तेलंगाना में अगली सरकार BJP की बनेगी, कांग्रेस-BRS पर रामचंदर राव का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने 11 जुलाई 2026 को हैदराबाद में स्पष्ट दावा किया कि राज्य की जनता कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) — दोनों से नाराज हो चुकी है और अगले विधानसभा चुनाव में तेलंगाना की सत्ता BJP के हाथों में आएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दलों के बीच एक अंदरूनी समझ कायम है, जिसका एकमात्र उद्देश्य BJP को राज्य में कमज़ोर रखना है।
कांग्रेस और BRS पर आरोप
रामचंदर राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी स्वयं भली-भाँति जानते हैं कि जनता अब उनकी पार्टी के विरुद्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और BRS केवल राजनीतिक ड्रामा कर रही हैं — वे नहीं चाहतीं कि BJP राज्य में मज़बूत हो या सत्ता तक पहुँचे।' उनके अनुसार BRS पर भी जनता का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है और दोनों दलों के बीच जो कुछ भी दिखाई देता है, वह महज़ राजनीतिक नाटक है।
BJP की ज़मीनी स्थिति का दावा
राव ने कहा कि तेलंगाना की जनता BJP के साथ खड़ी है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब राज्य में कांग्रेस सरकार को अपने कार्यकाल के मध्य में कई प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP तीसरे स्थान पर रही थी, इसलिए राव का यह दावा पार्टी की बदलती रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
TMC विवाद पर रामचंदर राव की राय
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद पर भी राव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल में दो गुट खुद को 'असली पार्टी' बताने लगते हैं, तो मामला स्वाभाविक रूप से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के पास जाता है।
उन्होंने समझाया कि ऐसी स्थिति में आयोग का पहला कदम पार्टी के पूरे खाते को फ्रीज़ करना होता है। एक पक्ष बहुमत के आधार पर अपना दावा पेश कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पूर्व पदाधिकारी होने के आधार पर खुद को वैध बता रहा है। ऐसे में निर्वाचन आयोग हस्तक्षेप कर पार्टी चिह्न और खातों से जुड़े सभी मुद्दों पर निर्णय लेता है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
तेलंगाना में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। BJP के लिए यह राज्य दक्षिण भारत में अपनी पैठ बनाने की दृष्टि से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। रामचंदर राव के इस बयान को पार्टी की चुनावी तैयारी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में BJP के राज्यव्यापी अभियानों की दिशा इस बयान से तय होती दिखती है।