP की माँग: किसानों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए
रामचंदर राव ने स्पष्ट किया कि BJP का मत है कि किसानों के हित में तुरंत पानी छोड़ा जाना चाहिए, अन्यथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की इस माँग को कांग्रेस तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और यह प्रचार कर रही है कि BJP और BRS एकजुट हैं।
इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वास्तव में कांग्रेस और BRS ही एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, क्योंकि दोनों दल तेलंगाना में BJP के बढ़ते जनाधार को रोकना चाहते हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित होने की आशंका है और किसान संगठन सरकार से सिंचाई सुविधाओं को दुरुस्त करने की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि NDSA की रिपोर्ट के बावजूद बैराज की मरम्मत में देरी पर सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक दलों की परस्पर आरोपबाजी के बीच किसानों की वास्तविक समस्याएँ हाशिये पर चली जाती हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार जल वितरण और बैराज मरम्मत पर क्या ठोस कदम उठाती है।