तेलंगाना में सरकारी स्कूल बंद करने का आरोप: भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष का रेवंत रेड्डी सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तेलंगाना प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने सोमवार, 15 जून को हैदराबाद में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कांग्रेस सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वह राज्य में सरकारी स्कूलों को बंद करने की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की वर्तमान सरकार शिक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है और इस नीति से गरीब तथा ग्रामीण बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
मुख्य आरोप: स्कूल बंद, बच्चों का भविष्य दाँव पर
एनवी सुभाष ने कहा कि शिक्षा का अधिकार प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और किसी भी प्रशासनिक कारण का हवाला देकर सरकारी स्कूलों को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ सरासर अन्याय है। उनके अनुसार इस नीति की सबसे बड़ी मार ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों पर पड़ेगी, जिनके पास निजी स्कूलों का विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा वह बुनियाद है जिस पर किसी भी राष्ट्र का भविष्य टिका होता है और राज्य सरकार इस बुनियाद को कमज़ोर कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पहले से ही सवालों के घेरे में है।
केंद्र सरकार की नीतियों से तुलना
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने नवोदय विद्यालयों का विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण और प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। उनके अनुसार केंद्र का लक्ष्य चुनावी लाभ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का दीर्घकालिक सशक्तिकरण है।
कांग्रेस सरकार पर प्राथमिकताओं को लेकर सवाल
एनवी सुभाष ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) सरकार का ध्यान शिक्षा के विस्तार पर नहीं, बल्कि मौजूदा ढाँचे को कमज़ोर करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास न नए स्कूल खोलने की कोई स्पष्ट योजना है और न ही शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने का कोई रोडमैप।
गौरतलब है कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार दिसंबर 2023 में सत्ता में आई थी। तब से विपक्षी दलों ने शिक्षा, रोज़गार और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई बार सरकार को घेरा है।
आम जनता पर असर
आलोचकों का कहना है कि यदि सरकारी स्कूल बंद होते हैं तो इसका सीधा असर उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा जो निजी शिक्षा का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। ग्रामीण तेलंगाना में सरकारी स्कूल ही बच्चों की शिक्षा का एकमात्र सहारा हैं।
आगे क्या
भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राज्यव्यापी स्तर पर उठाएगी। रेवंत रेड्डी सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा तेलंगाना की राजनीति में और अधिक तीखा रूप ले सकता है।