एसआईआर विवाद: 'कांग्रेस और इंडी गठबंधन हार छुपाने को बना रहे बहाना' — तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने 27 मई 2026 को हैदराबाद में स्पष्ट किया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) भारत निर्वाचन आयोग की एक नियमित और स्थापित प्रक्रिया है, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन की पार्टियाँ अपनी चुनावी पराजय का ठीकरा फोड़ने के लिए निशाना बना रही हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया किसी एक दल या सरकार की नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था की देन है।
रामचंद्र राव का सीधा जवाब
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कहा, 'एसआईआर एक नियमित रूप से संचालित होने वाली चुनावी प्रक्रिया है। यह किसी सरकार या भाजपा द्वारा शुरू की गई नीति नहीं है, बल्कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली एक प्रक्रिया है। संभवतः यह देश में 10वीं या 11वीं बार है, जब एसआईआर का संचालन किया जा रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की पार्टियाँ चुनाव हार रही हैं, इसलिए वे अपनी हार के लिए एसआईआर प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रही हैं।
मोदी के 12 वर्षों पर भाजपा का दावा
रामचंद्र राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से तुलना करते हुए दावा किया कि नेहरू को चुनाव से पहले मनोनीत किया जाता था, जबकि मोदी ने पूरी तरह लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से यह कार्यकाल पूरा किया है। राव ने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री के रूप में मोदी का पूर्व कार्यकाल उन्हें व्यापक प्रशासनिक अनुभव देता है।
टीजेएस प्रमुख कोडंडाराम की आपत्ति
तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के प्रमुख एम. कोडंडाराम ने एसआईआर पर विपरीत रुख अपनाते हुए चिंता जताई कि इस प्रक्रिया के कारण अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और निर्धन वर्ग जैसे वंचित समुदायों के मताधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा, 'मतदान वह संवैधानिक हथियार है, जिसके बल पर ये वर्ग सरकार से अपनी माँगें मनवाते हैं। यदि उनसे यह अधिकार छिन गया, तो वे नागरिक अधिकारों से विहीन हो जाएंगे।' कोडंडाराम की यह आपत्ति एसआईआर बहस को केवल दलीय राजनीति से आगे ले जाती है।
रेवंत रेड्डी के पाला बदलने की अटकलों पर पलटवार
कोडंडाराम ने भाजपा सांसद अरविंद की उन टिप्पणियों को भी खारिज किया, जिनमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पाला बदलने की अटकलें लगाई गई थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैदराबाद दौरे के दौरान दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और सभी से रेवंत रेड्डी के राजनीतिक इरादों पर संदेह न करने की अपील की।
एसआईआर विवाद का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब तेलंगाना में आगामी चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी दल मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।