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तेलंगाना पब्लिक स्कूल: हर विधानसभा क्षेत्र में TPS खुलेगा, CM रेवंत रेड्डी ने अरुतला में किया उद्घाटन

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तेलंगाना पब्लिक स्कूल: हर विधानसभा क्षेत्र में TPS खुलेगा, CM रेवंत रेड्डी ने अरुतला में किया उद्घाटन

सारांश

तेलंगाना में सरकारी स्कूलों की नई तस्वीर — अरुतला TPS में 'प्रवेश निषेध' का बोर्ड लगाना पड़ रहा है, क्योंकि 1,814 सीटें पहले ही भर चुकी हैं। CM रेवंत रेड्डी का वादा है कि यह मॉडल हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुँचेगा — ₹27,000 करोड़ सालाना शिक्षा बजट के साथ।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी ने 17 जून को रंगा रेड्डी जिले के अरुतला में ₹15 करोड़ की लागत से निर्मित तेलंगाना पब्लिक स्कूल (TPS) का उद्घाटन किया।
घोषणा: तेलंगाना के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक TPS स्थापित किया जाएगा।
अरुतला TPS में 1,814 छात्र नामांकित; भारी माँग के कारण 'प्रवेश निषेध' बोर्ड लगाना पड़ा।
सरकार शिक्षा पर ₹27,000 करोड़ प्रतिवर्ष खर्च कर रही है; राज्य के 27 लाख सरकारी स्कूली छात्रों को लाभ का लक्ष्य।
विपक्ष पर पलटवार: सरकार का दावा — शिक्षा किट टेंडर ₹680 करोड़ का, विपक्ष का आरोप ₹2,000 करोड़ घोटाले का।
यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी भी युवा विकास पहल का हिस्सा।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 17 जून को रंगा रेड्डी जिले के अरुतला में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित राज्य-संचालित तेलंगाना पब्लिक स्कूल (TPS) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेलंगाना के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक TPS स्थापित किया जाएगा।

अरुतला TPS: सुविधाएँ और नामांकन

₹15 करोड़ की लागत से निर्मित अरुतला तेलंगाना पब्लिक स्कूल में डिजिटल कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, आधुनिक रसोई और भोजन कक्ष जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने परिसर का भ्रमण कर इन सुविधाओं का निरीक्षण किया और छात्रों के साथ नाश्ता व फुटबॉल भी खेला। उल्लेखनीय है कि इस स्कूल में 1,814 छात्र पहले ही दाखिला ले चुके हैं और प्रवेश के लिए इतनी भारी माँग है कि 'प्रवेश निषेध' का बोर्ड लगाना पड़ रहा है — जो किसी सरकारी स्कूल के लिए एक असाधारण स्थिति है।

शिक्षा पर सरकार का व्यय और नीतिगत ढाँचा

शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे रेवंत रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना सरकार शिक्षा पर प्रतिवर्ष ₹27,000 करोड़ व्यय कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ किया जा रहा है और इस पहल का लाभ राज्य के 27 लाख सरकारी स्कूली छात्रों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। छात्रों को नाश्ता, दोपहर का भोजन, गुणवत्तापूर्ण वर्दी और शिक्षा किट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

खेल और कौशल विकास पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्कूल छात्रों को खेल प्रशिक्षण भी देंगे ताकि भविष्य में भारत के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार हो सकें। इसी उद्देश्य से यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना ओलंपिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ की गई है। इसके अतिरिक्त, यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल और यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष पर पलटवार

रेवंत रेड्डी ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चेतावनी दी कि यदि वे राज्य सरकार के खिलाफ निराधार आरोप लगाना बंद नहीं करते, तो आगामी विधानसभा चुनावों में वे विपक्ष का दर्जा भी खो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा किटों के लिए सरकार ने ₹680 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं, जबकि विपक्षी दल ₹2,000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को अरुतला TPS का दौरा कर सरकार के प्रयासों का स्वयं मूल्यांकन करने का आमंत्रण दिया।

ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव सहित कई महान नेताओं ने सरकारी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त की थी और उन्होंने स्वयं भी सरकारी स्कूल में पढ़ाई की है। उनका मानना है कि 'तेलंगाना का भविष्य कक्षाओं में निहित है।' यह पहल राज्य की उपेक्षित सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह मॉडल शेष विधानसभा क्षेत्रों में कितनी तेज़ी और गुणवत्ता के साथ दोहराया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह मॉडल — ₹15 करोड़ प्रति स्कूल की लागत पर — तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों तक व्यावहारिक रूप से पहुँच सकता है। ₹27,000 करोड़ का वार्षिक शिक्षा बजट प्रभावशाली दिखता है, लेकिन 27 लाख छात्रों में प्रति छात्र वास्तविक व्यय और सीखने के परिणामों पर कोई स्वतंत्र डेटा सार्वजनिक नहीं है। शिक्षा किट टेंडर को लेकर ₹680 करोड़ बनाम ₹2,000 करोड़ का विवाद अनसुलझा है — इसका पारदर्शी ऑडिट ज़रूरी है। यह पहल दिशा में सही है, पर क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता की निगरानी के बिना यह महज़ उद्घाटनों की श्रृंखला बनकर रह सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना पब्लिक स्कूल (TPS) क्या है?
तेलंगाना पब्लिक स्कूल (TPS) राज्य सरकार द्वारा संचालित अत्याधुनिक सुविधाओं वाला स्कूल है, जिसमें डिजिटल कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ और खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को कॉर्पोरेट शिक्षण संस्थानों के समकक्ष बनाना है।
अरुतला TPS का उद्घाटन कब और किसने किया?
CM ए. रेवंत रेड्डी ने 17 जून को रंगा रेड्डी जिले के अरुतला में TPS का उद्घाटन किया। यह स्कूल ₹15 करोड़ की लागत से निर्मित है और इसमें 1,814 छात्र पहले ही नामांकित हो चुके हैं।
क्या हर विधानसभा क्षेत्र में TPS खुलेगा?
हाँ, CM रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि तेलंगाना के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक TPS स्थापित किया जाएगा। हालाँकि, इस विस्तार की समय-सीमा और बजट का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
तेलंगाना सरकार शिक्षा पर कितना खर्च कर रही है?
तेलंगाना सरकार शिक्षा पर प्रतिवर्ष ₹27,000 करोड़ खर्च कर रही है। इस राशि से राज्य के 27 लाख सरकारी स्कूली छात्रों को नाश्ता, दोपहर का भोजन, वर्दी और शिक्षा किट जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं।
विपक्ष ने शिक्षा किट टेंडर पर क्या आरोप लगाए हैं?
विपक्षी दलों ने शिक्षा किटों के टेंडर में ₹2,000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि टेंडर केवल ₹680 करोड़ का था और इन आरोपों को निराधार बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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